भारत के फाइटर जेट गिरने का दावा करते रहे ट्रंप, अब खुद के कितने गिरे?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के फाइटर प्लेन गिरने के दावे करने वाले डॉनल्ड ट्रंप की अपनी सेना के फाइटर जेट्स उसके 'दोस्त' कुवैत ने ही मार गिराए. हालांकि, ये गलती से हुआ, लेकिन अमेरिका ने ये मान लिया है कि उसके तीन फाइटर जेट गिरे हैं.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को वैसे तो ये बताने से फुर्सत नहीं है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जंग ‘उन्होंने रुकवा दी’ थी, नहीं तो दोनों देश एक-दूसरे पर ‘परमाणु बम’ गिरा देते. लेकिन इन सबके बीच समय निकालकर वो ये अंदाजा लगाने से भी नहीं चूकते कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कितने लड़ाकू विमान गिरे थे. सबसे पहली बार जुलाई 2025 में उन्होंने दावा किया था कि 5 गिरे हैं. दूसरी बार कहा कि 7 या 8 गिरे हैं. तीसरी बार बताया कि 11 गिरे हैं.
वो भारत-पाकिस्तान के गिरे लड़ाकू विमान गिनते रहे, इसी बीच ईरान से चल रही जंग में उनके खुद के तीन फाइटर जेट तबाह हो गए. वह भी दुश्मन ने नहीं किए बल्कि उनके अपने ‘दोस्त’ ने ही तीनों को बम मारकर जमीन पर गिरा दिया.
ये घटना 1 मार्च की रात 11 बजे हुई. ईरान पर सैन्य हमले को अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दे रखा है. इसी ऑपरेशन के तहत अमेरिकी सेना के F-15E स्ट्राइक ईगल विमान उड़ान भर रहे थे. तभी ‘फ्रेंडली फायर’ में कुवैत ने तीनों विमानों को मार गिराया.
फ्रेंडली फायर एक मिलिट्री टर्म है, जिसमें अपनी ही सेना या सहयोगी सेना गलती से अपने ही एयरक्राफ्ट या ग्रुप पर हमला कर देती है.
जाहिर है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष में कुवैत अमेरिका के साथ है. कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकाने भी हैं, जहां पर ईरान ने हाल ही में मिसाइलें भी बरसाई थीं. इसी कुवैत की एयर डिफेंस फोर्स ने 1 मार्च को गलती से अमेरिकी एयरक्राफ्ट को ही जमींदोज कर दिया.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस घटना की पुष्टि की है. उसने बताया कि तीनों विमानों में बैठे सभी 6 पायलट सेफ हैं. वो समय रहते फाइटर प्लेन से बाहर निकल गए थे. कुवैती डिफेंस सिस्टम ने भी गलती से हुई इस घटना को कबूल किया है. इसके कारणों की जांच की जा रही है.
वहीं, इससे पहले कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी थी. बताया था कि प्लेन के क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये कार्रवाई अमेरिकी सेना के साथ मिलकर की गई है.
इधर ईरान का दावा है कि कुवैत में गिरे अमेरिकी विमानों में से एक पर उसने हमला किया था. टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के हवाले से कहा कि ईरान के हथियारबंद बलों ने कुवैत में गिरे एक अमेरिकी विमान को निशाना बनाया था. हालांकि, अमेरिका या कुवैत ने इस बात की पुष्टि नहीं की है.
इसी बीच एक अमेरिकी विमान का आसमान से गिरते वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को जमीन पर गिरते देखा जा सकता है. इसके अलावा उसी फ्रेम में एक व्यक्ति को पैराशूट से उतरते हुए भी देखा जा सकता है.
ट्रंप के बदलते दावेबता दें कि ये उस अमेरिका के साथ हुआ, जिसके राष्ट्रपति ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गिरे भारत और पाकिस्तान के फाइटर जेट्स गिन रहे थे. वो इसे लेकर ‘झूठे’ और ‘बदलते’ दावे करते रहे, जिसे भारत ने हमेशा साफतौर पर खारिज किया.
भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में सैन्य संघर्ष हुआ था. इसे लेकर ट्रंप ने जुलाई 2025 में कहा कि उन्हें लगता है कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष में 5 जेट गिराए गए थे. इसके अगले ही महीने उन्होंने मार गिराए गए जेट्स की संख्या 7 बताई और इस साल फरवरी में दिए उनके एक बयान में यह आंकड़ा 11 तक पहुंच गया.
हालांकि उन्होंने ये कभी साफ नहीं किया कि उनमें से कितने भारत के थे और कितने पाकिस्तान के.
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