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अमेरिका ने चीन पर ऐसा बैन मारा है कि शी जिनपिंग बौखला जाएंगे!

अमेरिका ने इन चाइनीज कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है.

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America chinese telecom apps
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग. (फाइल फोटो)
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धीरज मिश्रा
26 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 26 नवंबर 2022, 01:05 PM IST)
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अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कई चीनी टेलीकॉम डिवाइस को बैन कर दिया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की फेडरल कम्यूनिकेशन कमीशन (एफसीसी) ने अपनी एक बैठक में निर्णय लिया है कि Huawei और ZTE समेत कई बड़े चाइनीज ब्रांड के दूरसंचार और वीडियो निगरानी उपकरणों प्रतिबंध लगाया जाए.

अमेरिकी कमीशन ने कहा कि इन डिवाइसेस के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है, इसलिए ऐसी चीजों की बिक्री की इजाजत नहीं दी जा सकती है. एफसीसी के पांचों सदस्यों ने एकमत होकर इसके पक्ष में वोट किया है और कहा कि ऐसे प्रोडक्ट की बिक्री या आयात पर प्रतिबंध लगाया जाए.

एफसीसी कमिश्नर ब्रेंडन कार ने कहा, 

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अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया था कि हुवावे जैसे चाइनीज ब्रांड 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए उनकी संवेदनशील सूचनाएं हैक कर सकते हैं. एफसीसी ने कहा कि अमेरिकी नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है. इसके लिए विभिन्न डिवाइसेस की पहचान करके उन्हें बैन किया जाएगा.

हुवावे के साथ-साथ Hytera Communications, Hangzhou Hikvision Digital Technology Company और Dahua Technology Company पर भी बैन लगाया गया है.

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक हुवाई और चीनी सरकार ने इन दावों से इनकार किया है कि वे अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर किसी देश की निगरानी करते हैं.

साल 2019 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'सुरक्षित और विश्वसनीय संचार नेटवर्क अधिनियम' नामक एक कानून को मंजूरी दी थी, जिसका मकसद ये पता करना है कि कौन से उपकरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.

मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस कानून को सहमति प्रदान की है.

हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी में से एक है. हालांकि यह अमेरिका और उसके सहयोगी  देशों के साथ विवादों में रहा है. इस कंपनी के खिलाफ कई बार अलग-अलग स्तरों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है.

हुवाई के एक अधिकारी मेंग वानझोउ को अमेरिकी न्याय विभाग के आरोपों के बाद कनाडा में लगभग तीन साल तक हिरासत में रखा गया था. चीनी अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश की थी.

अमेरिका के साथ-साथ कनाडा ने भी हुवाई को 5जी नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है.

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