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अमेरिकी हेलिकॉप्टर डैमेज, बेडरूम से खींचा, मादुरो को पकड़ना ट्रंप को टीवी शो जैसा लगा

America Attacks Venezuela: वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज ने अमेरिकी हमले के बाद अपने देश के लोगों को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय वाशिंगटन से मिल रहे राष्ट्रीय खतरे के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने और मातृभूमि की रक्षा में दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देने की अपील की.

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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस (Reuters) | अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप. (PTI)
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मौ. जिशान
3 जनवरी 2026 (Updated: 4 जनवरी 2026, 09:43 AM IST)
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अमेरिका ने शनिवार 3 जनवरी 2026 की रात को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में ताबतोड़ एयरस्ट्राइक कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी समेत कब्जे में ले लिया. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए इस हमले की पुष्टि की. उन्होंने ये दावा भी किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि, वेनेजुएला सरकार के अधिकारियों ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति मादुरो के जिंदा होने का सबूत मांगा है.

इंडिया टुडे ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया कि जब अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला पर कार्रवाई की, उस समय निकोलस मादुरो एक सैन्य ठिकाने के भीतर बने अपने घर में मौजूद थे. ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने उनके घर पर धावा बोला और मादुरो तथा उनकी पत्नी को बेडरूम से जबरन बाहर खींचकर ले गए. 

मादुरो पर चलेगा मुकदमा

रिपोर्ट के अनुसार, डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को वेनेजुएला से हवाई जहाज के जरिये देश बाहर लाया गया और उन्हें अमेरिकी हिरासत में रखा गया है. उनके मुताबिक, इसके बाद मादुरो को अमेरिकी वारशिप यूएसएस इवो जिमा (USS Iwo Jima) से न्यूयॉर्क ले जाया गया है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मादुरो पर मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में मुकदमा चलेगा. उन पर लगाए जाने वाले आरोपों में नार्को-आतंकवाद (Narco Terrorism) की साजिश, कोकीन तस्करी की साजिश और हथियारों से जुड़े अपराध शामिल हैं.

इंडिया टुडे से जुड़े रोहित शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने बताया कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिकों को कुछ चोटें आई हैं लेकिन कोई मौत नहीं हुई. उन्होंने कहा, 

मैंने यह पूरा ऑपरेशन मार-ए-लागो में एक कमरे में स्क्रीन पर लाइव देखा, बिल्कुल टीवी शो की तरह. हम बेहद प्रोफेशनल थे. हमने कोई विमान नहीं खोया, लेकिन एक हेलीकॉप्टर को भारी नुकसान पहुंचा.

उन्होंने कहा कि मादुरो एक ऐसे घर में थे जिसमें स्टील के दरवाजे थे. उनके पास भागने के लिए एक सुरक्षित जगह थी, लेकिन वह वहां पहुंच नहीं सके. हमने घात लगाकर उन्हें पकड़ लिया. ट्रंप ने कहा कि अब हम तय कर रहे हैं कि वेनेजुएला में आगे सत्ता कौन संभालेगा? मादुरो आखिरी वक्त तक मुझसे बातचीत करना चाहता था. समझौता करना चाहता था, लेकिन मैंने मना कर दिया.

बता दें कि बीते कुछ महीनों से अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जबरदस्त तनातनी चल रही थी. यहां तक कि अमेरिका के संभावित हमले का सामना करने के लिए वेनेजुएला के आम लोग देश की बोलिवेरियन नेशनल मिलिशिया में भर्ती हो रहे थे. यह मिलिशिया वेनेजुएला के नेशनल बोलिवेरियन आर्म्ड फोर्सेज (FANB) के अंदर एक बड़ी नागरिकों पर आधारित रिजर्व फोर्स है. इसे पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने नागरिकों को देश की रक्षा में शामिल करने के लिए बनाया था.

बता दें कि वेनेजुएला पर हमले के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी और वेनेजुएला मानकर चल रहा था कि यह अमेरिका का ही काम है. अमेरिका ने भी शुरू में इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन बाद में डॉनल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर तस्वीर साफ की. शनिवार, 3 जनवरी को ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा,

अमेरिका ने सफलतापूर्वक वेनेजुएला और उसके नेता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिन्हें उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है. यह ऑपरेशन यूएस लॉ एनफोर्समेंट के साथ मिलकर किया गया था."

राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी समयानुसार सुबह 11 बजे फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में एक न्यूज कॉन्फ्रेंस करेंगे. यहां उनकी तरफ से घटना पर और ज्यादा जानकारी दी जाएगी.

वेनेजुएला ने बताया साम्राज्यवादी हमला

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार ने इसे "साम्राज्यवादी हमला" करार दिया है और नागरिकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है. इतना ही नहीं, वेनेजुएला की सरकार ने ट्रंप के इस दावे का सबूत मांगा है कि उन्होंने मादुरो को पकड़ लिया है और वो जिंदा हैं. वेनेजुएला के अखबार EL Universal (Caracas) की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा,

अमेरिका ने काराकस (वेनेजुएला की राजधानी) पर हमला किया है. हमें प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और फर्स्ट लेडी सीलिया फ्लोरेस के बारे में कुछ नहीं पता. हम उनके जिंदा होने का सबूत चाहते हैं.

वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज ने भी अमेरिकी हमले के बाद अपने देश के लोगों को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय वाशिंगटन से मिल रहे राष्ट्रीय खतरे के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने और मातृभूमि की रक्षा में दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देने की अपील की. रक्षा मंत्री लोपेज ने कहा,

हम उस घबराहट के आगे न झुकें जो वे फैलाना चाहते हैं. आइए, हम अराजकता और अव्यवस्था से बचें, जो बम जितने ही घातक हथियार हैं. आइए, हम मजबूत रहें, मुश्किलों का सामना करते हुए अपना ध्यान बनाए रखें और उन सभी राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाओं को लागू करें जिनके लिए हम तैयारी कर रहे हैं.

उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा,

वेनेजुएला के वीर लोगो! मातृभूमि के सैनिको. बोलिवर के बेटो और बेटियो! बोलिवेरियन नेशनल आर्म्ड फोर्स पूरी दुनिया को बताती है कि आज 3 जनवरी 2026 की सुबह वेनेजुएला के लोग संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार द्वारा सबसे आपराधिक सैन्य हमले का शिकार हुए हैं. सम्मान, कर्तव्य और इतिहास हमें पुकारते हैं. आजाद मातृभूमि की आवाज हर कोने में गूंजे! जीत हमारी है, क्योंकि तर्क और गरिमा हमारे साथ हैं! हम जीतेंगे!

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी हमलों के पीड़ितों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है. रूस ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उसने वेनेजुएला पर अटैक को लेकर तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक बुलाने की अपील की है.

 वेनेजुएला में इन हमलों के बाद राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है. 

वीडियो: विदेश मंत्री एस जयशंकर को बलूचिस्तान से मिली चिट्ठी में क्या कहा गया?

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