लड़कों, क्राइम करो, इलाहबाद पुलिस तुम्हें पत्नियों से नवाजेगी
नाबालिग लड़की को किडनैप किया इस आदमी ने. और पुलिस ने आदमी अरेस्ट करने के बजाय लड़की से उसकी शादी करवा दी.
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फोटो - thelallantop
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इलाहबाद पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की शादी करवा दी. उसी से, जिसने उस लड़की का अपहरण किया था. और पुलिस ने ऐसा किया पंचों के कहने पर.
7 जुलाई को प्रमोद कुमार नाम के आदमी ने 14 साल की लड़की को किडनैप कर लिया था. हफ्ते भर बाद गांव के उतरांव थाने में रिपोर्ट लिखवाई गई. किडनैपर दिल्ली पहुंच चुका था. और दिल्ली पुलिस ने किडनैपर और लड़की, दोनों को उतरांव थाने को सौंप दिया.
दोनों थाने आए, तो खबर गांव में फैली. पंचों को बुलाया गया. लड़की के पिता को फ़ोन किया गया. पिता किसी काम से गांव के बाहर गए हुए थे. कहे, मुझे कोई बात नहीं कहनी. इधर पंचों ने ऑर्डर दिया, कि जिसने लड़की को किडनैप किया, उसी से लड़की की शादी होनी चाहिए. पुलिस ने पंचों की बात मानते हुए 2 घंटे के अंदर-अंदर लड़की की शादी करवा दी.
लड़के के बाप से शादी के बारे में जब पूछा गया, उन्होंने कहा कि शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई है. लेकिन शादी के समय दोनों ही परिवार वहां नहीं थे.
गांव वाले पुलिस से नाराज हुए. और धरना प्रदर्शन किया. लेकिन पुलिस के पास बोलने को कुछ भी नहीं था. गांव वाले कहते हैं कि तब तक धरना दिए रहेंगे जबतक पुलिस वालों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाएगा.
पंचों के फैसलों पर लोग इसलिए भरोसा करते हैं, क्योंकि उन्हें जिम्मेदार और समझदार माना जाता है. लेकिन वाह रे समझदारी, जिससे लड़की को बचाना था, उसी के हाथ उसे सौंप दिया. और पुलिस, जिसको क़ानून की रखवाली करनी होती है, जबरन गैरकानूनी काम करवा रही है. कल को वो लड़का अगर लड़की पर शारीरिक और मानसिक हिंसा करे, तो क्या पुलिस इसकी जिम्मेदारी लेगी? या कल को नाबालिग लड़की की प्रेगनेंसी की जिम्मेदारी लेगी?

