आज मालूम चलेगा अजय मिश्रा टेनी मंत्री रहेंगे या नहीं
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेनी पर 23 साल पहले एक छात्रनेता की हत्या का आरोप लगा था. आज फैसला आने वाला है.

यूपी के लखीमपुर ज़िले का तिकुनिया एक बार फिर चर्चा में आने वाला है. 2021 में किसानों पर थार चढ़ाने को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा और उनके सहयोगियों पर आरोप लगे थे. आशीष मिश्रा जेल भी गए और बेल पर बाहर भी आ गए. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाने के लिए विपक्षी दलों ने जमकर बवाल किया मगर वो अपने पद पर बने रहे. लेकिन शुक्रवार, 19 मई को ये तय हो जाएगा कि टेनी मंत्री बने रहेंगे या उनकी कुर्सी जाएगी. 23 साल पुराने हत्या के एक मामले में अजय मिश्रा टेनी आरोपी हैं, और आज मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा.
क्या था पूरा मामलालखीमपुर खीरी के तिकुनिया थाना क्षेत्र के बनवीरपुर गांव में 8 जुलाई, 2000 को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे प्रभात गुप्ता की हत्या कर दी गई थी. मृतक प्रभात गुप्ता के पिता संतोष गुप्ता ने एफआईआर दर्ज कराई. इस एफआईआर में अजय मिश्रा टेनी समेत 4 लोगों को हत्या का आरोपी बनाया गया. अजय मिश्रा टेनी के अलावा सुभाष मामा, शशि भूषण और राकेश डालू नामजद आरोपी बनाये गए थे.
निचली अदालत से बरी हो गए थे टेनीप्रभात गुप्ता हत्याकांड में दर्ज एफआईआर का मामला निचली अदालत में चला लेकिन सबूतों के आधार पर टेनी समेत सभी आरोपी निचली अदालत से बरी हो गए. प्रभात गुप्ता के पिता संतोष गुप्ता ने मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी. 2005 में संतोष गुप्ता के निधन के बाद प्रभात के भाई राजीव गुप्ता ने मुक़दमे को आगे बढ़ाया. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेणु अग्रवाल की बेंच ने इस मामले की सुनवाई नवम्बर 2022 में पूरी कर ली थी. लेकिन दोनों जजों ने फैसला लिखवाते समय पाया कि कुछ बिंदुओं पर अभी भी स्पष्टीकरण की ज़रूरत है. इसके बाद फिर से बेंच ने मामले पर सुनवाई जारी रखी. अब जस्टिस मसूदी और जस्टिस शुक्ला की बेंच इस मामले में फैसला सुनाने वाली है.
ऐसे चर्चा में आये थे टेनीअक्टूबर 2021 में लखीमपुर में किसानों का आंदोलन चल रहा था. अचानक प्रदर्शनकारी किसानों की भीड़ पर थार जीप चढ़ने की ख़बर आयी. थार के नीचे आने से एक पत्रकार और 4 किसान मारे गए. इसके बाद किसान उग्र हो गए और गाड़ियों के काफिले में सवार लोगों पर हमला कर दिया. इस हमले में 3 लोगों की जान और गई. किसानों और पत्रकार को कुचलने का आरोप लगा केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा टेनी पर.
इसी बीच मंत्री टेनी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो कथित तौर पर किसानों को धमकी देते नज़र आये. घटना का वीडियो और टेनी के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में टेनी का विरोध हुआ. बवाल हुआ, सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांग ली, तब जाकर आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया गया. इस बीच अजय मिश्रा टेनी को हटाने के लिए विपक्ष के बड़े-बड़े नेताओं ने बवाल काटा लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने टेनी से इस्तीफ़ा नहीं लिया. फ़िलहाल आशीष मिश्रा ज़मानत पर जेल से बाहर है. और अजय मिश्रा केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री हैं.
क्या बोले प्रभात गुप्ता के भाई राजीव गुप्ताप्रभात गुप्ता के पिता ने 5 साल मुकदमा लड़ा. उनके जाने के बाद प्रभात के भाई राजीव गुप्ता ने 18 साल और मुक़दमे को आगे बढ़ाया. दी लल्लनटॉप से बातचीत में राजीव गुप्ता ने कहा कि उन्हें द्वारकाधीश और न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है. उन्हें न्यायपालिका पर यक़ीन है, जो फैसला कोर्ट देगा, वो मंजूर है. उन्होंने कहा कि 23 सालों में पहले उनके पिता और फिर उन्होंने कठिन लड़ाई लड़ी है. अब जो फ़ैसला आएगा, उसका इंतज़ार कर रहे हैं.
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