नामीबिया से पिंजरों में पूरे होश में लाए जाएंगे 8 'खूंखार' चीते, अगर गड़बड़ हुई तो...
चीतों के साथ विमान में तीन पशु डॉक्टर मौजूद रहेंगे.

अफ्रीका के नामीबिया (Namibia) से 17 सितंबर को 8 चीतों को भारत लाया जा रहा है. खबर है कि चीतों को लाने के लिए नामीबिया के हुशिया कोटाको इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक स्पेशल विमान भी पहुंच चुका है. इसी में सवार होकर पांच मादा और तीन नर चीते भारत के लिए रवाना होंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीतों को बड़े पिंजरों में डालकर लाया जा रहा है, वो भी बिना बेहोश (Tranquilise) किए हुए. चीतों के साथ विमान में जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम भी होगी.
चीतों को लाने की क्या है तैयारी?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चीतों को 114 सेमी X 118 सेमी X 84 सेमी के साइज वाले पिंजरों में लाया जा रहा है. खबर है कि चीतों को बेहोश करने की कोई योजना नहीं है. बोईंग 747 विमान चीतों को लाने के लिए खास तरीके से मॉडिफाई किया गया है. ये एक चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट है, जो 16 सितंबर की रात को नामीबिया की राजधानी विंडहोक से उड़ान भरेगी. रात का वक्त इसलिए चुना गया क्योंकि इस दौरान तापमान सबसे कम रहता है.
कैसा रहेगा सफर?विमान में चीतों के साथ तीन पशु चिकित्सकों की एक टीम होगी. लगभग 10 घंटे की यात्रा के बाद चीते 17 सितंबर की सुबह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उतरेंगे. वहां से चीतों को हेलिकॉप्टर में शिफ्ट किया जाएगा और फिर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क ले जाया जाएगा. ये सफर लगभग 40 मिनट का होगा. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन्हें खुले जंगल में छोड़ेंगे.
दक्षिण अफ्रीका से आने वाले इन चीतों को पहले से ही यात्रा के लिए तैयार किया गया है. इनके वैक्सीनेशन और हेल्थ चेकअप के लिए ब्लड टेस्ट किए जा चुके हैं. हर चीते की जियोलोकेशन अपडेट के लिए उन पर रेडियो कॉलर भी लगाए गए हैं.
पहले महीने क्वारंटीनकूनो नेशनल पार्क में चीतों को लगभग एक महीने के लिए 1,500 वर्ग मीटर के एक बाड़े में क्वारंटीन किया जाएगा. इस दौरान उनकी बारीकी से निगरानी की जाएगी कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं है. फिर उन्हें 6 वर्ग किलोमीटर के बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा. उनके स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी होगी. फिर आखिरकार उन्हें 740 वर्ग किलोमीटर के पार्क में छोड़ा जाएगा.
नेशनल पार्क में इन चीतों के रहने की विशेष व्यवस्था की गई है. इनकी देखरेख करने वाले स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी गई है. ये तमाम चीते नामीबिया के अलग-अलग इलाकों से लाए जा रहे हैं.
देखें वीडियो- चीतों से शिकार करवाया और चीते ही खत्म हो गए, अब अफ्रीकी चीतों से क्या करने जा रहे?

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