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एयरलिफ्ट 2.0: लोकेशन साउथ सूडान, स्टारकास्ट- इंडियन आर्मी, सुषमा स्वराज, वीके सिंह

600 भारतीयों को लाने के लिए ऑपरेशन संकटमोचन शुरू.

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14 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 14 जुलाई 2016, 06:17 AM IST)
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साउथ सूडान की हिंसा में फंसे 600 भारतीय अब इंडिया लौट सकेंगे. थैंक्स टू फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज एंड इंडियन आर्मी. भारतीयों को वतन लाने के लिए ऑपरेशन संकटमोचन फुल स्पीड में चालू हो गया है. विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह इस 'संकटमोचन' की अगुवाई कर रहे हैं.
गुरुवार तड़के इंडियन आर्मी के दो C-17 ग्लोबमास्टर हैवी लाइफ एयरक्राफ्ट जूबा के लिए निकल लिए हैं. वीके सिंह ने तस्वीर के साथ ट्वीट कर कहा, 'वहां फंसे इंडियंस को लाने के लिए हम अपना बेस्ट देंगे. दुआ के लिए शुक्रिया.'
https://twitter.com/Gen_VKSingh/status/753375175291330560
 
अक्षय कुमार की फिल्म आई थी एयरलिफ्ट. 1990 के दौर में कुवैत में फंसे भारतीयों को बचाकर निकालने की कहानी, एयरलिफ्ट. फिल्म के हीरो अक्षय साउथ सूडान में फंसे भारतीयों को लेकर भी एक्टिव नजर आए. सुषमा स्वराज को ट्वीट कर कहा, 'मैम आपसे गुजारिश है कि साउथ सूडान में फंसे लोगों की जल्दी मदद की जाए.' सुषमा ने अक्की को ट्विटर पर ही जवाब दिया. कहा, 'अक्षय कुमार जी. चिंता मत कीजिए. हम जूबा में फंसे भारतीयों को निकाल रहे हैं.'
operation sankat mochan

इंडियन आर्मी की 'जय-जय' असली संकटमोचक बनकर आई है इंडियन आर्मी. जब गुरुवार सुबह हम सो रहे थे, तब वो तड़के साउथ सूडान रवाना हो गए. ये तो वो फौजी हुए, जो इंडिया से अब गए हैं. साउथ सूडान में जो बवाल चल रहा है, वहां संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत ढाई हजार आर्मी पर्सन पहले से ही तैनात हैं. सुषमा स्वराज पहले ही डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर और इंडियन एयरफोर्स को थैंक्यू बोल चुकी हैं, मदद के लिए.
https://twitter.com/MEAIndia/status/753388099791622145
कितने भारतीय हैं साउथ सूडान में? साउथ सूडान की राजधानी है जूबा. इस जगह अब तक 450 भारतीयों के फंसे होने की खबर है. इस शहर के अलावा बाकी हिस्सों में करीब 150 भारतीय फंसे हैं. ऑपरेशन संकटमोचन की अगुवाई कर रहे वीके सिंह इस काम के लिए यूं भी सही आदमी हैं, क्योंकि बीते साल यमन से चार हजार से ज्यादा भारतीयों को निकालने का काम इन्हीं की निगरानी में हुआ था. वीके सिंह के अलावा अमर सिन्हा, अंजनी कुमार और जॉइंट सेक्रेटरी सतबीर सिंह भी जूबा जाएंगे.
कैसे बचाए जाएंगे भारतीय? हमारे जहाज जूबा जाएंगे. जिन इंडियंस के पक्के कागज होंगे, उन्हें प्लेन में चढ़ने दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, करीब 300 भारतीय अब तक वहां भारतीय दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. एक पैसेंजर को अपने साथ मैक्सिमम 5 किलो का सामान रखने की इजाजत होगी. एयरफोर्स के प्लेन में औरतों और बच्चों को पहले जगह दी जाएगी. ये रास्ता कुछ यूं होगा.

जूबा- कंपाला- तिरुअनंतपुरम- दिल्ली


नक्शे में इंडिया से साउथ सूडान का रास्ता
नक्शे में इंडिया से साउथ सूडान, जूबा का रास्ता

जो पैसेंजर्स तिरुअनंतपुरम या दिल्ली के होंगे, वो वहीं उतर लेंगे, बाकी इन दोनों जगहों से अपनी आगे की जर्नी पर चले जाएंगे.
क्यों साउथ सूडान में मचा है बवाल? इस देश में प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट रिक माचर के सपोर्टर्स के बीच लंबे वक्त से मार-काट मची हुई है. 272 से ज्यादा मारे जा चुके हैं. प्रेसिडेंट साल्वा कीर ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है. बता दें कि साउथ सूडान में जो चल रहा है, इसकी वजह से अब तक 36 हजार लोग अपना घर छोड़ कर जा चुके हैं.
 
साउथ सूडान में हजारों लोग छोड़ चके हैं घर, फोटो क्रेडिट: AP
साउथ सूडान में हजारों लोग छोड़ चके हैं घर, फोटो क्रेडिट: AP

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