ये हफ्ता इन्हीं के हलगुम्मे में तो निकल रहा है. एनकाउंटर पर गरम पॉलिटिक्स के बीचभोपाल से एक और खबर आई है. कि जो कथित SIMI मेंबर मार दिए गए वो तो सिर्फ आठ थे.लेकिन बाकी 29 के भागने का भी फुल प्रूफ प्लान था. इसी जेल में एमपी का SIMI चीफअबू फैजल भी था. वो भी निकलने वाला था जुगाड़ से. साबुन पर चाबियों के निशान, 17नकली चाबियां, जेल रजिस्टर पर हिंदी और अंग्रेजी में पैर से लिखा (माने घटियाराइटिंग) 'हम दीपावली पर आ रहे हैं.' ये सारी चीजें नई तफ्तीश में सामने आई हैं. इसरिपोर्ट के हिसाब से ब्लॉक बी से भागे थे ये आठों लोग. भागने से पहले ये ब्लॉक ए कीतरफ गए. उसमें बंद लोगों को छुड़ाने. अबू फैजल भी इसी ब्लॉक में था. लेकिन हेडकॉन्स्टेबल रमाशंकर यादव और कॉन्स्टेबल चंदन सिंह ने अटका लिया. लड़ाई हुई जिसमेंरमाशंकर की जान लेकर ये फरार हो गए. ऐसा माना जा रहा है कि इन लोगों ने भागने कीप्लानिंग तब की होगी, जब ये जेल अस्पताल में भर्ती थे. ए और बी ब्लॉक के लोग एकसाथ. जांच में ब्लॉक बी से कागज के छोटे मुड़े-तुड़े टुकड़े मिले हैं. जिसमेंपहाड़ी के नक्शे थे. उर्दू में कुछ इबारत लिखी थी. जांच करने वालों के हिसाब से वोइसी पहाड़ी पर कुछ दिन छिपने वाले थे. कुछ सूखा खाना मिला, जो छिपने के दौरान कामआता. अब दूसरी तरफ का पक्ष सुनो. मारे गए आठों में से सात का केस लड़ रहे थे परवेजआलम. उन्होंने कुछ सवाल उठाए हैं और इस एनकाउंटर को नकली बताया है. कहा कि जेल केCCTV तो खराब बताए गए हैं. लेकिन अगर फुटेज सामने आए तो सारा खेल खुल जाएगा.हिंदुस्तान टाइम्स अखबार को कुछ पॉइंट्स बताए हैं. पढ़ो:आठों को लगी कमर के ऊपर गोलीआलम ने बुधवार को बताया कि मारे गए सारे लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी गई थी.ज्यादातर को सिर पर और छाती में. ऐसा लगा कि सामने से फायर किये गए हों. ऐसा होसकता है कि उन्होंने हेड कॉन्स्टेबल का मर्डर किया हो. लेकिन उसके बाद का काम मतलबएनकाउंटर स्क्रिप्टेड है.सीनियर अफसरों के बयान मैच नहीं कर रहेऐसा लगता है कि या तो बिना तैयारी के बयान दिए गए. या गलत बयान दिए गए. आईजी चौधरीने कहा कि कैदी बेडशीट के सहारे भागे. लेकिन जेल में बेडशीट मिलती ही नहीं.ब्लैंकेट मिलते हैं. और सबसे अजीब है टूथब्रश से चाबी बनाकर ताले खोलना. कोई कैसेयकीन करे इस पर?भागकर एक साथ क्यों रहे?अजीब तो ये भी है कि ये अलग क्यों नहीं हुए. इनमें से चार पहले भी भाग चुके थे.लेकिन तब वो गुट से बिखरकर भागे थे. दूसरी बात वो सुबह 10 से 11 बजे के बीच मारेगए. मतलब पहले 7-8 घंटे थे उनके पास. चाहते तो भोपाल जिला क्रॉस कर सकते थे. क्याकरते रहे वो? स्टेट के एंटी टेरर स्क्वॉड मुखिया संजीव शामी ने एक टीवी चैनल कोबताया कि ये SIMI मेंबर बिना हथियारों के थे. ये भी कहा कि इस एनकाउंटर में किसीपुलिस वाले को जरा भी चोट नहीं आई. जबकि आईजी योगेश चौधरी ने कहा कि दो लोगों कोचोट आई थी. परवेज आलम ने कहा कि वो पिटीशन दायर करने जा रहे हैं. इसकी पूरी जांच केलिए. कोशिश करेंगे कि जांच हाईकोर्ट जज या CBI करे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश की जेलों से ही क्यों भागते हैं कैदी? मध्य प्रदेश'एनकाउंटर' का तीसरा वीडियो, जिससे पूरी पिक्चर क्लियर हो गई है जो एनकाउंटर मेंमारे गए, उनके बारे में सबसे डरावनी बात पढ़िए भोपाल एनकाउंटर: इन दो चश्मदीदों नेनिकाली पुलिस के दावे की हवा 'मैंने एनकाउंटर का वीडियो बनाया था, पुलिस वाले नेफोन छीन लिया'