JNU हमले पर आलिया ने जो कहा, सरकार के खिलाफ उतनी मजबूत बात किसी एक्टर नहीं कही
आलिया जो कह रही हैं, वो हमें कान खोलकर सुनना चाहिए.
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पहली तस्वीर में आलिया और दूसरी तरफ उनकी स्टोरी का स्क्रीनग्रैब.
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जेएनयू में क्या हुआ सबको पता है. फिर भी याद दिलाते चलते हैं. 5 जनवरी की शाम मास्क लगाए कई लोग जेएनयू में घुस गए. छात्रों और टीचरों को पीटा गया. तीन हॉस्टलों में तोड़फोड़ की गई. इस अटैक में कुछ दो दर्जन से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबरें हैं. ये कॉलेजों में घुसकर स्टूडेंट्स के साथ मारपीट करना कुछ ज़्यादा ही रेगुलर हो गया है. पहले जामिया, फिर अलीगढ़ और अब जेएनयू. इसके खिलाफ देशभर में लोग सड़कों पर उतर चुके हैं. जो नहीं उतर सकते उन्होंने सोशल मीडिया को अपने प्रोटेस्ट का माध्यम बनाया है. इस मामले पर पहले से अनुराग कश्यप, अनुभव सिन्हा, स्वरा भास्कर, ऋचा चड्ढा, मो. ज़ीशान अयूब जैसे कई सेलेब्रिटीज़ बात कर रहे थे. अब इसमें कुछ मेनस्ट्रीम यानी बड़े फैनबेस वाले नाम भी जुड़ते गए. कृति सैनन, सोनम कपूर, राज कुमार राव, तापसी पन्नू और अब आलिया भट्ट.
कई बार अपील करने के बावजूद सेलेब्स बोलने से बचते हैं. लेकिन अब उन्हें भी ये मामला इतना गंभीर लगने लगा है कि अपनी आवाज़ उठाने की ज़रूरत महसूस हो रही है. आलिया ने इस मामले पर बात करते हुए इंस्टा स्टोरी शेयर की. इसमें वो कहती हैं-

आलिया भट्ट की इंस्टाग्रैम स्टोरी का स्क्रीनग्रैब.
वीडियो देखें: JNU हिंसा पर भुवन बाम ने सबसे समझदारी वाली बात कही और एक को मुंहतोड़ जवाब भी दिया
कई बार अपील करने के बावजूद सेलेब्स बोलने से बचते हैं. लेकिन अब उन्हें भी ये मामला इतना गंभीर लगने लगा है कि अपनी आवाज़ उठाने की ज़रूरत महसूस हो रही है. आलिया ने इस मामले पर बात करते हुए इंस्टा स्टोरी शेयर की. इसमें वो कहती हैं-

आलिया भट्ट की इंस्टाग्रैम स्टोरी का स्क्रीनग्रैब.
''हर दिन मामला और डिस्टर्बिंग होता जा रहा है. चल क्या रहा है?आलिया ने जो कहा, उससे उनका पक्ष साफ है कि वो किस साइड पर खड़ी हैं. जो लॉट मुंबई से दिल्ली पीएम मोदी से मुलाकात करने आया था, उसमें से ऐसा करने वाली आलिया पहली हैं. इन्होंने बीच का रास्ता पकड़कर बैलेंस बनाने का प्रयास नहीं किया. उन्हें जो कहने की ज़रूरत थी, वही कहा.
जब स्टूडेंट, टीचर्स और शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट करने वाले लोग रेगुलर तरीके से शारीरिक हमले का शिकार होने लगते हैं, तब हमें ये दिखावा बंद कर देना चाहिए कि सब कुछ ठीक है. हमें सच्चाई का सामना करना चाहिए. ये स्वीकार करना चाहिए कि हम गृह युद्ध में शामिल हो चुके हैं. इस देश के लोग हमारी विचारधारों से कितने भी अलग क्यों न हों, हमारी सभी मुश्किल समस्याओं का मानवीय सॉल्यूशन खोजा जाना चाहिए. और उन शांतिपूर्ण और इनक्लूसिव (समावेशी) आदर्शों को मजबूत करना चाहिए, जिन पर ये देश बना था.
कोई भी विचारधारा जो हमें अलग करती हो, हम पर ज़ुल्म करती हो और हिंसा को बढ़ावा देने का प्रयास करती हो, उसका हमें मजबूती से विरोध करना चाहिए.''
वीडियो देखें: JNU हिंसा पर भुवन बाम ने सबसे समझदारी वाली बात कही और एक को मुंहतोड़ जवाब भी दिया

