उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2021 से जुड़ी बड़ी खबर. समाजवादी पार्टी के अध्यक्षऔर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वे अगले साल होने वालेविधानसभा चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे. समाचार एजेंसी पीटीआई को इंटरव्यू देतेहुए अखिलेश यादव ने ये जानकारी दी. साथ ही कहा कि चुनाव के लिए राष्ट्रीय लोक दल(RLD) के साथ सपा का गठबंधन पक्का है, बस सीटों का बंटवारा तय होना बाकी है.SP supremo Akhilesh Yadav says he will not be contesting the next Uttar PradeshAssembly polls— Press Trust of India (@PTI_News) November 1, 2021 वहीं, चाचा शिवपाल यादव कीप्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (PSPL) के साथ चुनाव में उतरने के सवाल पर अखिलेशयादव ने कहा, "मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है. उन्हें (यानी शिवपाल यादव) और उनकेलोगों को सम्मान दिया जाएगा." अखिलेश यादव इस समय आजमगढ़ से सांसद हैं. उन्हें बेशक2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों में सपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानाजा रहा था. लेकिन चुनाव नहीं लड़ने की बात कह कर अखिलेश यादव ने बड़ा सवाल खड़ा करदिया है कि अब सपा की तरफ से सीएम पद का दावेदार कौन होगा. हालांकि ये भी ध्यान रहेकि सीएम बनने के लिए अखिलेश यादव का MLA होना जरूरी नहीं है. अगर चुनाव में सपा कीजीत हुई तो वे विधान परिषद की सदस्यता लेकर भी सीएम बन सकते हैं. बाकी चुनाव कापरिणाम आने तक ऐसी तमाम अटकले और अनुमान लगाए जाते रहेंगे.पार्टी क्या कह रही?ये साफ नहीं है कि अखिलेश यादव ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला अपने मन से लिया है यापार्टी के लोगों से बातचीत करने के बाद. उनके बयान को लेकर सपा की मीडिया सेल केहेड आशीष यादव ने ट्विटर पर जो प्रतिक्रिया दी, उसे देखने के बाद अटकलों का सिलसिलाऔर बढ़ने वाला है. पीटीआई के ट्वीट के आधे घंटे बाद आशीष यादव ने ट्विटर पर कहा,"उत्तर प्रदेश से भाजपा होगी पूरी तरह साफ. उत्तर प्रदेश की जनता सपा के साथ.समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी के विधानसभा चुनाव लड़नेका निर्णय पार्टी लेगी." आजतक की खबर के मुताबिक सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्रचौधरी ने भी अखिलेश के चुनाव नहीं लड़ने की बात खंडन किया है. यानी सपा प्रमुखयूपी चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है. 'हार के डर से किया ऐलान'ये हम नहीं कह रहे. सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव को पता हैकि उनकी पार्टी यूपी चुनाव नहीं जीतने वाली, इसलिए वे पहले ही मैदान छोड़कर भाग रहेहैं. ट्विटर पर कई लोगों ने अखिलेश के ऐलान पर चुटकी ली है. आंदोलनजीवी आनंद नाम केट्विटर हैंडल से कहा गया, "जो डर गया समझो मर गया. जंग से पहले ही हार मान लियाजिन्ना का पुत्र." Jo darr gaya samjho marr gaya. Jung se pehle haar maan liyaJinnah ka putar aur bjp ka hum bistar. https://t.co/hH9w60VXru — AndolanjeeviAnand (@INDIAisGR8at70) November 1, 2021 अनूप नाम के यूजर ने कहा, "अखिलेश यादवने तो लड़ाई शुरू होने से पहले ही हार मान ली."Akhilesh Yadav has given up even before the fight began https://t.co/Jw7Bn7FaTi— Anoop (@AnoopChathoth) November 1, 2021 कुछ ऐसी ही बात अरुण डोगरा ने कही. "समयसे पहले ही भाग खड़े हुए." Samay se pahle hi bhag khadey hue.https://t.co/R7W6Tr3FDn — Arun dogra (@Arundog92655094) November 1, 2021 चुनावका परिणाम आने में तो अभी कुछ महीने बाकी हैं. लेकिन कुछ लोगों ने ये सवाल कर लियाहै कि अगर अखिलेश चुनाव नहीं लड़ेंगे और सीएम नहीं बनेंगे तो फिर जीतने पर सपा किसेमुख्यमंत्री बनाएगी. जैसे डॉ. शिवांश सिंह चौहान ने पूछा, "अगर आप जीत गए तो सीएमकौन बनेगा, डिंपल यादव?"What???!!!!!🙄🙄🙄 Fir CM kaaun banega if u win dimple yadav?https://t.co/7BRvV6Jm1d— Dr.Shivansh Singh Chauhan (@ChauhanSahabMP) November 1, 2021 वहीं, कुछ कामानना है कि अखिलेश यादव ने ये बात कहकर कांग्रेस को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दियाहै. ट्विटर पर मुकेश भल्ला नाम के व्यक्ति ने कहा, "ये कांग्रेस को इनडायरेक्टसपोर्ट करने का तरीका है." यह कांग्रेस को इनडाइरेक्ट सपोर्ट करने का तरीका हैhttps://t.co/ntp3LOlwn9 — Mukesh Bhalla (@MukeshBhalla777) November 1, 2021जिन्ना वाला मामला क्या है?अखिलेश यादव ने चुनाव नहीं लड़ने की बात ऐसे समय में कही है जब वे मोहम्मद अलीजिन्ना को लेकर दिए अपने बयान के लिए जबर्दस्त विरोध का सामना कर रहे हैं. एकचुनावी रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने जिन्ना का नाम महात्मा गांधी,सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के साथ ले लिया. कहा कि गांधी, पटेल, नेहरू और जिन्नाएक ही संस्था से पढ़कर निकले और बैरिस्टर बने और देश को आजादी दिलाई. ये भी कहा किइन लोगों को कैसा भी संघर्ष करना पड़ा हो, ये लोग उससे पीछे नहीं हटे. इसी कोलेकर बीजेपी सपा प्रमुख पर हमलावर है. वो अखिलेश के बयान को उनका 'जिन्ना प्रेम'बता रही है. यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है, "अखिलेश यादव नेजिन्ना के प्रति प्रेम जता के देश के विभाजन के समय करोड़ों लोगों के संघर्ष को हीनहीं बल्कि सरदार पटेल को भी अपमानित किया है."अखिलेश यादव ने जिन्ना प्रति प्रेम जता के देश के विभाजन के समय करोड़ों लोगों केसंघर्ष को ही नहीं अपितु सरदार पटेल को भी अपमानित किया है: उप मुख्यमंत्री श्री@kpmaurya1#जिन्ना_प्रेमी_अखिलेश pic.twitter.com/TbxxgkAiit— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) November 1, 2021'खास वोटबैंक' के लिए सरदार पटेल की तुलना विभाजनकारी जिन्ना से करने वाले अखिलेशका चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरदार पटेल का अपमान करने वाले अखिलेश को पूरे समाज सेमाफी मांगनी चाहिए।#जिन्ना_प्रेमी_अखिलेश pic.twitter.com/IzKTsGxEi6 — BJP UttarPradesh (@BJP4UP) November 1, 2021 वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा किअखिलेश का जिन्ना की तुलना सरदार पटेल से करना अत्यंत शर्मनाक है. योगी ने कहा किसरदार पटेल भारत की एकता-अखंडता के आधार और शिल्पी हैं. उनके समकक्ष जिन्ना को रखकरअखिलेश यादव ने अपनी विभाजनकारी मानसिकता दिखाई है.