नीतीश कुमार के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का बयान दिल तोड़ने वाला है!
ये बंधन तो 'वॉर' का बंधन है.
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फोटो - thelallantop
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बिहार में बहार वापस आ चुकी है. महाठगबंधन स्स्सॉरी महागठबंधन टूट चुका है. नीतीश कुमार छठीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ ले चुके हैं. कल तक उनको गालियां देने वाले सुशील मोदी उनके डिप्टी हो गए हैं. चारों तरफ बवाल मचा हुआ है. लेकिन अखिलेश यादव फुल मूड में हैं. आज यानी 27 जुलाई की तारीख नोट कर लो. एकदम भोरे भोरे उठ के बड़ा मजेदार ट्वीट ठोंक दिया है.
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अब थोड़े भारी भारी शब्द सुन लीजिए. भारतीय लोकतंत्र की यही ताकत है. इसमें अनुपम खेर के नाटक का मूल छिपा हुआ है. यानी 'कुछ भी हो सकता है.' आधे घंटे पहले तक जो किसी के खून का प्यासा था उसी से गठबंधन हो सकता है. जिसके साथ दांत काटी रोटी थी उसको अंतरात्मा की आवाज पर धक्का देकर किनारे किया जा सकता है. बिहार हारने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी ने नीतीश कुमार के डीएनए को निशाने पर लिया है. अब उनको बधाई प्रेषित कर दी है. ऐसा लग रहा था उन्होंने ट्वीट टाइप कर रखा था, बस चेंपना था. सो चेंप दिया.ना ना करते, प्यार तुम्हीं से कर बैठे करना था इंकार मगर इक़रार तुम्हीं से कर बैठे Bihar Today
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 27, 2017
इस सबमें एक शख्स को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा. नीतीश के इस्तीफे की खबर सुनते ही लालू जी की आंखों के आगे अंधेरा छा गया, काटो तो खून नहीं, मुंह खुला का खुला रह गया, कलेजे पर सांप लोट गया. समझ में नहीं आया कि क्या ट्वीट करें लेकिन ये कर दिया.भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में जुड़ने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई। सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2017
हमारे ऊपर भ्रष्टाचार के तथाकथित आरोप पहले से ही थे। क्या गठबंधन करते और सरकार बनाते वक़्त नीतीश कुमार नहीं जानते थे? — Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) July 26, 2017लोग तो ये भी कहने लगे थे कि "बिहार तो सिर्फ झांकी है, अभी तो दिल्ली बाकी है." लेकिन केजरीवाल खतरे को भांप गए हैं तभी तो मुंह में दही जमाकर बैठे हैं. नहीं तो जो आदमी बिना चार लोगों पर आरोप लगा दिये सुबह कुल्ला नहीं करता था, वो इतने दिन कैसे चुप रह गया. फिर भी कपिल मिश्रा उम्मीद से हैं. बड़ी दूर का निशाना साध रहे हैं. उनको भले पार्टी से निकाल दिया गया है लेकिन वो अपने ट्विटर हैंडल से AAP नही निकाल सकते, बदनसीबी इसी को कहते हैं.
काश, दिल्ली के CM में भ्रष्टाचार के सामने न झुकने की #nitishkumar जैसी नैतिक ताकत होती। — Kapil Mishra (@KapilMishraAAP) July 26, 2017बिहार में गोटियां बिखर गई हैं. अभी कुछ कहना नहीं है, बस बात सुनते रहो.
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