अखिलेश यादव के 'चिलमजीवी' वाले बयान को लेकर बवाल मच गया है. बीजेपी तो अखिलेशयादव पर हमलावर है ही, संत समाज भी उन पर तगड़ा उखड़ गया है. धमकी भी दी है. लेकिनपहले जानिए अखिलेश यादव ने कहा क्या था. बुधवार, 17 नवंबर को गाजीपुर जिले में एकजनसभा के दौरान अखिलेश यादव बोले, जहां तक मैं देख पा रहा हूं, लोग ही लोग दिखाई देरहे हैं. लाल पीला, हरा, नीला. सब रंग का इंद्र धनुष हमें दिखाई दे रहा है. लेकिनये एक रंग वाले कहीं किसी के जीवन में रंग नहीं ला सकते. समाजवादी पार्टी का काम सबरंग वाले लोगों को साथ लेकर चलने का है. ये एक रंग के लोग, ये चिलमजीवी कभी उत्तरप्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर नहीं ले जा सकते. और खुद (पीएम मोदी) तो चल रहे थेचार पहिए की गाड़ी में, और कोई (सीएम योगी) चल रहा था पैदल-पैदल. अभी तो जनता कोकरना है इन्हें पैदल. लेकिन ये तो पहले ही हो गए पैदल. सीएम योगी का नाम लिए बिनाअखिलेश ने उनके लिए चिलमजीवी शब्द का इस्तेमाल कर भगवा समर्थक दल और संत समाज कोनाराज कर दिया है. उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने अखिलेश कावीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, सूरज के तेज का रंग है भगवा, सुख-शांति का प्रतीक हैभगवा. इस रंग से इतना डर गए? हिन्दू साधु-संतों के प्रति नफरत फैलाने का कामजोर-शोर से जारी है.सूरज के तेज का रंग है भगवा, सुख-शांति का प्रतीक है भगवा…इस रंग से इतना डर गए?हिन्दू साधु-संतों के प्रति नफरत फैलाने का काम जोर-शोर से जारी है।pic.twitter.com/Sk76DTx9AK — Swatantra Dev Singh (@swatantrabjp) November 17,2021 अखिल भारतीय संत समिति ने माफी की मांग की वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय संतसमिति ने अखिलेश यादव के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. संत समाज से माफी मांगनेके लिए कहा है. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री, स्वामीजीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा, अखिलेश यादव के इस अनर्गल बयान से आक्रोशित देश केसभी संत ऐसे सभी नेताओं को, जो लगातार सनातन धर्म, भगवा और संतों पर अपमानजनकटिप्पणी कर रहे हैं, चेताते हैं कि अपनी ओछी राजनीति में संतों को न घसीटें, अन्यथासनातनियों के जन आक्रोश के रूप में दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे. उन्होंने आगे कहा,संत समाज पूरे उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर ऐसे छद्म समाजवादी और कांग्रेस केनेताओं के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगी जो लगातार सनातन हिन्दुओं और उनकी परंपराओंपर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन परंपरा के अनुसारही विश्व भर में पूजनीय और सम्मानित मठ के पीठाधीश्वर हैं. जीतेन्द्रानंद सरस्वतीने कहा कि भारत में प्राचीन काल से धर्म सत्ता, राज सत्ता से हमेशा सर्वोपरि रहीहै. एक संत के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने भर से किसी को भी अधिकार नहीं मिल जाताकि उन्हें गन्दी राजनीति का शिकार बनाया जाए. उन पर निशाना साधने के लिए संत समाजपर आपत्तिजनक और निचले स्तर की टिप्पणियां की जाएं. अखिलेश यादव और राहुल गांधीजैसे नेता केवल अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के चलते सनातन धर्म के विरुद्ध ऐसी ओछीटिप्पणियां कर रहे हैं. स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि अगर अखिलेश यादवक्षमा नहीं मांगते तो संत समाज सक्रिय रूप से पूरे देश मे घर घर जाकर इस 'पितृद्रोही, तथाकथित नेता' के खिलाफ जन-समर्थन की अपील करेगा और इसका परिणाम उनकोभुगतना ही होगा.