अजित पवार की मौत हादसा या साजिश? शरद पवार ने साफ कर दिया
शरद पवार के बयान से पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विमान हादसे की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की थी. ममता ने साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि देश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

विपक्ष के तमाम नेता अजित पवार के विमान हादसे पर सवाल उठा रहे हैं. लेकिन शरद पवार ने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि यह एक हादसा है, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए.
शरद पवार के बयान से पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विमान हादसे की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की थी. ममता ने साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि देश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
मीडिया से बात करते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार की मौत की खबर से वह ‘हैरान’ हैं और यह देश के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
सीएम ममता ने सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं का भी जिक्र किया, जिनमें कहा जा रहा था कि अजित पवार NDA छोड़ने पर विचार कर रहे थे. टीएमसी प्रमुख ने कहा,
“आज जो हुआ है, वह कई गंभीर सवाल उठाता है. सिर्फ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने वाली जांच ही भरोसेमंद होगी."
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य जांच एजेंसियों ने अपनी स्वतंत्रता खो दी है और उन्हें अब किसी और एजेंसी पर भरोसा नहीं है. कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी इस हादसे की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है. शिवसेना (UBT) के MLC सचिन अहीर ने प्लेन क्रैश पर शक जताया और हादसे की पूरी जांच की मांग की.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने भी जांच की मांग की है.
लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह इस खबर से “बेहद दुखी” हैं और अजित पवार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. उन्होंने उनके परिवार और समर्थकों के लिए हिम्मत की कामना की और श्रद्धांजलि दी.
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इस घटना की 'सही और पारदर्शी जांच' होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अजित पवार के अचानक निधन से वह गहरे दुखी हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा.
प्रकाश आंबेडकर ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि भले कोई उनसे सहमत हो या नहीं, लेकिन अजित पवार की अपनी अलग राजनीतिक शैली थी. उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की मांग की.
अजित पवार 28 जनवरी की सुबह मुंबई से बारामती जा रहे थे. वहां उन्हें जिला परिषद चुनाव से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करना था. सुबह 8:46 बजे उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
फ्लाइटरडार के मुताबिक, उसने 8:30 बजे पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, जो संभवतः खराब विजिबिलिटी के कारण असफल रही. इसके बाद 8:42 बजे दूसरी बार उतरने की कोशिश की गई. इसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
बारामती में उस समय विजिबिलिटी कम थी और वहां नाइट लैंडिंग की सुविधा भी नहीं है, जिससे ऐसे मौसम में सुरक्षित लैंडिंग मुश्किल हो जाती है.
वीडियो: पवार परिवार का फैमिली ट्री, अजित पवार की मौत के बाद आगे क्या होगा?

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