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अपनी जिंदगी की कितनी कमाई दान कर दी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने?

दुनिया के बड़े दानदाताओं की लिस्ट में पांचवें नंबर पर पहुंचे.

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14 मार्च 2019 (अपडेटेड: 14 मार्च 2019, 08:03 AM IST)
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विप्रो के चेयरमैन हैं अजीम प्रेमजी.
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जनवरी, 2019 में ऑक्सफेम नाम की एक फर्म ने एक रिपोर्ट जारी की. बताया कि देश की 10 फीसदी आबादी के पास देश की दौलत का 77 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है. इससे भी अहम ये है कि देश 1 फीसदी अमीरों के पास देश की 51 फीसदी पूंजी है. नीचे के 60 फीसदी लोगों के पास देश की कुल दौलत का महज 4.8 फीसदी है. देश के एक फीसदी अमीरों में शामिल एक बिज़नेसमैन ने अपनी जिंदगी में कमाई का बड़ा हिस्सा दान करने का फैसला लिया है. बात हो रही है अजीम प्रेमजी की. बिज़नेस टाइकून. विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी. विप्रो भारत में चौथे नंबर की सॉफ्टवेयर सर्विस आउटसोर्सिंग कंपनी है. प्रेमजी और उनके परिवार की इस कंपनी में 74 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है. उन्होंने अपने हिस्से में से 34 फीसदी यानी करीब 52,750 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया है. ये पैसा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को दिया जाएगा. ये फाउंडेशन समाजसेवा के काम करता है. प्रेमजी अब तक इस फाउंडेशन को करीब 1.45 लाख करोड़ दान कर चुके हैं. ये रकम विप्रो में अजीम प्रेमजी के शेयर का 67 फीसदी है.

दान के पैसे कहां खर्च किए जाएंगे?

अजीम प्रेमजी ने जो रकम दान की है, उसे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन समाजसेवा के काम में खर्च करता है. ये फाउंडेशन सरकार के साथ मिलकर काम करता है. फाउंडेशन की रकम सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने में, स्टूडेंट्स की पढ़ाई में और महिलाओं के उत्थान के काम पर खर्च की जाती है. अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का करीब 90 फीसदी खर्च फाउंडेशन ही उठाता है. इस यूनिवर्सिटी में करीब 1300 छात्र पढ़ते हैं. ये संख्या बढ़ाकर 14,000 की जानी है. फाउंडेशन बहुत से छोटे एनजीओ की भी मदद करता है.

और कौन हैं दुनिया के अमीर दानदाता ?

जवाब है बिल गेट्स. दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी हैं और सालों तक इस लिस्ट में पहले नंबर पर रहे हैं. वो बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के जरिए समाजसेवा के काम करते हैं. बिल गेट्स इस फाउंडेशन को अब तक करीब 3 लाख 55 हजार करोड़ रुपये दे चुके हैं. इस लिस्ट में अजीम प्रेमजी का नंबर चौथा है. अजीम प्रेमजी एशिया के पहले नंबर के दानदाता बन गए हैं.
  1. दूसरे नंबर पर नीदरलैंड का स्टिचिंग INGKA फाउंडेशन है. जो 36 बिलियन डॉलर दान करता हैं. इसे एक स्वीडिश बिलिनेयर इंगवार कैमप्राड ने बनाया था.
  2. तीसरे नंबर पर आता है वेलकम ट्रस्ट. ये फाउंडेशन लंदन से ऑपरेट करता है. और सर हेनरी वेलकम के पैसे से समाजसेवा करता है. इसका कुल दान 27 बिलियन डॉलर है.
  3. इसके बाद हावर्ड ह्यूज मेडिकल इंस्टिट्यूट का नाम है जो करीब 23 बिलियन डॉलर दान कर चुका है.
  4. भारत के अजीम प्रेमजी 21 बिलियन डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर पहुंच चुके हैं.

लोग दान करने का वादा भी कर रहे

अजीम प्रेमजी और बिल गेट्स जैसे लोग दुनिया में और भी हैंं. ये अपने जीवन की कमाई का एक हिस्सा समाजसेवा में लगाना चाहते हैं. इसके लिए वो एक दूसरे का सहयोग भी ले रहे हैं. बिल गेट्स और वॉरेन बफे ने मिलकर एक पहल की है. नाम है गिविंग प्लेज इनिशिएटिव. इसके तहत दुनिया के सबसे धनी लोगों से कहा जाता है कि वो अपने जीवन की कुल कमाई का आधा या आधे से ज्यादा हिस्सा दान करें. अजीम प्रेमजी इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी जैसे भारतीय उद्यमी इस प्रोग्राम से जुड़े हैं. बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ और सिम्फनी ग्रुप के रोमेश वाधवानी भी अपनी कमाई दान करने का इरादा रखते हैं.

कौन हैं अजीम प्रेमजी

अजीम प्रेमजी देश की बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो के चेयरमैन है. बिजनेस मैग्जीन फोर्ब्‍स के मुताबिक साल 1999 से 2005 तक वो भारत के सबसे धनी व्यक्ति रह चुके हैं. अजीम प्रेमजी के परिवार में पत्नी यास्मिन और दो बच्चे रिषाद और तारिक हैं. रिषाद विप्रो में ही काम करते हैं. अजीम प्रेमजी के बारे में एक बात और फेमस है वो ये कि वो प्लेन में इकॉनमी क्लास में सफर करते हैं. वो अक्सर कंपनी के गेस्ट हाउस भी में ठहर जाते हैं. रिसर्च फर्म बेन एंड कंपनी के मुताबिक पिछले पांच साल में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान देने वाले दानदाता 4 फीसदी कम हुए हैं. दुनिया भर में धन पर बस कुछ लोगों का एकाधिकार है. अजीम प्रेमजी का ये कदम बाक़ी लोगों के लिए एक सबक सरीखा है.
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