दिल्ली एयरपोर्ट पर नशा करके बैठा था जहाज उड़वाने वाला, पकड़ा गया तो ड्यूटी गई
DGCA ने लिया एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के खिलाफ एक्शन.

दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर एक एयर ट्रैफिक कंट्रोलर साइकोएक्टिव पदार्थ (psychoactive substance) के टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद डीजीसीए (DGCA) ने उसे ड्यूटी से हटा दिया. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि 18 अगस्त को मिली कन्फर्म जांच रिपोर्ट में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पॉजिटिव पाया गया और फिर उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है.
जनवरी 2022 में लागू हुए नियमन्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि 31 जनवरी, 2022 को साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए फ्लाइट क्रू और एटीसी की जांच के नियम लागू होने के बाद देश में किसी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने का यह पहला मामला है. ये टेस्ट क्रू मेंबर और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के लिए रैंडम बेसिस पर किया जाता है.
जब भी कोई एविएशन कर्मी ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो डीजीसीए को 24 घंटे के अंदर इसकी सूचना देनी होती है. इस नियम के आने के बाद अलग-अलग एयरलाइन के तीन पायलटों को इस टेस्ट में पॉजिटिव पाया जा चुका है. इन मामलों में डीजीसीए के प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की गई.
पॉजिटिव आने पर एक्शननियम के मुताबिक पहली बार कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने पर कर्मी को डि-एडिक्शन सेंटर यानी नशामुक्ति केंद्र भेजा जाएगा. अगर वही कर्मी दूसरी बार पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस 3 साल के लिए सस्पेंड किया जाएगा. अगर तीसरी बार टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो उस कर्मी का लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा.
इस नियम को लाते हुए DGCA की ओर से कहा गया था कि दुनिया भर में साइकोएक्टिव पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जो कि एविएशन सेफ्टी के लिए गंभीर चिंता का विषय है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक स्टडी और फरवरी 2019 में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए DGCA ने बताया था कि शराब के बाद भारत में भांग और ओपिओइड आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले साइकोएक्टिव पदार्थ हैं.
वीडियो- DGCA ने बताई आए दिन फ्लाइटों में आने वाली गड़बड़ियों की असली वजह, लिया बड़ा फैसला

