दिल्ली में छाया स्मॉग सिर्फ खांसी, जुकाम, दमा, फेफड़ा बर्बादी ही नहीं लाया है.बल्कि इससे सेक्स लाइफ पर इतना बुरा असर पड़ेगा कि तमाम एंजॉयमेंट धुआं हो जाएगा.फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने संडे को ये बताया है. दिल्ली का कलेजा दरक रहा है. स्मॉगकी वजह से मुंह और नाक पर मास्क है. जहां नहीं है, वहां छींक और खांसी है. लेकिनसंडे और मंडे की सुबह जागे लोगों को पटाखों की लगातार कानफोड़ू आवाज भी सुनाई दी.पता चल गया कि दिल्ली कित्ती सीरियस है अपनी सांसों को लेकर. देश के हर कोने मेंटीवी पर दिल्ली का हाल देख देखकर वो परेशान हैं जिनके सगे वाले यहां हैं. कह रहेहैं कि गांव घर आके बैठो वहां मत फड़फड़ाओ. पिछले 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ रही हैदिल्ली की गंदी हवा. दिवाली के बाद ये हाल हुआ है. एक्सपर्ट्स ने बताया है कि इससेसेक्शुअल एक्टिविटी 30 परसेंट तक गिर जाएगी. इंदिरा IVF हॉस्पिटल की प्रजननविशेषज्ञ डॉक्टर सागरिका अग्रवाल हैं. बताती हैं कि भारत में 15 परसेंट पुरुष बच्चेपैदा नहीं कर सकते. ये परसेंटेज महिलाओं से ज्यादा है. और इधर हवा में मेटल इतनाज्यादा है कि ये हॉर्मोन्स को बुरी तरह नुकसान पहुंचाएगा. ढेर नुकसान होगा इससे.डॉक्टर अग्रवाल कहती हैं "इस मेटल में पॉलीसाइक्लिक एरोमेटिक हाइड्रोकार्बन है. लेडकैडमियम और मरकरी है. वो स्पर्म को नुकसान पहुंचा सकते हैं. टेस्टोस्टेरॉन औरऐस्ट्रोजेन का लेवल कम या खत्म कर सकते हैं. जिनकी वजह से इंटरकोर्स की इच्छा जागतीहै." जो सेक्स की पहली सीढ़ी है. यही नहीं रहेगी तो क्या होगा, खुद सोच लो. और इनकेमिस्ट्री के भारी शब्दों के बारे में नजदीकी डॉक्टर से पता कर लो. इसका इलाज इसवक्त कुछ और नहीं है. सिवाय इसके के तमाम लेयर वाले अच्छे मास्क लगाएं. हिंदुस्तानटाइम्स की खबर के मुताबिक अरविंद वैद्य शहर के ही फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉक्टर हैं.कहते हैं कि ये पॉल्यूशन खून में फ्री रैडिकल्स बढ़ा रहा है. जो स्पर्म बनने केचांसेज बहुत कम कर देता है, पूरी तरह स्वस्थ आदमी में भी. तो पटाखा-वटाखा कसके दगालो. कसके धुआं उड़ा लो. लेकिन इस रिस्क के साथ भी खड़े रहो कि सेक्स लाइफ टोटली फेलहो जाएगी.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: ...तो इस वजह से इस साल फैला है इतना सारा स्मॉग! स्मॉग से बचने केलिए रुमाल मत बांधिए, ये वाले मास्क खरीदिए