"इस देश में रहना है कुत्तों, तो वन्दे मातरम बोलना होगा!"
देश में रहने वालों के लिए नया फ़रमान आया है. फॉलो करो वरना पेटी बांधो. कहीं भेज दिया जायेगा.
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फोटो - thelallantop
महाराष्ट्र असेम्बली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM के एम.एल.ए. वारिस पठान को असेम्बली से सस्पेंड कर दिया गया है. वजह है उनका भारत माता की जय कहने से मना कर देना. मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट फॉर होम रंजीत पाटिल ने एक रिज़ोल्यूशन पास करवाया जिसे बीजेपी, एनसीपी और शिवसेना के साथ साथ कांग्रेस ने भी सपोर्ट किया. कांग्रेस का इस बात में बीजेपी और शिवसेना का साथ देना काफी चौंकाने वाली बात ज़रूर लगती है मगर उससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि एक एमएलए को सिर्फ इसलिए सस्पेंड कर दिया गया क्यूंकि वो भारत माता की जय नहीं बोल रहा था.शिव सेना के एमएलए हैं गुलाबराव पाटिल. उन्होंने तो इतना तक कह डाला, "इस देश में रहना है कुत्तों, तो वन्दे मातरम बोलना होगा." उनकी ये बात जावेद अख्तर की स्पीच के ठीक एक दिन बात सामने आई है जहां जावेद साहब ने कहा था, "मैं इतनी ही सख्ती से (जितनी सख्ती से वो ओवैसी के भारत माता की जय न बोलने की बात की निंदा करते हैं.) एक और नारे को कंडेम (condemn) करता हूं, जो अक्सर हिंदुस्तान के शहरों में बोला जाता है - मुसलमान के दो स्थान, कब्रिस्तान या पाकिस्तान."

वारिस पठान की ओवैसी के साथ एक तस्वीर
एक समय तक बीजेपी के मंत्री एकनाथ खडसे वारिस पठान से माफ़ी मांगने को कह रहे थे लेकिन कांग्रेस के मेम्बर्स चिल्लाते हुए पठान को सस्पेंड करवाने की बात करने लगे. उनकी इस बात को बीजेपी, एनसीपी और शिव सेना का साथ मिला. कांग्रेस के एमएलए विखे पाटिल ने कहा "अगर कोई देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करेगा तो उसे कटाई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा."
थोड़ा रीकैप करें तो मालूम चलेगा कि इस बात को हवा देनी शुरू करी थी असदुद्दीन ओवैसी ने. ओवैसी ने अपनी एक स्पीच में ये कहा था कि कोई उनकी गर्दन पे चाकू रख देगा तो भी वो भारत माता की जय नहीं बोलेंगे. उनकी इस बात की अगले ही दिन जावेद अख्तर ने बहुत ही साफ़ शब्दों में निंदा की थी.
वारिस पठान असेम्बली से सस्पेंड होने के बाद बोले "मैं जय हिन्द कहने को तैयार हूं. मैं अपने देश से प्यार करता हूं. मुझे दिक्कत तब होती है जब कोई ज़बरदस्ती मुझसे वो कहलवाए जो वो सुनना चाहता है. मुझे ज़बरदस्ती 'भारत माता की जय' कहलवाए जाने पर आपत्ति है." उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है. असेम्बली में मौजूद सभी लोगों को उन्हें सस्पेंड करने से पहले उन्हें बोलने का मौका देना चाहिए था. उन्हें ऐसे निकाल देना डेमोक्रेसी के खिलाफ़ है.
वैसे इस पूरे मामले की शुरुआत जहां से हुई वो भी कम अजीब नहीं है. ऐसी कोई बात ही नहीं हुई कि भारत माता की जय बोलने या सुनने की कोई ज़रुरत आ पड़ती. लेकिन फिर भी इतना कुछ हो गया. हुआ ये कि इम्तियाज़ जलील (AIMIM के दूसरे एमएलए), साथ के मेम्बर्स के साथ एक डिबेट में फंड्स को लेके कुछ कह रहे थे. उनका कहना था कि पैसे को स्मारकों को बनाने में खर्च करने की बजाय कुछ और कामों में जैसे अस्पतालों की कंडीशन सुधारने में लगाना चाहिए. इस पर शिवसेना और बीजेपी के मेम्बर्स उनपर चढ़ बैठे और बोल पड़े, "आप देशभक्तों की इज्ज़त नहीं करते क्या? पहले आप भारत माता की जय बोलिए."
बीजेपी के राम कदम AIMIM के एमएलए को भारत माता की जय कहने को उकसाने लगे जिससे वारिस पठान ने साफ़ इनकार कर दिया और मामला यहां तक पहुंच गया कि उन्हें एक साथी मेम्बर ने कुत्ते की उपाधि दे डाली.

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