सोशल मीडिया. कुछ भी कहने-लिखने का बड़ा प्लेटफॉर्म. पर ये बवाल-ए-जान भी है. आपनेबिना सोचे समझे कुछ भी लिख मारा तो न जाने कहां से बिना बुलाए मुसीबत आ जाए.अहमदाबाद के एक रेलवे अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'फेंकू' लिख दिया.आनन-फानन में उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इतना ही नहीं संबंधित विभाग नेबाकायदा एडवाइजरी जारी की है. कहा है- सरकार या पीएम के खिलाफ कुछ लिखा तो एक्शनहोगा. मोदी के खिलाफ क्या लिख मारा था रेलवे कर्मचारी अहमदाबाद में काम करने वालेएक रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फेंकू औरकौभांडी लिख दिया था. फेंकू तो आप सब लोग जानते होंगे. मगर कौभांडी गुजराती शब्दहै. इसका मतलब होता है घोटालेबाज. ये लिखने पर उस अधिकारी के खिलाफ विभागीयकार्रवाई की गई. और ये समाचार गुजराती अखबार दिव्य भास्कर ने 'रेलवे अधिकारी नेमोदी को फेंकू कहा, DRM ने प्रशासनिक कार्यवाही की.' शीर्षक से प्रकाशित हुआ. इस पररेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त की ओर से दिशा-निर्देश भी जारी किए गएहैं. क्या निर्देश दिए गए हैं कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी में कहा गया है कि देशभर से सरकार या प्रधानमंत्री के खिलाफ जो भी टिप्प्णी की जाती है, उस पर पीएमओ यानीप्रधानमंत्री कार्यालय नजर रखता है. अगर कोई कमेंट विवादित दिखता है तो ऐसे अकाउंटको ब्लॉक कर दिया जाता है. और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकल प्रशासन कोआदेश दिए जाते हैं. जारी दिेशा-निर्देश में कहा गया है कि सभी लोग इस बात का ध्यानरखें कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई टिप्पणी न करें, जो सरकार के खिलाफ हो. ऐसा करने परसख्त कार्रवाई की जाएगी. क्या हैं सरकारी नियम अक्टूबर, 2018 में केंद्रीय गृह सचिवराजीव गौबा ने सोशल मीडिया कंपनियों से जुड़े अफसरों के साथ एक बैठक की थी. मीटिंगमें गूगल, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के प्रतिनिधियों के अलावा सूचनाप्रसारण मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया था. इसमें सरकार ने कुछनिर्देश दिए थे. 1-सभी सोशल मीडिया कंपनियां ऐसा सिस्टम बनाएं, जिससे फेक न्यूज याअफवाह फैलाने वाले कॉन्टेंट पर तुरंत ऐक्शन हो सके. 2-हिंसक घटनाओं, बच्चों औरमहिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक कॉन्टेंट का प्रसार करने वाले अकाउंट को तुरंत ब्लॉककरने के लिए खास सिस्टम बनाएं. 3-सरकार ने ऐंटी नेशनल कॉन्टेंट पर रोक लगाने के लिएकंपनियों को सुझाव दिए हैं. 4-सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए बने कानून 66 A कोखत्म कर दिया गया है. मगर इसके बदले नए कानून को अंतिम रूप दिया जा रहा है.5-आईपीसी के मौजूदा कानून में भी सोशल मीडिया या ऑनलाइन हेट या अफवाह वाले कॉन्टेंटपर कड़ा दंड देने के प्रावधान हैं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियोः सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से निषाद पार्टी को खींचकर भाजपा ने यूपी में नंबरबढ़ा लिया है |दी लल्लनटॉप शो| Episode 188