संजलि को जिंदा जलाने वाले जो निकले, आप विश्वास नहीं करेंगे
आगरा के इस केस ने पूरे देश को दहला दिया था.
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संजलि हत्याकांड में पुलिस ने किया खुलासा.
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तारीख 18 दिसंबर. जगह उत्तर प्रदेश का आगरा शहर. और यहां के मलपुरा क्षेत्र के लालऊ गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. एक 10वीं क्लास की छात्रा संजलि पर दो बाइक सवार युवकों ने पेट्रोल डाल दिया. फिर आग लगाकर भाग गए. लड़की 80 प्रतिशत से ज्यादा जल गई. उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया. पर बचाया नहीं जा सका. पूरा गांव, पूरा शहर, पूरा प्रदेश और पूरा देश सन्न रह गया. लोग गुस्से से भर गए. धरना, प्रदर्शन और यूपी सरकार व पुलिस को लोगों ने जमकर घेरा. नतीजा घटना के 8वें दिन पूरा मामला खुल गया है.

आरोपी योगेश और इस्तेमाल किया गया लाइटर.
एक सबसे बड़ा सवाल कि ये दरिंदगी आखिर क्यों हुई और कौन थे संजलि को जिंदा जलाने वाले. उसके हत्यारे. तो सभी सवालों के जवाब आगरा पुलिस ने दे दिए हैं. पूरा मामला खोल के रख दिया है. पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम दिया था संजलि के ताऊ के बेटे और चचेरे भाई योगेश ने. अपने दो रिश्तेदारों आकाश और विजय के साथ मिलकर. ये वही योगेश है जिसे 19 दिसंबर को पुलिस ने शक के आधार पर गिरफ्तार किया था. फिर संजलि की मौत की खबर आई तो योगेश ने पकड़े जाने के डर से 21 दिसंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी.
पुलिस के मुताबिक योगेश ने ये सब एकतरफा प्यार के चलते किया. उसने संजलि को मॉडल बनाने का सपना भी दिखाया था. पर संजलि योगेश की बातों में नहीं आई. उसने योगेश से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार कर दिया. और ये खत्म हुआ संजलि की हत्या के साथ.
मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और लेटर से खुलासा
मामले में एसएसपी आगरा अमित पाठक ने बताया कि संजलि हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एक दर्जन टीमें लगाई गई थीं. मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और योगेश के घर से मिले लेटर देखकर पता चला कि योगेश संजलि से एकतरफा प्यार करता था. वो उसे मॉडलिंग का प्रलोभन देकर लगातार परेशान कर रहा था. न मानने पर योगेश ने अपने ममेरे भाई और एक रिश्तेदार के साथ मिलकर छात्रा को सबक सिखाने की ठानी.

एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया खुलासा.
एसएसपी ने बताया कि इस वारदात को करने के लिए योगेश कई दिन से रेकी कर रहा था. वारदात को अंजाम देने के पहले और बाद में कई बार इन तीनों ने कपड़े और जूते बदले. ताकि पुलिस पहचान न सके. बाइक के पीछे का हिस्सा भी गत्ते से ढका था. योगेश ने अपने दो साथियों को 15 हजार का लालच भी दिया था. तभी वो दोनों इसमें शामिल हुए. पुलिस ने योगेश के दोनों साथियों को बाइक समेत गिरफ्तार कर लिया गया है.
क्राइम पेट्रोल से ली थी सीख
पुलिस के मुताबिक योगेश ने हत्या को अंजाम देने के पहले टीवी पर आने वाले क्राइम शो क्राइम पेट्रोल देखा था. और उससे ही सीख ली थी. हत्या के दिन योगेश ने दो बाइक का इंतजाम किया. पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाया और सुनसान जगह पर टंकी से बोतल में पेट्रोल निकाला. फिर गांव से करीब 500 मीटर पहले छात्रा पर पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी. योगेश के साथियों ने बताया कि वो संजलि पर पहले तेजाब डालने को सोंच रहा था. पर तेजाब मिला नहीं. गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि योगेश को अंदाजा नहीं था, कि आग इतनी भड़क जाएगी और संजलि की मौत हो जाएगी. पर जो हुआ वो सबके सामने है.
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आरोपी योगेश और इस्तेमाल किया गया लाइटर.
एक सबसे बड़ा सवाल कि ये दरिंदगी आखिर क्यों हुई और कौन थे संजलि को जिंदा जलाने वाले. उसके हत्यारे. तो सभी सवालों के जवाब आगरा पुलिस ने दे दिए हैं. पूरा मामला खोल के रख दिया है. पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम दिया था संजलि के ताऊ के बेटे और चचेरे भाई योगेश ने. अपने दो रिश्तेदारों आकाश और विजय के साथ मिलकर. ये वही योगेश है जिसे 19 दिसंबर को पुलिस ने शक के आधार पर गिरफ्तार किया था. फिर संजलि की मौत की खबर आई तो योगेश ने पकड़े जाने के डर से 21 दिसंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी.
पुलिस के मुताबिक योगेश ने ये सब एकतरफा प्यार के चलते किया. उसने संजलि को मॉडल बनाने का सपना भी दिखाया था. पर संजलि योगेश की बातों में नहीं आई. उसने योगेश से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार कर दिया. और ये खत्म हुआ संजलि की हत्या के साथ.
मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और लेटर से खुलासा
मामले में एसएसपी आगरा अमित पाठक ने बताया कि संजलि हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एक दर्जन टीमें लगाई गई थीं. मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और योगेश के घर से मिले लेटर देखकर पता चला कि योगेश संजलि से एकतरफा प्यार करता था. वो उसे मॉडलिंग का प्रलोभन देकर लगातार परेशान कर रहा था. न मानने पर योगेश ने अपने ममेरे भाई और एक रिश्तेदार के साथ मिलकर छात्रा को सबक सिखाने की ठानी.

एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया खुलासा.
एसएसपी ने बताया कि इस वारदात को करने के लिए योगेश कई दिन से रेकी कर रहा था. वारदात को अंजाम देने के पहले और बाद में कई बार इन तीनों ने कपड़े और जूते बदले. ताकि पुलिस पहचान न सके. बाइक के पीछे का हिस्सा भी गत्ते से ढका था. योगेश ने अपने दो साथियों को 15 हजार का लालच भी दिया था. तभी वो दोनों इसमें शामिल हुए. पुलिस ने योगेश के दोनों साथियों को बाइक समेत गिरफ्तार कर लिया गया है.
क्राइम पेट्रोल से ली थी सीख
पुलिस के मुताबिक योगेश ने हत्या को अंजाम देने के पहले टीवी पर आने वाले क्राइम शो क्राइम पेट्रोल देखा था. और उससे ही सीख ली थी. हत्या के दिन योगेश ने दो बाइक का इंतजाम किया. पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाया और सुनसान जगह पर टंकी से बोतल में पेट्रोल निकाला. फिर गांव से करीब 500 मीटर पहले छात्रा पर पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी. योगेश के साथियों ने बताया कि वो संजलि पर पहले तेजाब डालने को सोंच रहा था. पर तेजाब मिला नहीं. गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि योगेश को अंदाजा नहीं था, कि आग इतनी भड़क जाएगी और संजलि की मौत हो जाएगी. पर जो हुआ वो सबके सामने है.
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