कुत्ते पर सड़क बनाने से बड़ी गलती यूपी पुलिस ने की है
इससे सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा.
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सड़क के नीचे दबा कुत्ते का शव, शव को निकालती जेसीबी मशीन.
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आगरा में कुत्ते के ऊपर सड़क बनाने का मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये लोग कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर रविंद्र सिंह, रोड रोलर ड्राइवर कुलदीप सिंह और दो मजदूर वीरेंद्र और सतीश हैं. लेकिन इस घटना में पुलिस की एक गलती सामने आई है, जिससे पूरा मामला उलझ गया है. दरअसल, पुलिस ने कुत्ते का शव निकालने के बाद उसका पोस्टमार्टम नहीं करवाया. इसके चलते यह पता नहीं चल सकेगा कि कुत्ता पहले से मरा था या सड़क के नीचे आने के बाद मरा.
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कुत्ते को सड़क के नीचे दबा देखने वाले एक चश्मदीद ने कहा कि जब उसने देखा तो कुत्ता जिंदा था. बहुत गंभीर स्थिति में था और थोड़ी देर बाद मर गया. जबकि गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि कुत्ता पहले से मरा हुआ था. अंधेरे की वजह से ध्यान नहीं गया. उन्होंने माना कि गलती हुई है. सड़क डालने से पहले चेक करना चाहिए था. जब कुत्ते का शव सड़क के नीचे देखा तो जेसीबी मशीन से उसे निकलवाकर जमीन में गाड़ दिया. पोस्टमार्टम नहीं होने की वजह से अब यह पता नहीं चल सकेगा कि वहां कुत्ते का शव पड़ा था या जिंदा कुत्ते पर डामर-गिट्टी डालने से उसकी मौत हुई.Now dogs being used as material to make road in Agra by RP Infrastructure . Inhumane !!! @agrapolice @CMOfficeUP pic.twitter.com/PphlHNHttw
— Anil Tiwari (@Interceptors) June 12, 2018
Road construction company RP Infraventure Pvt. Ltd. constructed part of Fatehpur road over a dead dog in Agra. The dog's body was removed after police complaint was filed,PWD has also sent a notice to the company pic.twitter.com/rivppo9ZxD — ANI UP (@ANINewsUP) June 13, 2018जानवरों से जुड़ा कानून क्या कहता है? इस मामले में IPC की धारा 428 और 429 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह धाराएं पशुओं को नुकसान पहुंचाने पर लगती हैं. धारा 428 10 रुपये से कम मूल्य के जानवर को नुकसान पहुंचाने पर लगती है, जिसमें अधिकतम दो साल की सजा हो सकती है. जबकि धारा 429 में पशु की कीमत दस रुपये से ज्यादा होती है. इसमें अधिकतम सजा पांच साल की होती है. अभी इस मारे गए कुत्ते का मूल्य तय नहीं है. कोर्ट द्वारा मूल्य तय करने पर एक धारा हट जाएगी. और दूसरी धारा में केस चलेगा. मामले में पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 भी लगाई गई है. जिसमें पहली बार जानवर को नुकसान पहुंचाने पर 50 रुपये तक का जुर्माना और दूसरी बार ऐसा करने पर तीन साल की सजी हो सकती है.
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