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गडकरी ने बताया, अमित शाह और नितिन गडकरी की बीजेपी में क्या है अंतर?

राहुल गांधी से लेकर विजय माल्या और रफाएल डील पर रखी अपनी राय.

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18 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 18 दिसंबर 2018, 07:53 AM IST)
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत पाकिस्तान में जाने वाला अपने हिस्से का पानी रोक देगा.
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एजेंडा आजतक के दूसरे दिन के पहले सेशन के मेहमान थे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी. 2019 में चुनाव का रोडमैप बताने के दौरान केंद्रीय मंत्री ने आजतक से कई मुद्दों पर खुलकर बात की. हम आपको गडकरी की बातों के महत्वपूर्ण अंश पढ़वा रहे हैं.
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सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण पर
# सड़क, पानी और एविएशन में जो 50 सालों में नहीं हुआ, वो पिछले साढ़े चार साल में हुआ है. # 80 लाख टन माल पानी के रास्ते भेजा गया है. रोड से 10 रुपये, रेलवे से 6 रुपये और पानी के रास्ते 1 रुपये प्रति टन माल ढुलाई का खर्च आता है. एक वक्त में कहा जाता था कि पटना से कलकत्ता तक जहाज आता था. आज 80 लाख टन माल एक्सपोर्ट हो रहा है. अगले साल 280 टन होगा. बंगाल, झारखंड, यूपी और बिहार में बिजनेस में फर्क आएगा. वाराणसी का मल्टीमॉडल हब तैयार है. 60 रिवर पोर्ट बन रहे हैं. प्रयागराज यानी इलाहाबाद से वाराणसी पैसेंजर एयरबोट्स चलेंगी, जिसके लिए रूस से करार हुआ है. # कुंभ में 15 करोड़ लोग आएंगे और वाराणसी से इलाहाबाद के बीच लाखों लोक एयरबोट्स के जरिए पानी से सफर करेंगे. दिल्ली से आगरा एयरबोट्स की शुरुआत होगी. मुंबई से गोवा क्रुज चल रहा है, जो अगले तीन महीने के लिए बुक है. हर साल साढ़े तीन लाख लोग सिंगापुर जाते हैं क्रूज के लिए. यहां 950 क्रूज आएंगे, तो लोगों को क्रूज के लिए सिंगापुर नहीं जाना पड़ेगा.
किसान आत्महत्या पर #अटल बिहारी वाजपेई की पुरानी योजना रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं. 3 लाख करोड़ रुपये के पांच प्रोजेक्ट शुरू किए हैं. देश की सिंचाई अगर 50 फीसदी तक भी पूरी हो जाएगी, तो किसान आत्महत्या नहीं करेगा.
वोट मिलने के आधार पर
वोटिंग के दौरान की सांकेतिक इमेज (REUTERS/Danish Siddiqui)
वोटिंग के दौरान की सांकेतिक इमेज (REUTERS/Danish Siddiqui)

#सिर्फ विकास के काम से वोट नहीं मिलता है. क्षेत्रीय मुद्दे, जिलावार मुद्दे और कैंडिडेट पर भी वोट तय होता है देश का नया वोटर जाति और धर्म के आधार पर वोट नहीं डालता है.
सरकार के मूल्यांकन के आधार पर
सरकार का मूल्यांकन उसके परफॉरमेंस पर होना चाहिए. मंत्री किस जाति और धर्म का है, ये वैल्यूएशन का मुद्दा नहीं हो सकता है.
अमित शाह और गडकरी की बीजेपी के अंतर पर 
बीजेपी किसी परिवार की नहीं है. अटल बिहारी वाजपेई कद्दावर नेता थे, लेकिन बीजेपी कभी अटल बिहारी की नहीं कही जाती. # अमित शाह की बीजेपी और नीतिग गडकरी की बीजेपी में कोई फर्क नहीं है.
अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर
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#अयोध्या का मुद्दा धार्मिक मुद्दा या सांप्रदायिक मुद्दा नहीं है. #इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि वहां राम का मंदिर था. मंदिर जन्म स्थान पर नहीं बनेगा तो कहां बनेगा? #मंदिर बनाने की भावना पहले भी थी और अब भी है. #मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. कोर्ट का फैसला, आपसी सहमति और संसद में कानून लाकर. हम चाहते हैं कि सहमति से मुद्दा हल हो.
चुनाव में नेताओं के वादे पर
चुनाव के वक्त नेता भाषण देते हैं. कई वादे सामयिक होते हैं और कई नहीं होते हैं. बहुत से मुद्दे होते हैं. कुछ रेलिवेंट हैं कुछ इररेलिवेंट हैं. मीडियो को अच्छी बात नहीं दिखती. पार्टियों और नेताओं को सुधरना होगा. कोई नहीं कहता कि हम चुनाव हार रहे हैं. अगर न हो तो भी कहना पड़ता है. कई वादे प्रैक्टिकल होते हैं, कई इमप्रैक्टिल होते हैं. कई वादे होते हैं, जो आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद नहीं होते हैं. नेता इसलिए बोलते हैं कि मीडिया में छप जाए.
तीन राज्यों में चुनाव हारने पर
nitin gadkari

तीनों राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर कम है. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बीजेपी 15 साल से थी. वहां एंटी इनकंबेंसी थी. हमारे अंदर कुछ कमियां थी, उसे हम सुधारेंगे. जब चुनाव जीत जाते हैं तब कोई चर्चा नहीं होती, कोई कमेटी नहीं बनती. हार जाते हैं तो सभी लोग चर्चा करते हैं, भले एक वोट से हार हो. हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है.
सुषमा स्वराज और उमा भारती के चुनाव न लड़ने के मुद्दे पर
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि वो अगला चुनाव नहीं लड़ेंगी.

# सुषमा स्वराज और उमा भारती चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. उनके अलग-अलग व्यक्तिगत कारण हैं. ये कहना गलत है कि हार की डर से उमा और सुषमा चुनाव नहीं लड़ रही हैं. क्रिकेट और चुनाव में कुछ भी हो सकता है.
2019 में गडकरी के प्रधानमंत्री बनने पर
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ये सब फालतू की बातें हैं. मैं कोई सपना नहीं देख रहा हूं. विश्वास है कि मोदी के नेतृत्व में बहुमत मिलेगा. मुझे मौका मिलेगा तो गंगा के बचे हुए काम पूरा करूंगा. # मैंने कोई बैनर पोस्टर नहीं लगाए ना मैंने कोई पीआर टीम ली है. जब मैं अध्यक्ष बना तब मैंने पहली बार कोट सिलाया. मुझे दिल्ली के बारे में नहीं पता था.
बीजेपी के सत्ता में वापस न लौटने वाले पुराने बयान पर

उस कार्यक्रम में नितिन गडकरी के साथ नाना पाटेकर भी मौजूद थे.

महाराष्ट्र चुनाव का मेनिफेस्टो बन रहा था. देवेंद्र फडणवीस और मुंडे मेरे पास आए कहा कि मेनिफेस्टो में वादा करते हैं कि मुंबई में टोल खत्म कर देंगे. मैंने कहा कि इससे आर्थिक नुकसान होगा. उन्होंने कहा जब सरकार आएगी तब देख लेंगे, अभी तो वादा करना है. # इस बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.
विजय माल्या को चोर न कहने पर
10 दिसंबर को एक ब्रिटिश कोर्ट में विजय माल्या प्रत्यर्पण का केस हार गए. उनके पास दिसंबर तक का समय है इस फैसले के खिलाफ अपील करने का. जो भारत सरकार उन्हें भारत लाने के लिए केस लड़ रही है, उसके ही मंत्री हैं नितिन गडकरी. ऐसे में गडकरी का ये बचाव क्या विजय माल्या का केस मज़बूत नहीं करता (फोटो: AP+PTI)
गडकरी ने कहा है कि व्यापार में घाटा होने की वजह से किसी को भगोड़ा कहना ठीक नहीं है.

अगर विजय माल्या ने फ्रॉड किया है, तो ऐक्शन होना चाहिए. मैं जब महाराष्ट्र विधानसभा में सदस्य था, तो महाराष्ट्र के औद्योगिक इकाई ने किंगफिशर को लोन दिया. उसने एविएशन शुरू किया तो कोलैप्स हो गया. मैंने कहा था कि कभी-कभी ग्लोबल इकॉनमी के कारण और कभी आंतरिक व्यवस्था के कारण, कभी मंदी के कारण और कभी बिजनेस साइकिल के कारण व्यापार में दिक्कत होती है. एक बिजनेस अच्छा चला और दिक्कत में आ गया तो क्या तुरंत उसको फ्रॉड कहना चाहिए? यह गलत है. रॉबर्ट वाड्रा का केस विजय माल्या से अलग है.
रफाएल मामले पर
डासौ एविएशन का राफेल. ये एक मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. फोटोः डिफेंस अपडेट)
डासौ एविएशन का राफेल. ये एक मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. फोटोः डिफेंस अपडेट)

राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्रिस्टल क्लियर है. सुप्रीम कोर्ट ने सही फैसला दिया है. कभी-कभी छोटी मोटी गलतियां होती रहती हैं. पहले भी गलतियां हुई हैं. क्या कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को भी मानने के लिए तैयार नहीं है? लोगों तक सच्चाई पहुंचाने के लिए बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही हैं. क्या इस देश को नए फाइटर प्लेन नहीं चाहिए? देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण नहीं है? और जब सुप्रीम कोर्ट ने इस बातों को सर्टिफाई करते सारे आरोप खारिज कर दिए, तो भी कांग्रेस नहीं मान रही है. ये गलत है.
सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर
सबरीमाला मंदिर.
सबरीमाला मंदिर.

सबरीमाला मामले पर मैं कुछ नहीं कहूंगा. जनता की भावनाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में विरोध करना कितना उचित है और कितना अनुचित, यह सोचना स्वाभाविक है.
बीजेपी-शिवसेना गठजोड़ पर
# बीजेपी और शिवसेना में कोई वैचारिक मतभेद नहीं है. शिवसेना से संबंध हिंदुत्व के आधार पर है. अलायंस में रहकर उन्हें सत्ता पक्ष का काम करना है या विपक्ष का, यह शिवसेना तय करे.
राहुल-मोदी की तुलना पर
narendra modi rahul gandhi

राहुल गांधी को लेकर मुझे चिंता नहीं है. राहुल गांधी और मोदी की तुलना कोई नहीं करता है और कोई करेगा भी नहीं. मोदी मोदी हैं और राहुल गांधी, राहुल गांधी.


 

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