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अफजल के समर्थन में JNU में मार्च, अब होगी जांच

आरोप है कि इस इवेंट में राष्ट्रविरोधी और पाकिस्तान परस्त नारे लगाए गए और अफजल का 'शहीद' कहा गया.

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11 फ़रवरी 2016 (अपडेटेड: 10 फ़रवरी 2016, 05:15 AM IST)
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दिल्ली के जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में नया बवाल मचा है. ट्विटर पर देर तक #ShutDownJNU ट्रेंड किया और लोगों ने लिखा कि JNU एंटी नेशनल है, इसे बंद कर देना चाहिए. ये सब हो रहा है इसलिए क्योंकि मंगलवार को यहां अफजल गुरु के समर्थन में इवेंट किया गया. आरोप है कि इसमें राष्ट्रविरोधी और पाकिस्तान परस्त नारे लगाए गए और अफजल का 'शहीद' कहा गया. ABVP ने इसके खिलाफ VC ऑफिस के सामने प्रोटेस्ट किया और JNU प्रशासन को इवेंट के नेचर के बारे में भरमाने वाले छात्रों पर कार्रवाई की मांग की. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले पर डिसिप्लनरी एंक्वायरी बैठा दी है. JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि अधूरी जानकारी देकर इवेंट करने की इजाजत मांगी गई थी, फिर भी इजाजत नहीं दी गई. अनुशासन तोड़ के ये इवेंट किया गया. अब JNU के चीफ प्रॉक्टर की अगुवाई में एक कमेटी इसकी जांच करेगी. रजिस्ट्रार भूपिंदर जुत्शी ने कहा, 'कहीं ये मेंशन नहीं किया गया था कि इवेंट अफजल गुरु पर होगा. उन्होंने बस इतना लिखा था कि वे एक कल्चरल इवेंट करना चाहते हैं. देश के बंटवारे के बारे में बात करने वाला कोई भी नेशनल कैसे कहला सकता है?' 9 फरवरी को संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की फांसी की तीसरी बरसी थी. पूरे कैंपस में आयोजकों मे पोस्टर लगा के 'अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की न्यायिक हत्या' के खिलाफ साबरमती ढाबा पर होने वाले प्रोटेस्ट मार्च में हिस्सा लेने की अपील की गई थी. एबीवीपी ने इसका विरोध करते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन से शिकायत की थी. प्रशासन ने इवेंट की इजाजत नहीं दी थी, क्योंकि उन्हें इससे शांति भंग होने की आशंका थी. JNU वामपंथी छात्र संगठनों का गढ़ रहा है. अरसे बाद यहां ABVP को एक सीट (संयुक्त सचिव) मिली है.

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