'रेड के नाम पर पुलिस वाले हमें लूटते, पीटते हैं'
कुछ दिनों पहले इस गांव में एक साथ दर्ज हुईं 800 FIR. तबसे पुलिस के डर से लोग चैन की एक नींद नहीं ले पाए हैं.
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फोटो - thelallantop
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पटना के पास इस छोटे से गांव में लोग अपने ही घरों में रहने से घबरा रहे हैं. हर शाम, जब आम आदमी काम निपटाकर घर वापस आता है, इस गांव में घर के पुरुष खेतों और नहरों में जा कर छिप जाते हैं. घर की औरतें और बच्चे घर की चौखट पर दिन भर बैठ ये देखा करते हैं कि कोई आ तो नहीं रहा. हर दस घरों में कम से कम 4 ऐसे होते हैं जो घर छोड़कर भाग चुके हैं.
पटना के पास बसे कोरियावां गढ़ गांव में 170 घर हैं. यहां 10 मई को पंचायती चुनाव हुए थे. जिसमें गांव वालों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई थी. जिसके चलते पहले तो चुनाव रद्द हो गए. फिर पुलिस ने गांव वालों के खिलाफ FIR दर्ज की. जिसमें गांव के 80 लोगों के नाम थे. और 800 अज्ञात थे. हालांकि अब तक इनमें से केवल 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. लेकिन 2 हजार लोगों की जनसंख्या वाले इस गांव में लोग बुरी तरह डर गए हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की इस खबर के मुताबिक, गांव में रहने वाले लोग या तो दिहाड़ी मजदूर हैं, या ज़मीन के छोटे टुकड़ों में खेती करते हैं. 10 मई को गांव वाले वोट डालने गए थे. गांव वालों की मानें तो पोलिंग बूथ पर पुलिस वालों ने गांव की औरतों के साथ बदतमीजी की. उनके साथ धक्का-मुक्की और मार-पीट की. जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने जवाब में हवाई फायरिंग की. उस घटना के बाद लोगों में पुलिस का डर बैठ गया है.
जब भी गांव में कोई पुलिस जीप घुसती है, बच्चे घूम-घूम कर पूरे गांव में खबर फैला देते हैं. लोग एक-दूसरे को मोबाइल पर फ़ोन कर सावधान कर देते हैं.
लोगों की मानें तो FIR और रेड के बहाने से पुलिस वाले उन्हें लूटने आते हैं. कहर ऐसा है कि लोगों ने अपनी रोजी रोटी के लिए काम पर जाना तक बंद कर दिया है. क्योंकि बीते दिनों खेतों में काम करने गए किसानों में से 4 को गिरफ्तार कर लिया गया. तबसे सब्जी उगाने वाले किसान सब्जी बेचने नहीं जा पा रहे हैं.
गांव की महिलाएं कहती हैं कि पुलिस लोगों के घरों में अचानक घुस आती है. लोग इनके लिए तैयार नहीं होते. एक बार घर की औरतें नहा रही थीं कि पुलिस घुस आई. एक औरत के घर में घुस कर पुलिस ने तोड़-फोड़ मचा दी. और प्याज बेच कर कमाए 10 हजार रुपये लूट कर ले गई. बल्कि एक औरत के घर से तो 50 हजार की बचत गायब हो गई. किसी के घर से मोटरसाइकिल, तो कहीं से साइकिल गायब कर दी गई. यहां तक कि एक 10 साल का बच्चा, जो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता था, को अरेस्ट कर लिया गया.गांव वालों की मानें तो FIR में ऐसे लोगों के नाम भी हैं जो साल-दो साल से गांव में हैं ही नहीं. पटना SP (ईस्ट) इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए इस बात को नकारते हैं कि सैकड़ों लोगों के खिलाफ की गई इस FIR कुछ भी चौंकाने वाला है. उनका कहना है:
"भीड़ ने हमला किया. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. जिनका नाम FIR में नहीं है उनको घबराने की कोई जरूरत नहीं है. हमारा फोकस उन 80 लोगों पर है जिनके नाम दर्ज हुए हैं."

