ये शख्स अल कायदा का अगला प्रमुख हो सकता है, अमेरिका ने 75 करोड़ का इनाम रखा हुआ है!
CIA के हमले में अल जवाहिरी की मौत के बाद सवाल उठ रहा है कि अल कायदा का अगला नेता कौन होगा.

अमेरिका (America) के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार, 2 अगस्त की सुबह एक दावा कर पूरी दुनिया को हिला डाला. उन्होंने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन अल कायदा के प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी (Al Qaeda Chief Al Zawahiri) को मार गिराया है. CIA ने अफगानिस्तान के काबुल में ड्रोन हमले के जरिये अपने इस मिशन को अंजाम दिया. जवाहिरी सितंबर, 2001 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले का आरोपी था.
मई, 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में हुए हमले में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल-जवाहिरी को अल कायदा का प्रमुख बनाया गया था. अब उसकी मौत के बाद फिर सवाल उठ रहा है कि अल कायदा का अगला प्रमुख कौन होगा. मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर सैफ अल-अदेल का नाम सबसे आगे है. वो अल कायदा का काफी पुराना नेता है. हालांकि उसका अल कायदा प्रमुख बनना इतना भी आसान नहीं है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी एक वजह तो ये कि अदेल का कार्यक्षेत्र ईरान रहा है. दूसरा, पिछले कुछ सालों में अल कायदा के कम से कम तीन सहयोगी संगठनों ने सैफ अल-अदेल के निर्देशों पर सवाल उठाया है. इसलिए अगर अदेल को अल कायदा प्रमुख बनाया जाता है तो इससे जुड़े संगठन पहले अपनी स्वतंत्रता सुनिश्चित करना चाहेंगे.
अदेल के अलावा अब्दल-रहमान अल-मघरेबी और याजिद मेबारक भी इस दौड़ में शामिल हैं.
कौन है सैफ अल-अदेल?अदेल के जन्म के साल को लेकर कन्फ्यूजन है. अमेरिकी एजेंसी FBI के मुताबिक वो 11 अप्रैल को पैदा हुआ था. साल या तो 1960 है या 1963. जवाहिरी की तरह अदेल भी मिस्र का नागरिक है. वह अपनी देश की सेना में था और कर्नल की रैंक तक पहुंचा था. अदेल पहले मिस्र इस्लामिक जिहाद (EIJ) नामक संगठन से जुड़ा हुआ था, जिसका गठन जवाहिरी ने किया था. माना जाता है कि सैफ अल-अदेल एक्सप्लोज एक्सपर्ट है. मतलब धमाका करने में माहिर है. FBI ने अदेल को 'मोस्ट वॉन्टेड आतंकी' करार दिया हुआ है और उस पर एक करोड़ डॉलर (78 करोड़ रुपये से अधिक) का इनाम घोषित किया है.

अदेल पर अमेरिकी नागरिकों को मारने की साजिश रचने, अमेरिका से संबंधित संपत्तियों और इमारतों को नष्ट करने की कोशिश करने और अमेरिका के राष्ट्रीय रक्षा संसाधनों को नष्ट करने की कोशिश करने का आरोप है.
इसके अलावा अदेल तंजानिया और नैरोबी (केन्या) में 7 अगस्त 1988 को अमेरिका के दूतावासों पर बम धमाका करने के संबंध में भी अमेरिका में वॉन्टेड है. इस हमले में 224 लोग मारे गए थे और 5,000 से अधिक लोग घायल हुए थे. नैरोबी में आतंकवादियों ने दूतावास के पार्किंग गैराज के पास विस्फोटकों से भरे एक ट्रक को उड़ा दिया था, जिसमें 213 लोगों की मौत हुई थी. घायलों में अमेरिकी राजदूत प्रूडेंस बुशनेल भी शामिल थे. वहीं तंजानिया के दार एस सलाम में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और 85 लोग घायल हो गए थे.
वीडियो: अमेरिका के ड्रोन हमले में अल कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी मारा गया, काबुल में छिपा बैठा था

