केजरीवाल के हड़काने पर सुट्ट हुए कैब वाले
मंडे को Odd-Even का कर्रा टेस्ट था. विजय गोयल के चालान के अलावा भी नोटिस करने लायक कुछ चीजें हुईं.
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फोटो - thelallantop
मंडे बीत गया है. ऑड ईवन प्लान का दूसरा स्टेप और पहला बड़ा ट्रायल था. क्योंकि सोमवार को सड़कों पर भीड़ जबर होती है. स्कूल, कॉलेज, ऑफिस सब खुले तीन दिन की छुट्टी के बाद. इसलिए लोड ज्यादा था. ठीक ठाक निपट गया दिन लेकिन कुछ लोगों को परेशानी हुई.
बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले पैरेंट्स को हुई दिक्कत
ये कुछ लोग थे स्कूल जाने वाले बच्चों के पैरेंट्स. जो बच्चे को छोड़ने तो आराम से गए. काहे कि उसमें ड्रेस पहने बच्चा बैठा था. ऐसे बच्चे के साथ गाड़ी ले जाने की छूट है. लेकिन लौटते में चालान कट गया. क्योंकि वो बच्चा तो स्कूल में ही रह गया था न. इसके अलावा बाहर से आने वाले लोग भी थोड़े परेशान रहे. जिनको इसके बारे में जानकारी नहीं थी.
घटा पॉल्यूशन
एनवायरमेंट स्पेशलिस्ट्स ने पहले कहा था कि अप्रैल में ऑड ईवन लाने का कोई फायदा नहीं. पॉल्यूशन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. फिर साथ में ये भी कहा था कि वो इस पर नजर बनाए रहेंगे. अब दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) ने सोमवार कहा कि, हां भाई, असर तो पड़ा है पॉल्यूशन पर. कम हुआ है. हवा की क्वालिटी बेहतर हुई है. हालांकि इसका पक्का सुबूत तो कुछ दिन और स्टडी करने के बाद ही निकलेगा. शुरुआती दो दिन तो कुछ खास नहीं घटा. DPCC के मुताबिक शनिवार को मोबाइल वैन से 74 लोकेशंस पर रिकॉर्डिंग की गई. उसके बाद सोमवार को हुई रिकॉर्डिंग में उन जगहों पर पॉल्यूशन में कुछ कमी पाई गई.
कैब वाले भी सुट्ट हुए
प्लान शुरू होने पर ओला और ऊबर कैब वालों की भैंस ने मानो बच्चा दे दिया. सवारियों को जी भर के दुह रहे थे. मनमाना किराया वसूल कर रहे थे. शिकायत ऊपर तक पहुंची तो सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनको हड़का दिया. उनके पास नोटिस भेज दिया कि चार्ज ज्यादा लेते हैं तो उनका परमिट कैंसिल हो जाएगा.
https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/721973514253791232
इसके बाद कैब वाले सूधे आ गए हैं. अब मजबूरी का फायदा नहीं उठाएंगे. ऊबर ने कहा है "जब डिमांड बढ़ती है तो प्राइज बढ़ जाते हैं. यही बिजनेस का तरीका है. एयरलाइन और होटल्स को देखो यही करते हैं. वैसा ही हमारा भी है. अब सीएम के कहने के बाद हम अपना चार्ज बढ़ाने का फैसला फिलहाल बदल रहे हैं."

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