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  • After 10 years wait, Army to get 50,000 new bullet-proof vests, needs 3.5 lakh

दस साल बाद फौज को मिल रहे हैं नए बुलेटप्रूफ जैकेट

अभी जो जैकेट मिल रहे हैं वो भी पसंगा भर हैं. जरूरत है साढ़े तीन लाख की. मिलने वाले हैं पचास हजार.

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आशुतोष चचा
31 मार्च 2016 (Updated: 31 मार्च 2016, 01:31 PM IST)
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इंडियन आर्मी को दस साल के इंतज़ार के बाद अब 50,000 नए बुलेटप्रूफ जैकेट मिलने वाले हैं. लगभग 13 लाख 25 हज़ार ऐक्टिव फ्रन्टलाईन स्टाफ वाली इंडियन आर्मी में लंबे समय से बुलेटप्रूफ जैकेट की कमी थी. आर्मी को करीब 3.5 लाख जैकेट की जरूरत है. अभी आर्मी के पास भारी वजन वाले जैकेट्स हैं. इनकी प्रोटेक्शन क्वालिटी भी बहुत अच्छी नहीं है.  नए बुलेटप्रूफ जैकेट्स में टेक्निकल खूबियां ज्यादा हैं. जवानों की सहूलियत के लिये इनका वजन काफी कम रखा गया है. ये सिर, गला, छाती और एड़ियों को अच्छे से कवर करके जवानों को प्रोटेक्ट करेंगे. ये जैकेट्स एके-47 और सेल्फ लोडिंग राइफल्स की गोलियों से जवानों को बचाएंगे. इसकी खरीद को डिफेंस ऐक्विज़िशन काउंसिल ने 2009 में अप्रूव किया था. इसके बाद से इस प्रोसेस में कई मुश्किलें आईं हैं. 2009 में 2012 तक सेना को 1.86 लाख जैकेट्स देने का टार्गेट था. ये पूरा नहीं हुआ और 2012 में सरकार ने नई जरूरतों के हिसाब से नया प्रपोज़ल इश्यू किया. 2015 में 1.86 लाख मॉड्यूलर जैकेट्स को वापस किया गया था. इनकी क्वालिटी खराब होने की वजह से ये फील्ड ट्रायल क्लीयर नहीं कर पाईं थीं. इन जैकेट्स के वापस हो जाने के बाद इमरजेंसी के लिये पुरानी टेक्नीक की ही 50,000 जैकेट्स खरीदने का फैसला हुआ. इन जैकेट्स ने प्रोक्यूरमेंट प्रोसेस के दोनों स्टेज, टेक्निकल ट्रायल और फील्ड ट्रायल को पास कर लिया है. टेक्निकल ट्रायल में जैकेट की क्वालिटी और फील्ड ट्रायल में यूज़र का कंफर्ट टेस्ट होता है. नए जैकेट्स इस साल अगस्त से बांटने शुरू किये जाएंगे. जनवरी 2017 तक ये जैकेट्स बांट देने का टार्गेट है.

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