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हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अडानी ग्रुप का जवाब, SEBI चीफ से कनेक्शन को लेकर क्या कहा?

Hindenburg Report पर अडानी ग्रुप की ओर से सफाई दी गई है. Adani ग्रुप ने एक बयान जारी कर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज किया है.

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11 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2024, 03:23 PM IST)
Hindenburg report gautam adani madhabi puri buch sebi
हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अडानी ग्रुप ने जवाब दिया है. (इंडिया टुडे)
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अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) एक बार फिर से सुर्खियों में है. इस बार हिंडनबर्ग ने मार्केट रेगुलेटर SEBI पर निशाना साधा है.  हिंडनबर्ग रिपोर्ट में SEBI चीफ माधबी पुरी बुच और अडानी ग्रुप के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया गया है.  सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने एक बयान जारी कर इन आरोपों को निराधार बताया है. वहीं अब इस मामले में गौतम अडानी (Gautam Adani) के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की ओर से भी सफाई आई है. अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज किया है. और इन आरोपों को तथ्यहीन और कानून की उपेक्षा करने वाला बताया है.

अडानी ग्रुप ने एक बयान जारी कर हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट को खारिज किया है. अडानी ग्रुप ने कहा, 

इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोप दुर्भावना से ग्रस्त हैं. और इसमें तथ्यों को जोड़-तोड़ कर पेश किया गया है. हम हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते है जो सिर्फ हमें बदनाम करने वाले दावों की रि-साइक्लिंग है. पहले ही इन आरोपों की गहन जांच की जा चुकी है. ये पूरी तरह से निराधार साबित हुए हैं. इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2024 में ही खारिज कर दिया है.

अडानी ग्रुप ने अपने बयान में बताया है कि उनका ओवरसीज होल्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट है. इसमें सभी फैक्ट्स और डिटेल्स को नियमित रूप से कई सार्वजनिक दस्तावेजों में प्रदर्शित किया जाता है. और रिपोर्ट में जिन लोगों या केस का जिक्र किया गया है, उससे अडानी ग्रुप का कोई कमर्शियल कनेक्शन नहीं है.

क्या हैं हिंडनबर्ग के आरोप 

अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने 10 अगस्त को जारी एक रिपोर्ट में अडानी और SEBI चीफ माधबी पुरी बुच के बीच कर्मर्शियल लिंक का आरोप लगाया था. रिपोर्ट में दावा किया गया कि व्हिसलब्लोअर से मिले दस्तावेजों से पता चला है कि जिन ऑफशोर संस्थाओं का इस्तेमाल अडानी मनी साइफनिंग स्कैंडल में हुआ था, उसमें SEBI अध्यक्ष और उनके पति की हिस्सेदारी थी.

 ये भी पढ़ें - हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट में SEBI चीफ पर बड़े आरोप, Adani से कौन सा कनेक्शन निकला?

रिपोर्ट के मुताबिक, माधबी बुच और उनके पति धवल बुच ने 5 जून 2015 को सिंगापुर में आईपीई प्लस फंड 1 के साथ अपना अकाउंट खोला था. इसमें कपल की नेटवर्थ 10 मिलियन डॉलर आंकी गई है. रिपोर्ट में आगे बताया गया कि ऑफशोर मॉरीशस फंड की स्थापना इंडिया इंफोलाइन के माध्यम से अडानी ग्रुप के एक डायरेक्टर ने की थी. और यह टैक्स हेवन मॉरीशस में रजिस्टर्ड है.

वीडियो: खर्चा पानी: हिंडनबर्ग रिपोर्ट से इस तरह कई कंपनियों ने कमाए अरबों!

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