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'जोश' और 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया' वाले चंद्रचूड़ सिंह आज कल कहां हैं?

एक एक्सीडेंट ने चंद्रचूड़ सिंह की पूरी लाइफ बदलकर रख दी.

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8 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 8 जनवरी 2021, 08:53 AM IST)
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फिल्म 'जोश' के एक सीन में को-स्टार ऐश्वर्या राय के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
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साल 2000 में एक फिल्म आई थी जोश. इसकी खास बात ये थी कि इसमें शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय भाई-बहन बने थे. शाहरुख की इस फिल्म को आमिर खान के भाई यानी क़यामत से क़यामत तक वाले मंसूर खान डायरेक्ट कर रहे थे. फिल्म में एश्वर्या को उस लड़के से प्यार था, जिसका उनके भाई के साथ पंगा था. दिल से हारे इस लड़के को दुनिया ने चंद्रचूड़ सिंह के नाम से जाना और याद रखा. फिल्मों में अच्छी शुरुआत के बावजूद वो अपने करियर में लंबा क्यों नहीं खेल पाए. उनसे जुड़ा सबसे ज़्यादा पूछा गया सवाल ये है कि वो इतने सालों तक कहां गायब रहे. हम उन्हीं चंद्रचूड़ सिंह की बात करेंगे.



ओडिशा की राजकुमारी का बेटा जो स्ट्रगल  से हारकर म्यूज़िक टीचर बन गया

चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर, 1968 को हुआ. मां ओडिशा के बालनगिर के महाराजा की बेटी थीं और पापा बलदेव सिंह यूपी में अलीगढ़ की खैरा सीट से सांसद थे. स्कूलिंग हुई देहरादून के मशहूर दून स्कूल से. फैमिली दिल्ली में सेटल थी इसलिए स्कूल के बाद चंद्रचूड़ का एडमिशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में हुआ. 1988 में ग्रैजुएट होते ही चंद्रचूड़ बाबू हीरो बनने मुंबई निकल गए. शुरुआत हुई असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर. महेश भट्ट की फिल्म आवारगी से. मगर चंद्रचूड़ को एक्टर बनना था, इसलिए लगातार उधर भी हाथ-पांव मार रहे थे. कई बार ऐसा लगा कि स्ट्रगल खत्म हुई और स्टारडम शुरू. मगर ऐसा हो नहीं पा रहा था. कई फिल्में मिलते-मिलते रह गईं. जैसे चंद्रचूड़ सिंह और सुचित्रा कृष्णमूर्ति को साथ लेकर ‘जब प्यार किया तो डरना क्या’ नाम की एक फिल्म प्लान हुई थी. मगर वो कभी बन ही नहीं पाई. सौदागर और बेख़ुदी जैसी फिल्मों से उन्हें लास्ट मिनट में रिप्लेस कर दिया गया. इन चीज़ों से फ्रेस्ट्रेट होकर चंद्रचूड़ ने मुंबई छोड़ दिया. वो वापस देहरादून आ गए. म्यूज़िक की प्रॉपर ट्रेनिंग थी, तो दून स्कूल में बच्चों को म्यूज़िक पढ़ाने लगे.


अपने करियर के शुरुआती दिनों में चंद्रचूड़ सिंह.
अपने करियर के शुरुआती दिनों में चंद्रचूड़ सिंह.
जया बच्चन ने फोन करके अपनी कंपनी की पहली फिल्म ऑफर की स्कूल में पढ़ाने के दौरान बुलावा आया कि चंद्रचूड़ सिंह के लिए कोई ज़रूरी फोन आया है. चंद्रचूड़ ने फोन उठाया, तो पता चला कि दूसरी तरफ जया बच्चन हैं. अमिताभ बच्चन ने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस शुरू किया था. ABCL यानी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड. अपनी कंपनी के तले वो पहली फिल्म बनाने जा रहे थे. इस फिल्म का नाम था तेरे मेरे सपने. जया ने इस फिल्म में काम देने के लिए चंद्रचूड़ को फोन मिलाया था. चंद्रचूड़ सिंह के साथ तेरे मेरे सपने में अरशद वारसी, प्रिया गिल और सिमरन ने लीड रोल्स किए थे. वो लड़की आंख मारे ओरिजिनली इस फिल्म का गाना था, जिसे बाद में रणवीर सिंह की फिल्म सिंबा के लिए रीमिक्स किया गया. तेरे मेरे सपने बनी और ऐवरेज ग्रॉसर साबित हुई. मतलब इससे बच्चन को कुछ खास फायदा नहीं हुआ. कुछ 10 फिल्मों को प्रोड्यूस करने के बाद ABCL भारी घाटे में चली गई. उसके सारे ऑफरेशंस रोकने के पड़े और अमिताभ खस्ताहाल हो गए. कहा जाता है कि ABCL की ही देन थी कि अमिताभ को यश चोपड़ा के घर जाकर काम मांगना पड़ा. यश ने अमिताभ को फिल्म तो दी, मगर उसमें वो हीरो नहीं थे. वो फिल्म थी मोहब्ब्तें, जिसमें शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी और अमिताभ एक कॉलेज के प्रिसिंपल के रोल में नज़र आए थे. प्रोडक्शन हाउस वाली घटना के बाद ही अमिताभ ने पहली बार कोई टीवी शो साइन किया, जिससे वो आज तक जुड़े हुए हैं. शो का नाम है कौन
अमिताभ बच्चन की प्रोडक्शन कंपनी के तले बनी फिल्म तेरे मेरे सपने के पोस्टर पर अपने दूसरे को-स्टार्स के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
अमिताभ बच्चन की प्रोडक्शन कंपनी के तले बनी फिल्म तेरे मेरे सपने के पोस्टर पर अपने दूसरे को-स्टार्स के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
आमिर का ठुकराया रोल करके स्टार बने चंद्रचूड़ सिंह 1996 यानी पहली फिल्म की रिलीज़ वाले साल ही चंद्रचूड़ सिंह को एक और फिल्म मिली. माचिस नाम की इस फिल्म को दिग्गज राइटर और पोएट गुलज़ार डायरेक्ट कर रहे थे. ऑपरेशन ब्लू स्टार और एंटी-सिख दंगों के बैकड्रॉप में घटने वाली इस कहानी में चंद्रचूड़ ने कृपाल सिंह नाम का किरदार निभाया था. ये एक हंसते-खेलते लड़के का रोल था, जिसे परिस्थितियां आतंकवादी बना देती हैं. माचिस में शानदार काम के लिए चंद्रचूड़ को फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू एक्टर का अवॉर्ड मिला. अब उन्हें काम मिलने लगा था. अगले कुछ समय में वो बेताबी, श्याम-घनश्याम और दिल क्या करे जैसी फिल्मों में नज़र आए. मगर ये फिल्म टिकट खिड़की पर परफॉर्म नहीं कर पाईं. चंद्रचूड़ सिंह के बारे में ये कहा जाता रहा है कि वो अपने बूते कभी कोई फिल्म हिट नहीं करा पाए. उनकी जितनी भी सफल फिल्में हैं, वो सभी मल्टी-स्टारर रही हैं. 1999 में उनकी ‘दाग- द फायर’ रिलीज़ हुई. इसमें चंद्रचूड़, संजय दत्त के साथ दिखाई दिए थे. फिल्म खूब चली. मगर जिस फिल्म ने उन्हें स्टारडम दी, वो थी 2000 में आई शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय स्टारर जोश. एक्चुअली हुआ ये कि डायरेक्टर मंसूर खान इस फिल्म में शाहरुख और आमिर को साथ लाना चाहते थे. शाहरुख की कास्टिंग फाइनल हो चुकी थी. आमिर को दूसरे पैरलेल रोल के लिए अप्रोच किया गया. आमिर का मानना था कि वो बहुत सारी रोमैंटिक फिल्मों में चॉकलेटी हीरो वाला रोल कर चुके हैं. अब वो कुछ अलग करना चाहते हैं. इसके बाद ये रोल चंद्रचूड़ सिंह के खाते में चला आया. जोश ठीक-ठाक कमाई कर गई. मगर फिल्म का म्यूज़िक बड़ा सक्सेसफुल रहा. फिल्म के दो सबसे हिट गानों 'मेरे ख्यालों की मल्लिका' और 'हम तो दिल से हारे' में चंद्रचूड़ सिंह नज़र आए. और यहीं से वो लोगों की नज़र में आ गए. इसके बाद वो क्या कहना जैसी गैर-पारंपरिक और टैबू इशू पर बेस्ड फिल्म में प्रीति ज़िंटा के साथ नज़र आए. यहां भी उनके काम की तारीफ हुई.
फिल्म माचिस के एक सीन में तबू के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
फिल्म माचिस के एक सीन में तबू के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
फिल्में छोड़ कुकरी शो होस्ट क्यों बन गए चंद्रचूड़? 2001 में हिम्मतवाला फेम डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव ने एक फिल्म बनाई. लंबी चौड़ी स्टारकास्ट वाली इस फिल्म का नाम था आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया. गोविंदा, जूही चावला, तबू, जॉनी लीवर के साथ इस फिल्म में चंद्रचूड़ सिंह भी काम कर रहे थे. फिल्म सिनेमाघरों में तो कुछ खास नहीं चली पर टीवी पर इसे खूब देखा गया. इस फिल्म के बाद चंद्रचूड़ फिल्मों से दूर होने लगे. वो इक्का-दुक्का फिल्मों में नज़र आते मगर लोगों का ध्यान आकर्षित नहीं कर पाते. उन्होंने दाग वाली हिट टीम यानी संजय दत्त और महिमा चौधरी के साथ फिल्म सरहद पार से बड़े परदे पर वापसी की. मगर लंबे समय तक अटके रहने के बाद 2006 में रिलीज़ हुई ये फिल्म डूब गई. इसके बाद चंद्रचूड़ ने रॉयल रसोई नाम का टीवी कुकरी शो होस्ट करना शुरू किया. साथ ही चार दिन की चांदनी, जिला गाज़ियाबाद और द रिलंक्टेंट फंडामेंटलिस्ट जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल्स में भी नज़र आए, जिससे उनके करियर को कोई मदद नहीं मिली.
अपना कुकरी शो 'रॉयल रसोई' होस्ट करते चंद्रचूड़ सिंह.
अपना कुकरी शो 'रॉयल रसोई' होस्ट करते चंद्रचूड़ सिंह.

फिल्मों से दूर क्यों हो गए?
साल 2000 में जोश और क्या कहना जैसी फिल्मों की रिलीज़ के बाद चंद्रचूड़ सिंह छुट्टियां मनाने गोवा गए हुए थे. वहां उनके साथ एक हादसा हो गया. न्यूज़ पोर्टल डीएनए को दिए एक इंटरव्यू में चंद्रचूड़ बताते हैं कि वो गोवा में वाटर स्कीइंग कर रहे थे. इस दौरान उनकी ग्रिप यानी पकड़ जरा ढीली पड़ गई. स्पीड बोट काफी तेजी रफ्तार में थी. ऐसे में उनका बायां हाथ कंधे से डिसलोकेट हो गया. चंद्रचूड़ बताते हैं कि वो इस बात से खुश हैं कि उनका उखड़कर शरीर से अलग नहीं हुआ. क्योंकि वो बोट इतनी स्पीड में थी कि कुछ भी संभव था. जब ये एक्सीडेंट हुआ, तब उनकी कई फिल्मों की शूटिंग चल रही थी. फिज़ियोथेरेपी वगैरह के बाद चंद्रचूड़ फिल्मों की शूटिंग पर लौट आए. मगर उनका हाथ पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ था. कभी भी उन्हें दर्द शुरू हो जाता है, जिसकी वजह से फिल्म की शूटिंग कुछ दिनों के लिए रोकनी पड़ती. वर्क आउट बंद था और दवाइयों की वजह से उनका वजह भी बढ़ने लगा था. इसलिए वो कुछ दिन फिल्मों से दूर रहे. वो वापसी करना चाहते थे पर चंद्रचूड़ को कुछ ऐसा काम ऑफर नहीं हुआ, जिसे करने को लेकर वो उत्साहित हो पाएं.
1999 में चंद्रचूड़ सिंह की शादी हुई. लॉरेंस स्कूल सनावर से पढीं 20 साल की अवंतिका से. अवंतिका हिमाचल की मशहूर मनकोटिया फैमिली से आती हैं. ये परिवार अपने फैले हुए हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस के लिए जाना जाता है. शादी के बाद चंद्रचूड़ अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए मुंबई निकल गए. और अवंतिका टूरिज़्म में अंडरग्रुज़ैएशन की पढ़ाई करने लगीं. कुछ समय बाद इन्हें एक बेटा हुआ, जिसका नाम रखा गया श्रंजय. मगर आगे चंद्रचूड़ और अवंतिका के बीच कुछ दिक्कतें आ गईं. अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में ज़्यादा बात नहीं करने वाले चंद्रचूड़ सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि वो सिंगल पैरेंट हैं. वो चाहते थे कि वो अपने बेटे को ज़्यादा से ज़्यादा समय दे पाएं. उनके फिल्मों से दूर रहने की ये भी एक बड़ी वजह रही.
दो अलग-अलग इवेंट्स में अपनी पत्नी अवंतिका और बेटे श्रंजय के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
दो अलग-अलग इवेंट्स में अपनी पत्नी अवंतिका और बेटे श्रंजय के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
आज कल कहां हैं चंद्रचूड़ सिंह? चंद्रचूड़ सिंह 2017 दिल्ली निकाय चुनावों के दौरान चर्चा में आए थे. वे हरिनगर इलाके की कैंडिडेट नेहा चौकन के लिए दिल्ली की गलियों में घूम-घूमकर प्रचार करते पाए गए थे. इसके बाद अटकलों का बाज़ार इस खबर से गर्म हो गया कि चंद्रचूड़ सिंह फिल्में छोड़ राजनीति में आ रहे हैं. मगर ये सारी खबरें हवा-हवाई साबित हुईं. पिछले दिनों चंद्रचूड़ सिंह ने एक्टिंग में शानदार वापसी की है. वो सुष्मिता सेन के साथ हॉटस्टार सीरीज़ आर्या में नज़र आए थे. सीरीज़ में उनका रोल आर्या के पति तेज सरीन का था. मगर इस प्रोजेक्ट के मिलने के पीछे भी एक बड़ा इंट्रेस्टिंग किस्सा है.
चंद्रचूड़ अपने बेटे को स्कूल एंट्रेंस इग्ज़ाम दिलवाने के लिए देहरादून गए हुए थे. प्रोजेक्ट के बारे में ज़्यादा न बताते हुए चंद्रचूड़ को एक वेब सीरीज़ के लिए कॉल आया. इसके बाद व्हाट्स ऐप पर उन्होंने अपना ऑडिशन वीडियो टीम को भेजा. फाइनली उन्हें बताया गया कि वो इस सीरीज़ में काम कर रहे हैं. इसकी शूटिंग मुंबई में होनी है, इसलिए जल्द से जल्द पहुंचिए. फ्लाइट में उन्हें एयर होस्टेस मिलीं, जिन्होंने उनके साथ फोटो खिंचाने की रिक्वेस्ट की. उनमें से एक का नाम सुष्मिता सेन था. इसके बाद वो मुंबई पहुंचे और उन्हें पता चला कि वो जिस सीरीज़ में काम कर रहे हैं, उसमें सुष्मिता सेन ही लीड रोल कर रही हैं. चंद्रचूड़ बताते हैं कि वो 19 साल पहले सुष्मिता के साथ एक फिल्म पर काम करने वाले थे पर वो फिल्म ही नहीं बनी.
वेब सीरीज़ आर्या के एक सीन में सुष्मिता सेन के साथ चंद्रचूड़ सिंह.
वेब सीरीज़ आर्या के एक सीन में सुष्मिता सेन के साथ चंद्रचूड़ सिंह.

चंद्रचूड़ अपने बेटे के चक्कर में देशभ्रमण करते रहते हैं मगर उनका बेस मुंबई है. वो यहीं रहते हैं और यहीं से ऑपरेट करते हैं. लॉकडाउन के पहले वो कुछ स्क्रिप्ट्स पढ़ रहे थे, जिन पर काम शुरू होना था. मगर लॉकडाउन की वजह से सारा मामला अटक गया था. अगले कुछ समय में हमें चंद्रचूड़ सिंह कुछ नए प्रोजेक्ट्स में नज़र आने वाले हैं.

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