The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Act against Akhlaq family in 20 days or else: Dadri chorus

'अखलाक की फैमिली पर कार्रवाई हो, वरना भीड़ का गुस्सा नहीं रुकेगा'

दादरी के बिसाहड़ा गांव में फिर हुआ उसी मंदिर से ऐलान. जुटे आरोपियों के हमदर्द और 'वरना' की भाषा में दी धमकी.

Advertisement
Img The Lallantop
मोहम्मद अखलाक.
pic
कुलदीप
7 जून 2016 (अपडेटेड: 6 जून 2016, 04:03 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

दादरी दादरी दादरी!

गाय गाय गाय!

भीड़ भीड़ गुस्सा!

गुस्सा गुस्सा गुस्सा!

उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब आ रहे हैं और ये आवाज़ें फिर सर उठाने लगी हैं. मोहम्मद अखलाक के घर में मटन नहीं, बीफ था. ऐसी रिपोर्ट आने के बाद दादरी के बिसाहड़ा गांव में तनाव बढ़ गया है. अखलाक के परिवार के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है. धमकियां दी जा रही हैं.
अखलाक की हत्या के आरोपियों के हमदर्दों ने सोमवार को गांव में सभा की. इसके बाद प्रशासन को चेतावनी दी गई. कहा गया कि 20 दिन के अंदर अखलाक की फैमिली के खिलाफ गोमांस रखने का केस हो, वरना भीड़ का गुस्सा हम नहीं रोक पाएंगे.
Embed
संसद में बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने यह मुद्दा उठाया था, यह याद दिलाते हुए एक और पूर्व प्रधान प्रताप सिंह सिसोदिया ने आत्मदाह की धमकी दी. उन्होंने कहा, 'अगर निर्दोष बच्चों (आरोपियों) के साथ न्याय नहीं हुआ तो हम महापंचायत बुलाएंगे. खुद को आग भी लगा लेंगे.'
Embed
आरोपियों के परिवार और हमदर्द सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो उसकी वजह है. अभी जांच यूपी की सपा सरकार के अंडर आने वाली यूपी पुलिस कर रही है. सीबीआई बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के अंडर आती है.
यह सभा सुरक्षा के भारी इंतजामों के बीच हुई. जिला लेवल के सीनियर पुलिस अफसर बिसाहड़ा पहुंच रहे हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न होने पाए. पंचायत चुनावों के बाद से ही इलाके में धारा 144 लागू है, लेकिन धार्मिक जगहों पर लोगों के जुटने पर पाबंदी नहीं है.
सभा में ओम महेश भी पहुंचे थे, जिनके बेटे होमगार्ड कांस्टेबल विनय को मामले में आरोपी बनाया गया और बाद में क्लीनचिट दे दी गई. ओम महेश ने कहा, '28 सितंबर को जो कुछ हुआ उससे हम भी दुखी हैं. एक आदमी मर गया. ऐसा नहीं होना चाहिए था. लेकिन प्रशासन ने पक्षपात और कायरता से एक्शन लिया है. पुलिस आधी रात को हमारे घर में घुसी, हमारे सोते हुए बच्चों को उठाया और उन्हें बिना जांच के जेल भेज दिया. महीनों तक हम पर क्या गुजरी है. मेरा बेटा पुलिस के साथ ही काम करता था, वो ड्यूटी पर था जब उसे उठा लिया गया और 6 दिन तक पूछताछ की. डीएम, एसएसपी सबने उससे पूछताछ की. फिर उसे क्लीन चिट देकर 6 दिन बाद भेज दिया. लेकिन इस पर भी बवाल हो गया कि ये लड़का कैसे छूट गया.'
महेश ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या हिंदू उनके लिए वोट नहीं करते? क्या सिर्फ मुस्लिम उनके लिए वोट करते हैं? रिपोर्ट से साफ हो गया है कि उस आदमी (अखलाक) ने गोहत्या की थी. उनके खिलाफ केस क्यों नहीं होना चाहिए? उनका परिवार जेल में क्यों नहीं होना चाहिए, जब हमारे बच्चे जेल में हैं? आप आरोपी को क्यों बचा रहे हैं?'

आप आरोपी को क्यों बचा रहे हैं?

ये सवाल हर पक्ष के लोग खुद से पूछ लें. हर पक्ष के लोग.

Advertisement

Advertisement

()