अभिनंदन को निचोड़ने के लिए अपने भाई से बच्चा पैदा करवा दिया!
एक ही बच्चा कई लोगों के यहां पैदा हो गया है और सबने उसका नाम अभिनंदन रखा है...
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सोशल मीडिया पर ऐसे कई पोस्ट्स दिख रहे हैं. दो बच्चों का चेहरा घूम रहा है. लोग लिख रहे हैं कि ये बच्चा उनके या उनके किसी रिश्तेदार के यहां पैदा हुआ. और विंग कमांडर अभिनंदन के सम्मान में उन्होंने बच्चे का नाम अभिनंदन रखा है. सारे ट्वीट्स की भाषा सेम है.
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सोशल मीडिया और 'IT सेल' वाले विंग कमांडर अभिनंदन को निचोड़ रहे हैं. और अभिनंदन के नाम पर हमारी भावनाओं को भुना रहे हैं.
वायु सेना के बहादुर अफसर अभिनंदन. पाकिस्तान से अपने वतन वापस आ गए हैं. जहां देखो, अभिनंदन के चर्चे हैं. लेटेस्ट ये है कि उनकी मूंछों का स्टाइल भारी डिमांड में है. इससे भी महा लेटेस्ट बात बताई है सोशल मीडिया ने. कई लोग ट्वीट कर रहे हैं. कि उनके फलां के यहां बच्चा हुआ. उस फलां ने अपने बच्चे का नाम अभिनंदन रखा. खबर ये नहीं है मगर. अद्भुत ये हुआ कि एक ही बच्चा कइयों के यहां पैदा हो गया है. सेम-टू-सेम बच्चा. और तो और, एक के तो भाई ने ही बच्चा जन दिया. इन ट्वीट्स की भाषा एक जैसी. सब कुछ एक जैसा. बस हैंडल्स के नाम अलग-अलग. समझ न आई हो मेरी बात, तो कुछ सैंपल ट्वीट देखिए.


मुहम्मद इम्तियाज सुल्तान के यहां पैदा हुआ बच्चा और केसर चौहान के घर जन्मा बच्चा, दोनों हूबहू एक. और तो और, दोनों के भाई ने ही बच्चा पैदा किया. दोनों ट्वीट्स में लिखने वाला का नाम छोड़कर और कोई अंतर नहीं.

इसकी भी भाषा वैसी ही है. बस बच्चे की शक्ल अलग है.

इनको भी देखिए. रफी और अनुज दोनों की आंटी ने बच्चा पैदा किया. एक ही शक्ल का. रफी और अनुज ने भी आपस में सलाह करके ट्वीट कॉपी-पेस्ट किया.
खूब लोगों ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली इन ट्वीट्स की. इनमें एक नाम महबूबा मुफ्ती का भी है. महबूबा का ट्वीट देखिए-
ये सब ऐसा ही है, जैसे आपने कद्दू का एक बीज बोया. एक बेल उग आई. अब सरसों और लहसुन के पेस्ट में उसके पत्तों और पतली-पतली डंठल को मिलाकर सब्जी बनाइए. उसके फूलों का पकौड़ा खाइए. कद्दू से बना लीजिए सब्जी. या हलवा. या और कई दर्ज़नों व्यंजन. कद्दू के छिलके की भुजिया बन जाएगी. और अंदर जो बीज हो, उसे धोकर सुखा लीजिए. फिर मजे से रोस्ट करके हेल्दी चखना बनाइए उसका. मल्टी-यूज़ माइंडसेट. उफनती भावनाओं को भुनाना और फिर उसके नाम पर अपना हित साधना भी कुछ ऐसा ही है. और भी कोई मकसद हो इन लोगों का, तो वो ही जानें. लेकिन इस तरह की बेवकूफियां करके वो हम सबका मज़ाक उड़वाते हैं.
विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी तक सब्र नहीं कर सके ये लोग
वायु सेना के बहादुर अफसर अभिनंदन. पाकिस्तान से अपने वतन वापस आ गए हैं. जहां देखो, अभिनंदन के चर्चे हैं. लेटेस्ट ये है कि उनकी मूंछों का स्टाइल भारी डिमांड में है. इससे भी महा लेटेस्ट बात बताई है सोशल मीडिया ने. कई लोग ट्वीट कर रहे हैं. कि उनके फलां के यहां बच्चा हुआ. उस फलां ने अपने बच्चे का नाम अभिनंदन रखा. खबर ये नहीं है मगर. अद्भुत ये हुआ कि एक ही बच्चा कइयों के यहां पैदा हो गया है. सेम-टू-सेम बच्चा. और तो और, एक के तो भाई ने ही बच्चा जन दिया. इन ट्वीट्स की भाषा एक जैसी. सब कुछ एक जैसा. बस हैंडल्स के नाम अलग-अलग. समझ न आई हो मेरी बात, तो कुछ सैंपल ट्वीट देखिए.


मुहम्मद इम्तियाज सुल्तान के यहां पैदा हुआ बच्चा और केसर चौहान के घर जन्मा बच्चा, दोनों हूबहू एक. और तो और, दोनों के भाई ने ही बच्चा पैदा किया. दोनों ट्वीट्स में लिखने वाला का नाम छोड़कर और कोई अंतर नहीं.

इसकी भी भाषा वैसी ही है. बस बच्चे की शक्ल अलग है.

इनको भी देखिए. रफी और अनुज दोनों की आंटी ने बच्चा पैदा किया. एक ही शक्ल का. रफी और अनुज ने भी आपस में सलाह करके ट्वीट कॉपी-पेस्ट किया.
खूब लोगों ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली इन ट्वीट्स की. इनमें एक नाम महबूबा मुफ्ती का भी है. महबूबा का ट्वीट देखिए-
ये क्या तमाशा है? इमोशन बहुत तगड़ी चीज होती है. अजनबियों को भी जोड़ देती है. सोशल मीडिया ये बात बखूबी समझता है. किसी ट्रेंडिंग चीज का भरपूर दोहन करते हैं. अभिनंदन वतन वापस लौट चुके हैं. अब उनको कैसे 'यूटिलाइज' किया जाए, इसके तरीके खोजे जाएंगे. इन्हीं तरीकों की एक मिसाल है ये 'अपने बच्चे का नाम अभिनंदन रखा' वाले ट्वीट. पढ़ने वाला इमोशन हो जाए एक सेकेंड में. हो गया काम. वैसे हमारी कलेक्टिव फीलिंग जितनी जल्दी उबाल मारती है, उतनी ही तेजी से फिर बैठ भी जाती है. आप देखिए. जवान शहीद होते हैं, तो खबरों में आते हैं. उनके ऊपर बात होती है. कुछ वक़्त बाद लोग नाम तक भुला देते हैं उनका. यकीन न हो, तो खुद से पूछिए. कितने शहीदों का नाम याद रखा है आपने?Great choice for a name but last I checked women were the ones who gave birth Also baby looks quite big for a newborn. https://t.co/dKjQnvkQXv
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 2, 2019
ये सब ऐसा ही है, जैसे आपने कद्दू का एक बीज बोया. एक बेल उग आई. अब सरसों और लहसुन के पेस्ट में उसके पत्तों और पतली-पतली डंठल को मिलाकर सब्जी बनाइए. उसके फूलों का पकौड़ा खाइए. कद्दू से बना लीजिए सब्जी. या हलवा. या और कई दर्ज़नों व्यंजन. कद्दू के छिलके की भुजिया बन जाएगी. और अंदर जो बीज हो, उसे धोकर सुखा लीजिए. फिर मजे से रोस्ट करके हेल्दी चखना बनाइए उसका. मल्टी-यूज़ माइंडसेट. उफनती भावनाओं को भुनाना और फिर उसके नाम पर अपना हित साधना भी कुछ ऐसा ही है. और भी कोई मकसद हो इन लोगों का, तो वो ही जानें. लेकिन इस तरह की बेवकूफियां करके वो हम सबका मज़ाक उड़वाते हैं.
विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी तक सब्र नहीं कर सके ये लोग

