'आप' वाले अरुण जेटली के पीछे पड़े हुए हैं. कह रहे हैं DDCA में जेटली ने करप्शनफैलाया. जांच, इस्तीफे की डिमांड है. बुधवार को कभी हमारे भाई-बंधु रहे AAP नेताआशुतोष ने 5 मासूम सवाल पूछे, जेटली से. इन सवालों में तीन तो आपस में ही चिपके हुएहैं. शायद 'पूर्व टीवी पत्रकार' आशुतोष वर्ड लिमिट भूल गए. बस बोलते गए. चूंकिआशुतोष के सवालों से पंच (डंके की चोट) गायब है. और इन सवालों के लोल टाइप होने कीवजह से कोई भी मजे ले सकता है. तो हम भी पीछे क्यों रहें. यहां पढ़िए आशुतोष के 5ओरिजनल सवाल और 5 जवाब 'दी लल्लनटॉप' स्टाइल में. 1. अरुण जेटली ने डीडीसीए विवादमें पद का दुरुपयोग कर पुलिस पर दबाव नहीं डाला? लल्लन: नहीं डाला. क्योंकि मोदीसरकार में दबाव डालने का काम नितिन गडकरी के पास है, जिसमें वो पर्सनल 'यूरियापद्धति' से पौधों पर उगने के लिए दबाव डालते हैं. 2. नारायण को चिट्ठी क्यों लिखीथी? लल्लन: खुले खत का दौर है. नेट स्पीड नहीं आ रही थी. लिख दी चिट्ठी. याद भी आरही थी उनकी. गिरिराज का 'प्राइवेट कबूतर' पाकिस्तान जाते हुए उनके दफ्तर मेंचिट्ठी गिरा गया. कौन सी बड़ी बात हैगी. 3. किस हैसियत से जेटली ने कमिश्नर कोचिट्ठी लिखी? लल्लन: हैसियत बन जाए, इस हैसियत से लिखी. इस मुल्क में हैसियत उसी कीबनती है, जिसकी चिट्ठी सालों बाद पकड़ी जाए. अरे सुषमा स्वराज का ट्विटर हैंडलमेंशन करना रे कोई. 'ललित' निबंध लिखना है मोय, विदेश नीति पर. 4. क्या राज्यसभामें रहते हुए अपने पद का प्रभाव नहीं डाला? लल्लन: नहीं डाला, अपने आप डलगया. FOGG होरा है ना भोत जादै. इंडिया में उसी का प्रभाव चल्लिया है. तो जेटली भीलगा के चले गए होंगे FOGG. कोई प्रभाव में आ गया हो, तो क्या कर सकते हैं. मुलायमवैसे भी कह गए हैं, लड़कन से गलती हो जाती है. हो गई जेटली से गलती. 5. जांचप्रभावित करने पर DDCA की एजीएम को बताया? लल्लन: अरे यहां ससुर, पांच साल से लौंडाकमिटेड होने के बावजूद घर में नहीं बोल पा रहा है खुलके. कि रिलेशनशिप स्टेटसप्रभावित हो जाएगा. तो जेटली तो ठहरे वकील आदमी. मन की बात का दौर है. खुद को बतादिया होगा. बकलोल जनता समझ नहीं पा रही है.--------------------------------------------------------------------------------आपके पास भी हैं आशुतोष के मासूम सवालों के जवाब, तो कमेंट में लिखो न यार. हिंदी,अंग्रेजी सारी टाइपिंग का जुगाड़ है 'दी लल्लनटॉप' के पास.