केरल का एक जिला है कन्नूर. अभी राजनैतिक हत्याओं की वजह से चर्चा में है. बीजेपीऔर संघ के कार्यकर्ता आरोप लगाते हैं कि यहां पर सीपीएम सरकार की वजह से कई संघकार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. वहीं सीपीएम सरकार आरोप लगाती है कि उसकेकार्यकर्ताओं की भी हत्या हुई है, जिसके पीछे बीजेपी और संघ के लोग हैं. इन चर्चाओंके बीच कन्नूर से एक अच्छी खबर भी है. यहां की कोलायड पंचायत ने शादी के लिए एक नईशर्त रखी है, जिसका नाम है मालिन्यामिलाथा मंगलयम.मालिन्यामिलाथा मंगलयम का मतलब होता है नो वेस्टेज वेडिंग, यानी शादी में किसी तरहका कचरा नहीं होगा. शर्त के मुताबिक किसी नए नवेले जोड़े को पंचायत की ओर से शादीका सर्टिफिकेट तभी दिया जा सकता है, जब वो इस बात को मान ले कि शादी में आने वालेमेहमानों को वो प्लास्टिक के प्लेट में नहीं, पत्तलों में खाना खिलाया जाएगा. इसकेअलावा किसी तरह के प्लास्टिक के सामान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.शादियों में खाने के बाद प्लास्टिक के पत्तल कूड़े में फेंक दिए जाते हैं, जो नष्टनहीं होते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)कोलायड पंचायत के फैसले के मुताबिक, पहले इस शर्त को सिर्फ शादियों पर लागू कियागया है. बाद में इसे उन आयोजनों में भी लागू किया जाएगा, जिसमें 100 से अधिक लोगशामिल होंगे. ऐसा कोई भी आयोजन, जिसमें 100 से अधिक लोग होंगे, उसके लिए पंचायत सेपरमिशन लेनी होगी. अगर किसी ने ऐसा नहीं किया तो उस परिवार पर 10,000 रुपये काजुर्माना लगाया जाएगा.इसके अलावा पंचायत ने ये भी फैसला किया है कि जो भी परिवार शादियों के लिए तय किएगए नियमों का पूरी तरह से पालन करेगा, उन्हें पंचायत की ओर से प्रशस्ति पत्र औरप्रशस्ति चिन्ह दिया जाएगा.पंचायत की पहल इस मामले में भी बेहद खूबसूरत है कि उसने गांव में लगने वालेप्लास्टिक के फ्लैक्स बोर्ड और बैनरों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. ये गांव अबस्कूली बच्चों के प्लास्टिक पेन और प्लास्टिक से बनी पानी की बोतलों को भी हटाने कीकोशिश कर रहा है.गांव ने प्लास्टिक के बैनर-पोस्टर पर भी रोक लगा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)इसके अलावा गांव में एक नवंबर 2017 के बाद से जो भी बिल्डिंग बनेगी, उसमेंप्लास्टिक का किसी तरह का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. साथ ही पर्यावरण को नुकसानपहुंचाने वाली किसी चीज़ का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. जिस किसी को भी गांव में घरबनवाना होगा, उसे पंचायत के सामने एप्लिकेशन देना होगा. उसमें लिखना होगा कि उसनेपांच पेड़ लगाए हैं. एप्लिकेशन के साथ ही पेड़ की फोटो भी अटैच करनी होगी.घर बनवाने से पहले पेड़ लगवाने होंगे (सांकेतिक तस्वीर)जब पूरी दुनिया के ताकतवर लोग पेरिस में बैठकर जलवायु परिवर्तन पर बात कर रहे हैं,भारत के एक छोटे से गांव ने अपने स्तर पर ही, पर्यावरण बचाने की ठानी है. उस गांवऔर गांव के लोगों के जज़्बे को सलाम, जिन्होंने और लोगों को भी पर्यावरण के लिएजागरूक होने का हौसला दिया है.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो में देखें आधार कार्ड के लिए आने वाले फोन कॉल्स की सच्चाई ये भी पढ़ें:मां-बाप ने इजाजत नहीं दी, तो देखो इस लड़के-लड़की ने क्या कियाकहानी अमरू की, जो बेटियों की शादी से हासिल रकम से ज़िंदगी चलाता थामालाबार विद्रोह की पूरी कहानी, जिसे केरल बीजेपी के चीफ पहला जिहाद बता रहे हैं