नए नोटों को लेकर कहा गया कि हाथ से रगड़ने पर या पानी से भिगाने पर ये रंग छोड़ताहै. यहां तक कि नए नोटों को पहचानने के तरीकों में से इसे भी एक तरीका बताया गयाहै. पर नए नोटों कि यही खासियत आज एक गरीब के लिए परेशानी का सबब बन गया. पश्चिमीउत्तर प्रदेश में आज झमाझम बारिश हुई है. इस बारिश की वजह से मौसम तो ठंडा हो हीगया, साथ ही एक ठेला लगाने वाले को भी हैरत में डाल दिया. आज हुए बारिश की वजह सेठेला लगाने वाले एक शख्स के दो हजार और पांच सौ रुपये के नए नोटों के रंग बदल गए.मेरठ के रहने वाले जितेंद्र वर्मा हर रोज की तरह आज भी अपने छोले-चावल का ठेलालगाकर अपनी दुकानदारी में लगा हुआ था. ठंड की वजह से उसके पास छोले-चावल खाने लोगकाफी संख्या में आ रहे थे. आज उसकी खूब कमाई हो रही थी. कुछ ही देर बाद तेज बारिशशुरू हो गई. और बारिश के कारण उसके गल्ले में रखे दो हजार और पांच सौ रुपए के नएनोट भीग गए. भीगने की वजह से उसके नए नोटों के रंग उड़ गए. जिससे हताश-परेशानजितेंद्र इन नोटों को लेकर बैंक के लिए भागा. लेकिन बैंक वालों ने इन नोट को लेनेसे मना कर दिया. अब अपनी रोजी-रोटी के लिए दो पैसे कमाने वाला जितेंद्र बहुत निराशहै.फोटो - दैनिक जागरण से साभारउसके लिए अब एक ही विकल्प बचा है कि वो इन नोटों को बदलवाने रिजर्व बैंक जाए. परठेला लगाने वाले एक साधारण सा मजदूर पैसे खर्च कर के और अपनी दुकान बंद कर पैसेबदलवाने रिजर्व बैंक कैसे जाए. उसके तो लेने के देने पड़ जाएंगे. जब सरकार ने ऐसे नएनोट बनाएं हैं कि हल्का सा पानी पड़ते ही उसके रंग उतर जाता है. फिलहाल तो एक मजदूरजितेंद्र की कमाई पर पानी फिर गया है.-------------------------------------------------------------------------------- ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 'जुदाई' की श्रीदेवी की तरह 2000 के 'नोट गद्दे' पर ऐश2000 के नोट से निकलकर गांधी जी लाठी लेने चले गए हैं