ट्यूशन पढ़ने जा रही बच्ची से बोला था, "आजा आजा", कोर्ट ने 1 साल जेल की सजा सुनाई
आरोपी ने कई दिनों तक लड़की का पीछा किया था.

मुंबई में नाबालिग लड़की का पीछा करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ा है. पूरे एक साल की सजा हुई है. वो भी करीब आठ साल बाद. मुंबई के दिंडोशी सेशन कोर्ट (Dindoshi Sessions court) ने आरोपी शख्स को जेल की सजा सुनाई है. उस पर एक 15 साल की लड़की का पीछा करने का आरोप लगा था. इंडिया टुडे से जुड़ीं विद्या की रिपोर्ट के मुताबिक उस शख्स ने पीछा करते हुए नाबालिग को बुलाते हुए "आजा आजा" कहा था.
पूरा मामला क्या है?ये मामला साल 2015 का है. 15 साल की बच्ची की मां ने FIR दर्ज कराई थी. लड़की स्कूल से छुट्टी होने के बाद वहीं से ट्यूशन पढ़ने जाती थी. 1 सितंबर, 2015 को दोपहर करीब 1.50 बजे जब लड़की अपनी साइकिल से ट्यूशन के लिए जा रही थी, तब आरोपी ने उसे आवाज़ दी और कहा, "आजा, आजा". लड़की घबरा गई और उसने आसपास खड़े लोगों से मदद मांगी. इसी बीच आरोपी वहां से भाग गया था.
आरोपी ने 3 सितंबर को भी ऐसा ही किया. अगले दिन 4 सितंबर, 2015 को वह लड़की की बिल्डिंग पर आया और उस पर नज़र रखने लगा. इसके बाद लड़की ने अपने माता-पिता को इसके बारे में बताया. उन्होंने आरोपी की तलाश शुरू कर दी. आखिरकार 6 सितंबर को जब लड़की ने आरोपी की पहचान कर ली. तब थाने में मामला दर्ज कराया गया.
ये यौन उत्पीड़न हैअदालत में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया था और सभी आरोपों से इनकार किया था.
वहीं जज के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने साबित किया है कि आरोपी ने नाबालिग लड़की का पीछा किया. उन्होंने कहा कि आरोपी ने बार-बार नाबालिग लड़की का पीछा करने की कोशिश की.
यह मानते हुए कि ये यौन उत्पीड़न के दायरे में आता है, अदालत ने आरोपी को लगभग 1 साल जेल की सजा सुनाई. आरोपी शख्स को POCSO एक्ट के प्रावधान के तहत दोषी ठहराया गया है. हालांकि, आरोपी को साल 2015 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था. 2016 में जमानत दिए जाने से पहले आरोपी लगभग 1 साल तक जेल में रह चुका है.
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