जनवरी 2015 की एक रात थी. एक लड़की अपनी बहन के साथ एक पार्टी में गई थी. पार्टी मेंउसने काफी शराब पी ली. नशे की वजह से वो बेहोश हो गई. जब उसको होश आया, उसके हाथोंऔर घुटनों पर खून लगा था. गर्दन के पीछे कुछ कांटें घुसे हुए थे. वो एक हॉस्पिटलमें थी. उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है. पुलिस वालों ने उसे बताया किउसका रेप हुआ था. साल भर बाद रेपिस्ट को सजा हुई. अब उस रेपिस्ट का पिता कह रहा हैकि ये सजा बहुत ज्यादा है. उसके बेटे के 20 मिनट के 'एक्शन' के लिए उसकी 20 साल कीज़िन्दगी बर्बाद हो जाएगी. 17 जनवरी 2015 की रात कुछ लड़के रात में बाइक पर घूम रहेथे. अचानक उनको कूड़ेदान के पीछे से आवाजें सुनाई पड़ीं. बाइक की लाइट मारी तो देखा.एक लड़की ज़मीन पर बेहोश पड़ी थी. उसके कपड़े फटे हुए थे. और एक लड़का उसके ऊपर चढ़ा हुआथा. बाइक देख कर वो लड़का, उस लड़की को वहीं छोड़ कर भाग गया. बाइक वाले लड़कों ने उसकापीछा किया. लेकिन उसको पकड़ नहीं पाए. लड़की बेहोश थी. बाइक वाले लड़कों ने उसकोहॉस्पिटल पहुंचाया. पुलिस में भी कंप्लेंट की. कैलिफ़ोर्निया की स्टैनफोर्डयूनिवर्सिटी में एक लड़की का रेप हुआ था. 17 जनवरी 2015 को. केस बहुत लम्बा चला. एकसाल से भी ज्यादा वक़्त लगा फैसला आने में. मार्च 2016 में कैलिफ़ोर्निया की ज्यूरीने फैसला दिया. रेपिस्ट को 14 साल की जेल हुई. फिर 2 जून 2016 को एक और फैसला आया.रेपिस्ट की सजा कम कर दी गई. अब उसको सिर्फ 6 महीने जेल में बिताने थे और उसपरनिगरानी रखी जाने वाली थी. रेप करने वाले का नाम था ब्रौक एलेन टर्नर. एक तैराक.उसकी सजा कम करने के पीछे जज ने सफाई दी. "ब्रौक एक बहुत अच्छा तैराक है. वो ओलंपिककी तैयारी कर रहा है. अगर उसको 14 साल की सज़ा दी गई तो उसके दिमाग और कैरिअर पर'बहुत गहरा असर' पड़ेगा. " जिस लड़की का रेप हुआ था, उसने भी खबर पढ़ी. उसके रेपिस्टकी सजा कम कर दी गई है. लड़की ने Buzzfeed News को एक चिट्ठी लिख कर भेजी. सीधे अपनेरेपिस्ट के नाम. उसने लिखा, तुम मुझे नहीं पहचानते. लेकिन फिर भी एक बार तुम मेरेअंदर घुसे थे. इसीलिए शायद हम आज यहां हैं. इसीलिए मैं तुमको ये चिट्ठी लिख रहीहूं. तुमने अपने बयान में कहा कि मैंने बहुत शराब पी रखी थी. मैं बहुत एंजॉय कररही थी जब तुम मेरा रेप कर रहे थे. ये तो वही बात हुई कि कार पार्किंग में खड़ी थी.दूसरी कार ने आकर उसे टक्कर मार दी. जो कार खड़ी थी वो पूरी तरह से टूट गई. और दूसरीकार का मालिक ये कहे कि पार्किंग में खड़ी कार अपना टूटना बहुत एन्जॉय कर रही थी. तुमने कोर्ट में कहा कि तुम लोगों को ये दिखाने चाहते हो. एक रात शराब पी लेना आपकीपूरी ज़िन्दगी किस तरह से ख़राब कर सकता है. तुम भूल गए कि सिर्फ तुम्हारी ज़िन्दगीख़राब नही हुई है. मेरी ज़िन्दगी भी खराब हो गई है. तुम्हारा सिर्फ कैरिअर खराब हुआहै. मुझे जो इमोशनल ट्रॉमा हुआ है. मेरे परिवार को जो तकलीफें सहनी पड़ी हैं. उन सबके बारे में सोचने की तुम्हारी औकात ही नहीं है. ये चिट्ठी सोशल मीडिया पर बहुत सेलोगों ने पढ़ी. लोग रेपिस्ट ब्रौक टर्नर के खिलाफ स्टेटस लिखने लगे. ट्वीट करनेलगे. फिर ब्रौक टर्नर के पिता ने एक चिट्ठी लिखी. सोशल मीडिया पर. अपने बेटे कोबचाते हुए. उसकी तारीफ करते हुए: 17 और 18 जनवरी को जो भी हुआ. उसके बाद से ब्रौककी ज़िन्दगी बिलकुल बदल गई है. अब वो पहले जैसा खुशमिजाज़ और हंसमुख लड़का नही रह गया.उसके चेहरे की मुस्कान भी हमेशा के लिए चली गई है. हर वक़्त वो डरा, सहमा और घबरायासा रहता है. जिस तरह से अब वो चलता है, धीमी आवाज़ में बात करता है. खाना भी ठीक सेनहीं खाता. ये देख कर उसकी परेशानी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. ब्रौक को कुछ ख़ासतरह के व्यंजन खाना बहुत पसंद था. वो खुद भी खाना पकाने का शौक़ीन था. मैं अक्सरउसके लिए उसका फेवरेट 'रिब ऑय स्टेक' लेकर आता था. हम दोनों साथ मिल कर उसे ग्रिलकरते थे. अपने बेटे को उसका मनपसंद खाना खाते देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता था. मैंकई बार अपने चिप्स के पैकेट छिपा कर रख देता था. क्योंकि मैं जानता था कि अगर ब्रौकघंटों की अपनी स्विमिंग प्रैक्टिस से वापस आ जायेगा तो वो चिप्स मेरे लिए कभी नहींबचेंगे. अब वो शायद ही मन से कुछ खाता है. जिंदा रहने के लिए जितना ज़रूरी बस उतनाही खाता है. इन फैसलों ने उसे तोड़ दिया है. उसके साथ ही हमारा पूरा परिवार भी बिखरगया है. अब उसकी ज़िन्दगी वैसी कभी नही होगी जैसी वो चाहता था. या जिसके लिए वोमेहनत कर रहा था. 20 मिनट के काम के लिए उसकी 20 साल की ज़िन्दगी बर्बाद हो जाएगी.ये पनिशमेंट उसके लिए बहुत ज्यादा है. अब जब उसपर एक रेपिस्ट या सेक्स ओफेंडर कातमगा लग गया है. उसकी ज़िन्दगी कभी भी बेहतर नहीं हो पाएगी. वो ना तो पहले जैसे रहपाएगा, ना काम कर पाएगा, ना ही कहीं जा पाएगा. अब लोगों से मिलने पर भी उसकेव्यवहार में बहुत बदलाव आ जाएगा. उसका पिता होने के नाते जहां तक मैं समझ सकता हूं,ब्रौक को जेल भेजना सही फैसला नहीं है. उसने इससे पहले कभी कोई जुर्म नहीं किया है.उसने कभी किसी के साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की. यहां तक कि 17 जनवरी 2015 की उस रात भीउसने कोई ज़बरदस्ती नहीं की. ब्रौक अपनी ज़िन्दगी में बहुत अच्छे काम कर सकता है. वोपढ़ाई में बहुत अच्छा है. कॉलेज के बच्चों को अल्कोहल और अनैतिक सेक्स के खतरों केबारे में समझाने में जुटा हुआ है. हमारे समाज को ब्रौक जैसे और लोगों की ज़रूरत है.जिससे कॉलेज के स्टूडेंट्स को शराब पीने और उससे होने वाले नुकसानों के बारे मेंपता चले. सबसे अच्छा तरीका है कि ब्रौक पर सिर्फ निगरानी रखी जाए. और उसको मौके दिएजाएं कि वो खुद को एक बेहतर इंसान के रूप में निखार सके. साथ ही समाज को अपने अच्छेकामों से पॉजिटिव नतीजे दे सके. आपका आज्ञाकारी डैन ए टर्नरhttps://twitter.com/laurenduca/status/739505679635992577 इस चिट्ठी पर सोशलमीडिया और भड़क गया. एली औरोज़ी ने इस चिट्ठी का बहुत तरीके से जवाब दिया. उन्होंनेइस चिट्ठी को एडिट किया. 17 और 18 जनवरी को जो भी हुआ (एक बेहोश लड़की का रेप) उसकेबाद से ब्रौक की ज़िन्दगी बिलकुल बदल गई है. अब वो पहले जैसा खुशमिजाज़ और हंसमुखलड़का नही रह गया. उसके चेहरे की मुस्कान (जो रेप करते वक़्त भी उसके चेहरे पर ये सोचकर थी कि वो कभी पकड़ा नहीं जाएगा) भी हमेशा के लिए चली गई है. हर वक़्त वो डरा, सहमाऔर घबराया सा रहता है. जिस तरह से अब वो चलता है (जब उसने रेप का सारा इलज़ाम उसलड़की के ऊपर लगा दिया), धीमी आवाज़ में बात करता है. खाना भी ठीक से नहीं खाता. येदेख कर उसकी परेशानी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. ब्रौक को कुछ ख़ास तरह के व्यंजनखाना बहुत पसंद था (एक लड़की का रेप करने से पहले). वो खुद भी खाना पकाने का शौक़ीनथा. मैं अक्सर उसके लिए उसका फेवरेट 'रिब ऑय स्टेक' लेकर आता था. हम दोनों साथ मिलकर उसे ग्रिल करते थे. अपने बेटे को उसका मनपसंद खाना खाते देखकर मुझे बहुत अच्छालगता था. मैं कई बार अपने चिप्स के पैकेट छिपा कर रख देता था. क्योंकि मैं जानता थाकि अगर ब्रौक घंटों की अपनी स्विमिंग प्रैक्टिस से वापस आ जायेगा तो वो चिप्स मेरेलिए कभी नहीं बचेंगे (इन क्यूट जानकारियों से ये बात बदल नहीं जाएगी कि उसने एकलड़की का रेप किया है) . अब वो शायद ही मन से कुछ खाता है. जिंदा रहने के लिए जितनाज़रूरी बस उतना ही खाता है (क्योंकि उसने अपने साथ एक और इंसान की ज़िन्दगी बर्बाद करदी जिसका उसने रेप किया). इन फैसलों ने उसे तोड़ दिया है. उसके साथ ही हमारा पूरापरिवार भी बिखर गया है. अब उसकी ज़िन्दगी वैसी कभी नही होगी जैसी वो चाहता था. याजिसके लिए वो मेहनत कर रहा था (जब वो किसी खूबसूरत इंसान का रेप कर देता था और फिरस्विमिंग करने वापस लौट जाता था). 20 मिनट के काम (रेप) के लिए उसकी 20 साल कीज़िन्दगी बर्बाद हो जाएगी.(ये कोई खाने के 3 मिनट रूल जैसा नहीं है कि मसला वक़्त काहो. रेप चाहे 2 सेकंड या 20 मिनट. रेप हमेशा रेप होता है.रेप हमेशा गलत ही होता है)ये पनिशमेंट उसके लिए बहुत ज्यादा है. अब जब उसपर एक रेपिस्ट या सेक्स ओफेंडर कातमगा लग गया है. उसकी ज़िन्दगी कभी भी बेहतर नहीं हो पाएगी. वो ना तो पहले जैसे रहपाएगा, ना काम कर पाएगा, (ना किसी का रेप कर पाएगा) ना ही कहीं जा पाएगा. अब लोगोंसे मिलने पर (जो नहीं चाहते उनका रेप हो) भी उसके व्यवहार में बहुत बदलाव आ जाएगा.उसका पिता होने के नाते जहां तक मैं समझ सकता हूं, ब्रौक को जेल भेजना सही फैसलानहीं है (क्योंकि रेपिस्ट के लिए इससे भी बढ़कर सजा होनी चाहिए). उसने इससे पहले कभीकोई जुर्म नहीं किया है. उसने कभी किसी के साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की. यहां तक कि 17जनवरी 2015 की उस रात भी उसने कोई ज़बरदस्ती नहीं की (सिर्फ रेप किया). ब्रौक अपनीज़िन्दगी में बहुत अच्छे काम कर सकता है (जैसे रेप). (किसी रेपिस्ट के बारे में येकहना कि ये उसका पहला रेप था, वैसा ही है जैसे किसी मर्डरर या आतंकवादी के पहलेक़त्ल की बात करना. जुर्म फिर भी जुर्म है) वो पढ़ाई में बहुत अच्छा है . कॉलेज केबच्चों को अल्कोहल और अनैतिक सेक्स के खतरों के बारे में समझाने में जुटा हुआ है(जो कि बेकार की बातें हैं. उसे स्टूडेंट्स से ये बताना चाहिए कि उसने एक लड़की कारेप किया था. जो उसे नहीं करना चाहिए था.). हमारे समाज को ब्रौक जैसे और लोगों कीज़रूरत है. जिससे कॉलेज के स्टूडेंट्स को शराब पीने और उससे होने वाले नुकसानों केबारे में पता चले (और ये सब बताने वाला खुद एक रेपिस्ट है). सबसे अच्छा तरीका है किब्रौक पर सिर्फ निगरानी रखी जाए. और उसको मौके दिए जाएं कि वो खुद को एक बेहतरइंसान के रूप में निखार सके. साथ ही समाज को अपने अच्छे कामों से पॉजिटिव नतीजे देसके. (जो कि हर तरह से गलत और बेहूदा होगा) आपका आज्ञाकारी (और अनजान) डैन ए(रेपिस्ट का पिता) टर्नरhttps://twitter.com/alexandraozeri/status/739672384806879232 इस पूरे मामले मेंज्यूरी के लोग ब्रौक को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए क्योंकि वो एक स्विमर है.देश के लिए ओलंपिक में भाग ले सकता है. हो सकता है मेडल भी ले आए. लेकिन फिर भी वोएक रेपिस्ट रहेगा. मीडिया उसे एक ओलंपिक विजेता की तरह ही ट्रीट कर रहा है. ब्रौककोई महान तैराक नहीं है जिसने रेप जैसा कोई मामूली सा काम कर दिया है. वो एकरेपिस्ट है जिसे तैराकी आती है. इन दोनों बातों में अंतर है. कोई भी जुर्म वक़्त सेनापा नही जा सकता. चाहे 2 सेकंड हों या 20 मिनट. रेप, रेप है. और वो हमेशा गलत है.अगर उसके पिता सच में उससे प्यार करते हैं. तो उनको अपने बेटे को इस तरह से बचानेकी कोशिश नहीं करनी चाहिए थी. मुलायम सिंह यादव कहते हैं, 'लड़के थे, हो गई गलती.'या टर्नर के पिता कहते हैं, '20 मिनट के काम के लिए 20 साल की ज़िन्दगी खराब होजाएगी.' रेप क्या कोई नाश्ता है कि कर लिए, हाथ धो लिए और चल दिए! इन लोगों कीनज़रों में आदमी का कैरिअर है, नौकरी है, कॉलेज है, ज़िन्दगी है. लेकिन औरत सिर्फ दोस्तन और एक योनि है. रेपिस्ट ने अपने बयान में कहा कि लड़की भी रेप को एन्जॉय कर रहीथी. इनको कोई ये बात समझा दो. रेप और सेक्स दोनों बिलकुल अलग चीज़ें हैं. रेप एकक्राइम है. जिसका सेक्स और ऑर्गैज्म से कोई रिश्ता नहीं है. अगर कोई किसी का मर्डरकरता है, तब तो कोई नहीं कहता कि जिसका मर्डर हो रहा था, वो बहुत एन्जॉय कर रहा था.तो फिर रेप में ये एन्जॉयमेंट वाली बात क्यों आ जाती है. ब्रौक ने रेप के लिए शराबके नशे को भी ब्लेम किया.उसने कहा कि नशे में होने की वजह से वो दोनों सही फैसलेनहीं ले पाए. उस रात शराब दोनों ने पी थी. लेकिन लड़की ने तो ब्रौक के कपड़े नहींफाड़े. ना ही उसका रेप किया. तो शराब पी कर लड़की का रेप करने की छूट आदमी को क्योंहै. ये भी पढ़ें.उसकी सलवार में नहीं, हमारी सोच में दाग हैविश्व भारती रेप केस में फैसला, बांग्लादेशी रेपिस्ट को उम्रकैदविदेशी महिला दिखी तो कॉन्डम लेकर 'रेप' करने पहुंच गया नाबालिगबाप-भाई करते रहे रेप, प्रेगनेंट हुई तो अबॉर्शन कराने पहुंचे