कर्नाटक में 'मोदी मछली' के लिए मार मच जाती है
गुजरात से कर्नाटक एक्सपोर्ट होती है ये मछली. और गुजरात के नाम पर वो लोग सिर्फ नरेंद्र मोदी को जानते हैं. तो मछली का नाम हो गया मोदी.
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Credit: Reuters
कर्नाटक में मोदी की बहुत डिमांड है. वहां की सबसे फेवरेट मछली का नाम है 'मोदी मछली'.ये सार्डिन प्रजाति की मछली है. सार्डिन मछली कर्नाटक में मंगलुरु के तट पर पहले खूब पायी जाती थी. लेकिन अब इनकी पापुलेशन बहुत कम हो गयी है. कर्नाटक के तटों पर टेम्परेचर बहुत ज्यादा हो जाता है. सार्डिन मछलियां बहुत नाज़ुक सी होती हैं. ज्यादा गर्मी इनसे बर्दाश्त नहीं होती.
2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने, उसके बाद से गुजरात से ये मछली कर्नाटक में सप्लाई की जाने लगीं. गुजरात में खुद भी इन मछलियों की मांग बढ़ गई है. इसलिए अब इनको ओमान से इम्पोर्ट किया जाने लगा. ओमान से ये गुजरात आती हैं. फिर गुजरात से कर्नाटक भेजी जाती हैं.
कर्नाटक के स्थानीय लोग गुजरात के नाम पर मोदी को ही पहचानते हैं. इसलिए तुलु भाषा में इन मछलियों को 'मोदी भुटाई
' या 'मोदी मछली' कहा जाने लगा. वहां के लोगों को ये इम्पोर्टेड मोदी मछली बहुत पसंद है. ये लोकल मछली से बड़ी और ज्यादा टेस्टी होती है.
वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. मोदी के नाम से और भी बहुत सारी चीज़ें जुड़ी हैं. जनवरी 2016 में जब मोदी गंगटोक गए थे. उनके नाम पर एक फूल का नाम रखा गया था. 'सिंबिडियम नमो'
. ये नाम सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने मोदी के सम्मान में दिया था.

ये तो हो गए मोदी के नाम पर चीज़ों के नाम. लेकिन इन नामकरणों में अगर कोई हमेशा टॉप कर जाता है तो वो हैं पटाखे वाले.

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