सेलिब्रिटी. मीडिया. आम आदमी. ये तीन एंटिटी हैं, जो आपके आस-पास सब कुछ बनाती हैं.आप जो भी देखते हैं, सुनते हैं सब इस मीडिया की देन है. सेलिब्रिटी कुछ कह रहा है,मीडिया आप तक पहुंचा रहा है. मीडिया जो दिखाता है, सच हो जाता है. ये कोई तथ्य नहींहै, लेकिन इसे झुठलाया भी नहीं जा सकता. जो है, सच है. नहीं है तो बन जाता है.मीडिया जो मर्ज़ी आये दिखाने लगे. बार-बार दिखाने लगे. हर जगह वही छा जाए. देखिएगा,कुछ ही वक़्त में वो सच बन जायेगा. उसे पूरी तरह मान लिया जाएगा. लोग उसे आत्मसात करलेंगे. हाल ही में ओम पुरी ने टीवी पर कुछ कहा था. आर्मी के बारे में. ग़लत कह दियाथा कुछ. बवाल हो गया था. ऐसे में कोई मीडिया वाला माइक और कैमरा लेकर निकल पड़ा.वॉक्स-पॉप कहते हैं उस विधा को. एक आदमी से पूछने लगा, जो ओम पुरी ने कहा वो सही थाया ग़लत. अब दिक्कत ये हुई कि अगला समझदार निकल गया. अव्वल दर्जे का समझदार. बातेंकरने लगा उस दर्जे की, जिस दर्जे की असल में करनी चाहिए. उसकी बातों में आश्चर्य कीकोई बात नहीं है. लेकिन बात ये है कि आजकल ऐसी बातें करने वाले लोग कम हैं. ऐसे मेंउसकी बातें आश्चर्य ही करने पर मजबूर कर देती हैं. वीडियो देखिये:[facebook_embedded_posthref="https://www.facebook.com/k10mishra/posts/1497303296962712"]