इंसानियत. इस शब्द को पच्चीस बार लिखिए और काट दीजिए. इसका वजूद ख़तरे में है. कुछलोगों को दरिंदगी, मारपीट और हत्या में मजा आता है. इंसान के साथ वो ऐसा कर नहींसकते, क्योंकि कानून का डर है. बड़ी सजा है. इसलिए वे जानवरों पर अपनी हिंसक सनकउतारते हैं. उन्हें टॉर्चर करते हैं, सिर्फ 'फन' के लिए. तमिलनाडु के वेल्लोर सेसन्न कर देने वाली खबर आई है. यहां क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने एक बंदरको बुरी तरह टॉर्चर किया और फिर मार डाला. सर्वनन कृष्णन नाम के एक पशु-प्रेमी नेइससे जुड़ा एक वीडियो फेसबुक पर डाला है. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, 'ये एक फीमेलबंदर था. पहले उसके हाथ पांव रस्सी से बांध दिए गए, फिर उसे डंडों और बेल्ट से पीटागया. पीट-पीट कर उसका पांव और जबड़ा तोड़ दिया. फिर एक रॉड उसके पिछवाड़े में डालदी गई और उसे मार डाला.'ये सब किया उन होने वाले डॉक्टरों ने, जिनसे आने वाले समय में हम इंसानी जानेंबचाने की अपेक्षा रखेंगे. आपको वो वीडियो भी याद होगा जिसमें एक सनकी शख्स ने एककुत्ते को छत से नीचे फेंक दिया था. वो भी तमिलनाडु के चेन्नई की घटना थी और उसमेंशामिलों दोनों लोग भी मेडिकल स्टूडेंट थे.बंदर से दरिंदगी के ताजा मामले में आरोपी छात्रों के खिलाफ IPC की धारा 429 औरवाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है. धारा 429 किसी भी ऐसे जानवरको शरारतपूर्ण तरीके से मारने पर लगती है, जिसकी कीमत 50 रुपये से ज्यादा हो.ज्यादातर मामलों में ये आरोप दुधारू और खेती में काम में लिए जाने वाले जानवरों कीहत्या पर लगता है. इसके तहत मैक्सिमम 5 साल कैद या जुर्माना या दोनों हो सकता है.पशु प्रेमी इस सजा को नाकाफी मानते हैं. बंदर की लाश जमीन से खोदकर निकाली गई है औरउसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. कॉलेज मैनेजमेंट भी इस खबर से सन्न है औरआरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है.https://www.youtube.com/watch?v=9WeDPbVaMz8&feature=youtu.be&app=desktopसर्वनन कृष्णन ने फेसबुक पर ये भी लिखा, 'इस बंदर ने जिस स्तर की बर्बरता और दर्दझेला है, उसे शब्दों में नहीं बयान किया जा सकता. उसकी लाश देखने के बाद हम सो नहींपाए हैं. ये बहुत ज्यादा डिस्टर्बिंग है.' ये मामला 19 नवंबर का है. बंदर की लाश कोसफाईकर्मी गाड़ रहे थे. कुछ छात्रों ने ये देखा और खबर की. सर्वनन कृष्णन और बाकीलोग मौके पर पहुंचे. पुलिस को खबर किया गया और बंदर की लाश खोदकर निकाली गई. आप एक क्षण को कल्पना करें कि कोई आपके हाथ-पांव बांधकर पीछे से रॉड डाल दे औरलाठी-डंडों से पीटे. एक कोरियन फिल्म है, 'स्प्रिंग, समर, फॉल, विंटर..एंडस्प्रिंग.' उसमें एक बच्चा बौद्ध संन्यासी के साथ पानी पर तैरती एक मोनेस्ट्री मेंरहता है और जिंदगी के सबक सीख रहा है. वो बच्चा एक दिन 'सिर्फ मज़े के लिए' तीनजानवरों को परेशान करता है. वो एक मछली, एक मेंढक और एक सांप को पत्थर से बांध देताहै. संन्यासी छुपकर ये सब देखता है.अगली सुबह बालक उठता है तो अपनी कमर में एक भारी सा पत्थर बंधा पाता है. इस हालतमें उसके लिए चलना मुश्किल है. लेकिन बूढ़ा संन्यासी उसे आदेश देता है कि चट्टानोंपर चढ़कर वापस जाए और उस मछली, मेंढक और सांप को कष्ट से मुक्त करके आए, वरना जीवनभर कष्ट सहने के लिए तैयार रहे.जो आपने उनके साथ किया, अगर उसी दरिंदगी से आपको गुजरना पड़े तो यह किसके लिएआनंददायक होगा?