पुलिस न ले जाए, इसलिए तेंदुए को जंगल में छोड़ आया कश्मीरी लड़का
इस लड़के की कहानी पूरी फिल्मी है. पढ़िए...
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फोटो - thelallantop
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प्यार शब्द है न. सुनते ही मन प्यारा प्यारा हो जाता है. देश में एक जगह है कश्मीर घाटी. नाम तो सबने सुन ही रखा होगा. बहुत ही प्यारी सी फुलवारी. पिछले कुछ बरसों से यह फुलवारी मुरझाई सी है. जैसे प्यार इस घाटी से रूठ सा गया हो.
लेकिन प्यार के किस्से पैदा हो ही जाते हैं. चाहे जित्ता जमाना रूठ ले. घाटी की एक ऐसी ही कहानी सामने आई है. कहानी मुहम्मद इलियास और एक तेंदुए की. मुहम्मद इलियास कश्मीर घाटी में कुलगाम जिले के गांव गुडर में रहता है. साल 2012 में गांव के पास जंगल में इलियास को बुरी हालत में एक तेंदुए का बच्चा दिखा. जो शायद अपनी मां से बिछड़ गया था.
(ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ काम कर रहे सुमेर सिंह राठौड़ ने लिखी है.)
वह इस बच्चे को घर उठा ले आया. खूब देखभाल और सेवा की. दुलार से रखा. तेंदुआ परिवार का हिस्सा बन गया. इलियास को एक दोस्त मिल गया और दोनों का ज्यादातर वक्त साथ ही गुजरता. तेंदुए के बड़े होने के साथ साथ इलियास का उसके लिए प्यार बढ़ता ही गया. लेकिन कहानी में अचानक फिल्मी मोड़ आ गया. न जाने कैसे पुलिस तक खबर पहुंच गई.इलियास को पता था कि इस तरह तेंदुआ पालना कानूनन अपराध है. उसे यह भी पता था कि अगर पुलिस यहां पहुंच गई तो तेंदुआ वन्य जीव विभाग वालों के हवाले कर दिया जाएगा. इलियास ने दिल कड़ा करके एक फैसला लिया. पुलिस के आने से पहले वो तेंदुए को जंगल में ले जाकर छोड़ आया. रितिक रोशन की 'कोई मिल गया' फिल्म वाले जादू की तरह.
(ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ काम कर रहे सुमेर सिंह राठौड़ ने लिखी है.)

