'मैं बैंक मैनेजर हूं, अपने ही नोट नहीं बदलवा पाई हूं'
जानिए, इस बुरे समय में क्या हाल है बैंक में काम करने वालों का.
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फोटो - thelallantop
बीते दिनों बड़े टाइम बाद बुआ को फ़ोन किया. वजह, वो बैंक में काम करती हैं. ये वो समय है, जब देश भर में लोगों को अपने सारे पुराने दोस्त और रिश्तेदार याद आए. खासकर वो वाले, जो बैंक में काम करते हैं. लल्लो-चप्पो भी हो रही है और घर में मिठाई भी भिजवाई जा रही है. और उसके बाद लोग ये भी कह देते हैं, 'बाजपेयी जी, आप तो बैंक में हैं. जितने चाहे उतने पैसे बदलवा लीजिए.'
लेकिन अगर आप बैंक में काम करने वालों से बात करें, तो पाएंगे कि वो बेचारे खाने का वक़्त नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्हें दिन भर फ़ोन आ रहे हैं. थक-हारकर रात को वो घर पहुंचते हैं, और अगले दिन सुबह-सुबह भाग जाते हैं. और तो और, सैटरडे-संडे को छुट्टी तक नहीं मिलती.
बैंक में काम करने वाली एक ऐसी ही लड़की से 'ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे' फेसबुक पेज ने बात की. और जो जवाब उस लड़की ने दिया, वो हम सबको पढ़ना चाहिए.
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