UNICEF ने दुनिया को चेताया है कि अगर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो नाइजीरिया मेंआने वाले 12 महीनों में 90 हजार से ज्यादा बच्चे मारे जाएंगे.नाइजीरिया में आतंकी संगठन 'बोको हराम' ने नरक मचा रखा है. बोको की वजह से 4 लाखबच्चों को घोर कुपोषण ने घेर लिया है. इनको तुरंत मदद की दरकार है. बच्चों के लिएकाम करने वाली संस्था यूनिसेफ का कहना है कि यहां पर माहौल ठीक करने के लिए बहुतसारे फंड की जरूरत है. लेकिन इतना पैसा जुट नहीं पा रहा है. बड़ी-बड़ी बातें करनेवाले देश भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इन बच्चों की बीमारी की वजह से उनका पूरापरिवार अस्पतालों के चक्कर काटता रहता है. एक पूरी जेनरेशन इलाज कराने में ही चुकरही है. फिर भी इलाज नहीं हो पा रहा. पर क्यों बने हैं ऐसे हालात?हालात ऐसे ही रहे तो हर दिन मरेंगे 240 बच्चे (Reuters)इसकी जड़ में इस्लामी संगठन बोको हराम हैबोको हराम एक ऐसा संगठन है जो इस्लाम के नाम पर कुछ भी कर देता है. ये लोगनाइजीरिया की मौजूदा सरकार का तख़्तापलट कराना चाहते हैं. साथ ही पूरे देश के लोगोंको मध्ययुगीन कानूनों के अंतर्गत रखना चाहते हैं. ये लोग खास तौर से बच्चों पर अटैककरते हैं. उनको जबर्दस्ती मिलिटैंट बनाते हैं. बहुत सारे बच्चों को सेक्स स्लेव बनाके रखते हैं. एक स्कूल से इन लोगों ने 300 से ऊपर लड़कियों को उठा लिया था. बहुतसारी लड़कियों का आज तक कुछ पता नहीं चला है. अब वो बच्चों को सुसाइड बॉम्बर भी बनारहे हैं.https://www.youtube.com/watch?v=GB2ekADS2REइनकी क्रूरता के चलते नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके से 17 लाख लोग भाग कर रिफ्यूजीकैंप में आ गए हैं. पर कैंपों में भी कोई सुविधा नहीं है. इनकी हालत बहुत खराब है.सबसे ज्यादा खराब हालत है बोर्नो, योब, अदमावा इलाकों के कैंपों में. नाइजीरिया केपड़ोसी देशों नाइजर और कैमरन में कुछ कैंप बनाए गए हैं, जो थोड़े ठीक हैं. कैंपोंमें लोग ठहर रहे हैं. पर यहां कमाने के लिए कुछ भी नहीं है. हर चीज के लिए दूसरोंपर निर्भर हैं. यहां पर चीजें बहुत महंगी हैं. खाना खरीदने को पैसे नहीं है. बहुतलोग भूखे रहते हैं. बीमार भी हैं.रिकॉर्ड के मुताबिक कैंपों में 7 लाख लोग ऐसे हैं, जो जिंदगी और मौत के बीच झूलरहे हैं. इनमें आधे से ज्यादा बच्चे हैं.(Reuters)कुपोषण के खतरनाक होने की तस्दीक अफ्रीका में बच्चों के लिए काम कर रही एक संस्थाSave the Children’s West and Central Africa भी करती है. माइक संडरलैंड इस संस्थाके मीडिया मैनेजर हैं. वो ब्रिटिश वेबसाइट द इंडिपेंडेंट को बताते हैं- जिन बच्चोंको कुपोषण है, वो सबसे खतरनाक हालत में हैं. न्यूमोनिया या डायरिया की तुलना मेंकुपोषण 9 गुना ज्यादा खतरनाक है. ये सीधा मौत के मुंह में ले जाता है. कुछ बच्चे कमउम्र में ही कई बार कुपोषण के शिकार हो जाते हैं. वो अगर ठीक भी हो जाएं, तो जिंदगीभर कमजोर ही रह जाएंगे.मौत के मुंह में लाखों बच्चे (Reuters)इस खतरनाक स्थिति से भी भयावह चीज है. मदद पहुंचाने वाले लोग जरूरतमंद बच्चों तकपहुंच ही नहीं पा रहे. यूनिसेफ लगातार कोशिश कर रही है. अगर फंड इकट्ठा हो जाएं तोये लोग किसी तरह पहुंच सकते हैं. यूनिसेफ पर डोनेट करने के लिए ये रही लिंक-https://www.unicef.org/infobycountry/nigeria_55544.html--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-रोग नेशन: कैसे एक सेक्युलर देश कट्टरपंथी इस्लाम के चंगुल में आ गयाघर से फेंका गया 'चाइल्ड विच' बच्चा तगड़ा हो गया हैनाइजीरिया में गैस टैंकर से लगी आगः 100 से ज्यादा लोगों की मौत