आंध्र प्रदेश में 9 छात्रों के सुसाइड करने से हंगामा, दो दिन पहले आया था बोर्ड का रिजल्ट
26 अप्रैल को आए थे रिज़ल्ट.
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आंध्र प्रदेश में क्लास 11 और 12 के रिज़ल्ट्स आने के बाद नौ छात्रों ने सुसाइड कर ली. आंध्र प्रदेश बोर्ड ऑफ़ इंटरमीडिएट एजुकेशन ने 26 अप्रैल, बुधवार, को नतीजों की घोषणा की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक दो और छात्रों ने सुसाइड करने की कोशिश की.
एनडीटीवी में छपी ख़बर के मुताबिक लगभग 10 लाख छात्र-छात्राओं ने ये परीक्षा दी थी. क्लास 11 में 61 प्रतिशत बच्चों ने पास किया गया, वहीं क्लास 12 में 72 प्रतिशत बच्चे पास हुए. रिपोर्ट्स की माने तो श्रीकाकुलम जिले के टेककली के पास 17 साल के एक लड़के ने अपनी जान दे दी. ऐसा ही मामला जिले के दांदू गोपालपुरम गांव में भी सामने आया. यहां की रहने वाली इंटरमीडिएट फर्स्ट ईयर (यानी क्लास 11) की छात्रा फेल होने से मायूस थी. विशाखापट्टनम जिले के मल्कापुरम पुलिस थाना क्षेत्र के त्रिनादपुरम में 16 साल की लड़की ने खुदकुशी कर ली. ये लड़की इंटरमीडिएट फर्स्ट ईयर के कुछ सबजेक्ट्स में फेल होने की वजह से परेशान थी. चित्तूर जिले के दो और 17 वर्षीय छात्रों ने इंटरमीडिएट परीक्षा में असफल होने के बाद आत्महत्या कर ली.
इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये परीक्षा मार्च-अप्रैल में आयोजित की गई थी. इन घटनाओं के बाद पुलिस और मनोवैज्ञानिकों ने छात्रों से अपील की है कि वे ऐसे एक्सट्रीम कदम ना उठाए. पुलिस और मनोवैज्ञानिकों ने कहा था कि स्टुडेंट्स की पूरी जिंदगी बाकी है और वे असफलता को सफलता में बदल सकते हैं. बताते चले, देश भर के प्रमुख कॉलेजों में भी आत्महत्याओं की ख़बरें सामने आती रही है. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के अलग-अलग कैंपस में इस साल संदिग्ध आत्महत्याओं में चार छात्रों की मौत हो गई है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने फरवरी में छात्रों द्वारा कथित आत्महत्याओं की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी. चंद्रचूड़ ने कहा था कि पीड़ितों के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति उनकी संवेदना है. उन्होंने ये भी कहा कि वह सोच रहे हैं कि देश के संस्थान कहां गलती कर रहे हैं, कि छात्र अपनी जान लेने को मजबूर हैं.
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