खुद के पैर कब्र में हैं और ये दूसरे की फ़ील्डिंग लगा रहे हैं
82 साल का एक बुड्ढा इंतज़ार करता है ट्रेन का. ट्रेन आने पर एक औरत को धकेल देता है उसी के सामने. बस ऐसे ही.
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लैंब्डा वैरिएंट के कुछ मामले यूनाइटेड किंगडम में भी देखने को मिले हैं. इसके अलावा दूसरे यूरोपीय देशों से भी मामले रिपोर्ट हुए हैं. (representative image)
लंडन में एक 82 साल के पेंशनर ने ट्रेन स्टेशन पर 45 मिनट ट्रेन का इंतज़ार किया. और जब ट्रेन आई तो 32 साल की शीतल केराई को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया. सोमवार को अदालत में इस मामले की सुनवाई चली और ज्यूरी ने सिर्फ 18 मिनटों में 82 साल के योशियूकी शिनोहारा को दोषी क़रार दे दिया.
बात पिकेडली सर्कस अंडरग्राउंड स्टेशन की है. शीतल ट्रेन का इंतज़ार कर रही थीं और वो पीली सेफ्टी लाइन के पीछे ही खाड़ी थीं. उनके ठीक पीछे कुछ दूरी पर योशियूकी शिनोहारा खड़े हुए थे. योशियूकी काफ़ी देर से स्टेशन पर मौजूद थे. उन्हें वहां लगभग 45 मिनट हो चुके थे. एक ट्रेन को आता देख योशियूकी ने अपनी चप्पलें निकाल फेंकी, और दोनों हाथों से शीतल को धकेलने के लिए दौड़ पड़े.
शीतल किस्मत से ट्रेन से टकरा कर वापस प्लेटफ़ॉर्म पर ही आ गिरीं. उन्हें मामूली चोटें आयीं. पास खड़े लोग उनकी मदद को दौड़ पड़े.
घटना 10 नवम्बर 2015 की है. सोमवार को मामले की सुनवाई में योशियूकी को जानबूझ कर धक्का देने का दोषी क़रार दिया गया है. हालांकि जज ने केस की अगली सुनवाई 27 मई के लिए लटका दी है. ऐसा इसलिए क्यूंकि योशियूकी शिनोहारा की उम्र 82 वर्ष है और उन्हें डॉक्टरों की सलाह के बावजूद हॉस्पिटल में नहीं भर्ती किया गया है.
https://www.youtube.com/watch?v=fMm53pjEY4U
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