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  • 80 suicides in 3 months in 'suicide village' of Madhya Pradesh

इस गांव में 80 लोगों ने सुसाइड कर लिया

खरगौन जिले के बाड़ी गांव में एक घर ऐसा नहीं है, जहां से लाश न निकली हो.

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6 मई 2016 (अपडेटेड: 6 मई 2016, 10:50 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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मध्यप्रदेश में एक गांव है, बाड़ी. उसे सुसाइड विलेज के नाम से जाना जाने लगा है. इस गांव के हर परिवार से किसी न किसी ने सुसाइड किया है. पिछले तीन महीने में ही गांव के 80 लोगों ने अपनी जान दी है. अलग-अलग वजहों से. बाड़ी गांव खरगौन जिले में है. खरगौन भारत के 250 पिछड़े जिलों में से एक है. राजेंद्र सिसोदिया दो महीने पहले गांव के सरपंच बने हैं. अपनी खुशी से नहीं, इसके पहले उनके भाई सरपंच थे, जिनने सुसाइड कर लिया. उनके घर में और भी लोग सुसाइड से मरे हैं.  उन्हें लगता है कि गांव पर किसी बुरी आत्मा का साया है. डॉक्टरों का कहना है. सुसाइड का कारण डिप्रेशन हो सकता है. गांववाले डिप्रेशन को बीमारी की तरह नहीं समझते. इसलिए इसे भूत-प्रेत का साया समझ लेते हैं. डिप्रेशन से जूझ नहीं पाते तो बीमारी और पैसों की कमी जैसी दूसरी वजहों से परेशान होकर जान दे देते हैं. एक ही गांव में इतनी आत्महत्याएं हो रही हैं,  इतने सारे लोग कैसे डिप्रेस्ड हो सकते हैं. इसकी एक वजह सिजोफ्रेनिया हो सकता है. सिजोफ्रेनिया एक बीमारी है, जिसमें हम कुछ भी इमेजिन करते हैं और उसी को सच मान लेते हैं. ये जेनेटिक भी हो सकता है और इंवायरमेंटल कंडीशंस की वजह से भी होता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक खरगोन के कलेक्टर अशोक वर्मा ने इतनी सारी सुसाइड की जांच के लिए कमिटी बनाने का फैसला किया है. अभी के लिए गांव में शराब पर बैन लगा दिया गया है. गांव की औरतें, आदमियों की काउंसलिंग कर रही हैं .

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