भोपाल की सेंट्रल जेल. दिवाली की रात करीब 2 से 3 बजे के बीच जेल के सिक्योरिटीगार्ड पर अटैक होता है. हमलावर थे, प्रतिबंधित संगठन सिमी के 'एक्टिविस्ट'.बेरहमी की इंतेहा कि वो स्टील प्लेट और गिलास से गार्ड का गला काट देते हैं और जेलतोड़कर फरार हो जाते हैं. फरार होने वाले संदिग्ध आतंकियों की संख्या थी 8.सुबह-सुबह सरकारी महकमे में हड़कंप. 5 अफसर सस्पेंड. मुख्यमंत्री इसे 'राजद्रोह कीहद तक लापरवाही' बताते हैं और सुराग देने वाले पर 5 लाख का इनाम घोषित करते हैं.लेकिन कुछ ही मिनटों में खबर आती है कि भोपाल के बाहरी इलाके के एक गांव में आठोंफरार कैदियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है. बता रहे हैं कि गांव वालों नेफरार कैदियों को नदी में मुंह धोते देखा और पुलिस को सूचना दी.https://twitter.com/ANI_news/status/792972582240653312 जानकारी के मुताबिक, जेलके बी ब्लॉक में बंद कथित तौर पर सिमी के आठ आतंकियों ने पहले बैरक तोड़ी और फिर हेडकांस्टेबल रमाशंकर को मार डाला. इसके बाद जेल में ओढ़ने के काम आने वाली चादर सेरस्सी बनाई और दीवार फांदकर फरार हो गए थे. आईजी योगेश चौधरी ने कहा कि जब आठों को घेर लिया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंगशुरू कर दी. जिससे बचने के लिए पुलिस ने क्रॉस फायरिंग की और सभी एनकाउंटर में मारेगए.भोपाल के ईंटखेड़ी गांव में हुआ एनकाउंटर.फरार होने वाले में शेख मुजीब, माजिद खालिद, अकील खिलची, जाकिर, सलीख महबूब और अमजदशामिल थे. बताया जा रहा है कि इंदौर से होम मिनिस्ट्री को एक खुफिया रिपोर्ट भीमिली थी, जिसमें जेल ब्रेक की आशंका जताई गई थी, लेकिन इस रिपोर्ट को सीरियसली नहींलिया गया. और कथित आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आसानी से जेल से फरार हो लिए.जेल में एक गार्ड को मारने के बाद फरार हुए थे.भोपाल के एसएसपी अर्जुन सक्सेना का कहना है कि पूरे शहर की नाकाबंदी कर दी गई थी.और आस-पास के इलाकों में भी इस बात की सूचना दे दी गई थी. केंद्र की होम मिनिस्ट्रीने मध्य प्रदेश सरकार से इस मामले पर डिटेल रिपोर्ट मांगी है.पहले भी जेल तोड़ के भाग चुके थेसिमी एक इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन है, जो अलीगढ़ में अप्रैल 1977 को सामने आया था.अक्टूबर 2013 में खंडवा जेल से सिमी के कथित छह आतंकी अबू फैजल खान, एजाजुद्दीनअजीजुद्दीन, असलम अय्यूब, अमजद, जाकिर, शेख महबूब और आबिद मिर्जा फरार हो गए थे.उन्होंने दो सिक्योरिटी गार्ड पर हमला किया और राइफल्स छीन ली थी. आबिद को कुछ हीदेर बाद पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. अबू फैजल, इरफान नागौरी और खालिद अहमद कोएटीएस ने 25 दिसंबर 2013 को सेंधवा पठार के पास से मुठभेड़ के दौरान अरेस्ट कियाथा. इसके बाद मध्य प्रदेश में जितने भी सिमी के लोग अन्य जेलों में थे उन सबको एकजगह लाया गया. सभी को कड़ी सिक्योरिटी वाली भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया. यहांसिमी के 30 लोग बंद थे. और इन्ही में से 8 फरार हो गए थे.अबू फैजल है मास्टर माइंड!सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर उर्फ अबू फैजल घटना का मास्टर माइंड था. वह जेल ब्रेककरने और स्लीपर सेल बनाने में माहिर था. डेढ़ साल पहले वह तिहाड़ जेल से भोपाल जेलमें शिफ्ट किया गया था. अबू फैजल मुंबई का रहने वाला था. वह आंध्राप्रदेश, कर्नाटक,एमपी, महाराष्ट्र में स्लीपर सेल का सरगना था. छत्तीसगढ़ के नक्सलियों से भी उसकेताल्लुकात थे.'कहीं मिलीभगत तो नहीं'एनकाउंटर के साथ ही इस पर सवाल उठने लगे हैं. कांग्रेस और AAP की तरफ से.AAP विधायक अलका लाम्बा ने पहले मध्य प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. फिरलिखा, 'सरकार के पास व्यापम फॉर्मूला भी था.'ANI से बातचीत में कांग्रेस लीडर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'आरएसएस और कट्टरपंथीमुस्लिम विचारधारा के लोग मिलकर ही दंगे फसाद कराते हैं. जिस प्रकार से सिमी के लोगजेल तोड़ के भाग रहे है इसमें भी जांच का विषय है. कहीं मिलीभगत तो नहींहै.'उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'ये सरकारी जेल से भागे हैं या किसी योजना के तहत भगाएगए हैं?'ये वीडियो भी देख लो, पुलिस थ्योरी पता चल जाएगीhttps://www.youtube.com/watch?v=38pTTvjjHO4&feature=youtu.be