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बाइक पर बैठे थे 7 लोग, देखकर पुलिसवाले ने हाथ जोड़ लिए

जानिए, दुपहिया पर बच्चों को बिठाने के बारे में कानून क्या कहता है?

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11 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 11 जनवरी 2021, 09:22 AM IST)
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सड़कों पर दुपहिया वाहनों पर दो से ज्यादा सवारियां आपने कई बार देखी होंगी, लेकिन बिहार के मोतिहारी में एक शख्स (बाएं) बाइक पर सात लोगों को लेकर जाता दिखा तो पुलिसवाले ने रोक लिया. दाहिनी ओर ओवरलोडिंग की एक प्रतीकात्मक तस्वीर.
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बिहार के मोतिहारी जिले से एक तस्वीर सामने आई. तस्वीर में दिखा कि एक पुलिसवाला एक बाइक पर बैठे लोगों के सामने हाथ जोड़कर खड़ा है. दरअसल बाइक पर सात लोग सवार थे. उन्होंने कुछ बैग भी टांग रखे थे. ये देखकर ट्रैफिक पुलिसवाले ने बाइक सवार को रोका. हाथ जोड़ते हुए सुरक्षा के नियम समझाए. इस दौरान किसी ने तस्वीर खींच ली, जो सोशल मीडियो पर वायरल हो गई. खैर, इस खबर के साथ-साथ आपको ये भी बताएंगे कि बाइक पर बच्चों को बैठाने को लेकर कानून में क्या कुछ लिखा गया है? दुपहिया पर 2 नहीं, 7 सवारी सबसे पहले बात बिहार के मोतिहारी जिले की, जहां की ये तस्वीर वायरल है. ढाका चौक पर ASI चंदन कुमार ड्यूटी कर रहे थे. उन्हें एक बाइक आती दिखाई दी. बाइक चलाने वाले व्यक्ति ने उसके ऊपर अपनी पत्नी और 5 बच्चों को बैठा रखा था. साथ में कुछ बैग भी टंगे थे. पुलिसवाले ने बाइक को रोका तो आसपास के लोग बाइक पर बैठे लोगों को कौतूहल से गिनने लगे. सात लोगों को बाइक पर देखकर ASI बाइक सवार के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया. बाइक सवार को समझाया कि ऐसा करने से परिवार की जान खतरे में पड़ सकती है. बाइक सवार पर कोई कार्रवाई तो नहीं की लेकिन हिदायत देकर छोड़ दिया. बच्चों को बिठाने पर कानून क्या कहता है? अब इस वाकये से सवाल उठता है कि बाइक पर बच्चों को बैठाने और सामान टांगने के क्या नियम होते हैं. वाहनों से संबंधित कानून को 'मोटर व्हीकल एक्ट' कहा जाता है. मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहन जैसे मोटरसाइकल, स्कूटी आदि पर किसी भी स्थिति में दो लोगों से अधिक नहीं बैठ सकते. एक चालक और एक सवार. दोनों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य है. साथ ही बाइक पर ऐसा कोई सामान नहीं होना चाहिए, जिससे बैलेंस बिगड़े. अक्सर लोग बाइक पर अपने बच्चे के साथ बैठे दिखते हैं. पीछे बैठी महिलाएं गोद में बच्चा पकड़े दिखती हैं, लेकिन क्या ये मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है? भारत में सड़क पर चलने वाले वाहनों में लगभग दो-तिहाई दुपहिया वाहन हैं. आमतौर पर कंपनियां भारत में जो बाइक बनाती हैं, वो 200 से 300 किलो तक वजन उठा सकती हैं. मोटर व्हीकल एक्ट में बाइक को टू-सीटर माना गया है. मतलब, इस पर दो ही लोगों की सवारी मान्य है. नियम कहते हैं कि दो सवारी से ज्यादा दुपहिया पर कोई बैठता है तो 2 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. 2019 में संशोधित किए गए एक्ट में भी दोपहिया पर बच्चों को बिठाने को लेकर के लिए कोई गाइडलाइन नहीं दी गई है. ऐसे में उसे तीसरी सवारी ही माना जाएगा. तो आखिर में हम यही कहेंगे कि अपने साथ-साथ अपने बच्चों के जीवन को खतरे में ना डालें और कानून का पालन करते हुए हुए ही दुपहिया वाहनों की सवारी करें.

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