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कुंडली में दोष है? जेल वालों ने 500 रुपये में इलाज निकाला है

119 साल पुरानी जेल को ठीक करवाया जा रहा है.

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28 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 28 सितंबर 2022, 04:40 PM IST)
Haldwani jail offer
500 रुपये देकर जेल में बिताइए एक रात!
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अपनी मर्ज़ी से जेल कौन जाना चाहता है? जब तक कि आपका नाम मोहनदास करमचंद गांधी न हो. पर कुछ लोग जाना चाहते हैं, काहे? बताते हैं. तो एक खबर उत्तराखंड से सामने आई है. यहां पर लोगों को 500 रुपये में एक रात के लिए जेल का टूर करवाया जा रहा है. हो सकता है कि इन्हें 'जेलवीर' का नाम दे दिया जाए. इसके लिए हल्द्वानी जेल प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं और लोगों को एक रात जेल में बिताने का ऑफर दिया है. जो कोई भी इसके लिए इंटरेस्टेड हो, उसे केवल 500 रुपये एक रात के देने पड़ेंगे. 

प्रशासन लोगों को जेल में एक रात बिताने के लिए 500 रुपये में टूर ऑफ जेल करवा रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर कोई शख्स पैसे देकर जेल क्यों जाएगा? जेल जाने के लिए पैसे क्यों देना? ये काम तो किसी नेता के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिख, सरकार की आलोचना कर, फ़ैक्ट चेक कर या पत्रकारों के मामले में सीधे-सीधे ख़बर को रिपोर्ट कर मुफ़्त में हो जाता है. ऑफर ऐसे चलते हैं कि एक ही बात पर कई-कई राज्यों की जेलों में मुफ़्त आवभगत मिल जाती है.

लेकिन इसके पीछे का कारण जो सामने आया वो और अजब है. ये लोग ‘दोषी’ बनकर कुंडली के दोष हटवाएंगे.

Haldwani jail Pic
500 रुपय दें और जेल में बिताएं एक रात!

दरअसल, कुंडली और नक्षत्रों में विश्वास करने वाले लोगों को पता होगा कि ऐसा माना जाता है कि अगर कुंडली में बंधन दोष है तो उस जातक के जेल जाने की संभावना बनी रहती है. इस दोष को दूर करने के लिए कई लोग पैसे देकर जेल जाते हैं ताकि कुंडली से दोष हट जाए. ऐसे में प्रशासन ने ये अनोखा तरीका निकाला है. हल्द्वानी की पुरानी जेल 1903 में बनी थी और इसका एक हिस्सा आज भी एकदम खाली और बंद पड़ा हुआ है. इसमें 6 स्टाफ क्वार्टर हैं. अब इन सबको रिपेयर करवाया जा रहा है ताकि ‘गेस्ट्स’ के लिए रहने की व्यवस्था की जा सके.

इस पूरे मामले में डिप्टी जेल सुप्रिटेंडेंट सतीश सुखिजा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि शीर्ष अधिकारियों की ओर से समय-समय पर कुछ लोगों को जेल में रखने के लिए फोन आता था. इस दौरान उन्हें कैदी की ड्रेस पहनाई और जेल किचन का खाना दिया जाता था. अब ये योजना अच्छे तरीके से लागू की जाएगी.'

पुलिस और जेल प्रशासन का ऐसे कामों में इनवॉल्व होना कितना तर्कसंगत है, ये सवाल खड़ा करता है. पुलिस के पास करने के लिए अन्य काम हैं लेकिन वो ऐसी स्कीम्स में समय लगाएं और इसे बढ़ावा देते दिखें तो ये पुलिस का काम नहीं है. वैसे आपका इस स्कीम को लेकर क्या सोचना है? हमें कॉमेंट में बताइए और ऐसी ही वायरल खबरों के लिए पढ़ते रहिए द लल्लनटॉप.

देखें- तालिबान ने कुख्यात ड्रग तस्कर को अमेरिका की जेल से कैसे छुड़वाया?

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