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इंडिया की 5 फिल्में जिनकी कहानियां दूर, काल्पनिक भविष्य में घटती हैं

इनमें से एक दिखाती है कि 2067 में ऑक्सीजन के लिए लोग कैसे एक-दूसरे को मार रहे हैं.

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28 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 28 जुलाई 2017, 07:41 AM IST)
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"कार्बन", "लव स्टोरी 2050" औऱ "मातृभूमि" के दृश्य.
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भारत से बाहर अमेरिकी और अन्य फिल्म उद्योगों में फ्यूचर में स्थित कहानियों वाली या डिस्टोपियन जॉनर वाली फिल्मों की सूची बहुत लंबी है. बहुत सारी फिल्में वे लोग लगातार बनाते जा रहे हैं. 'वॉर फॉर द प्लैनेट ऑफ द ऐप्स' इसी महीने रिलीज हुई है. इसके अलावा हाल के वर्षों में 'आई एम लैजेंड' (2007), 'लूपर' (2012), 'द हंगर गेम्स सीरीज' (2012-15), 'इंटरस्टेलर' (2014), 'द मार्शियन' (2015), 'द बुक ऑफ इलाय' (2010), 'डिस्ट्रिक्ट 9' (2009) जैसी कई सारी फिल्में हमें याद हैं.
इस श्रेणी की फिल्मों में डायरेक्टर-राइटर स्टैनली कुबरिक की '2001: अ स्पेस ऑडिसी' को कल्ट क्लासिक का मुकाम हासिल है. 1968 में रिलीज हुई इस फिल्म ने 2001 को बहुत विश्वसनीयता से दिखाया था. लेकिन बॉलीवुड या भारत के क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों पर नजर डालें तो ऐसी फिल्में बहुत ही कम बनी हैं और न के बराबर बन रही हैं. इसका अहसास तब होता है जब इंडिया की तकरीबन पहली डिस्टोपियन लगने वाली फिल्म 'कार्बन' आने वाली है. शॉर्ट फिल्म है लेकिन पर्याप्त है.
इसे मिलाकर बहुत ही कम फिल्में सूची में शामिल होती हैं. जो फिल्में छूट गई हैं उन्हें आप कमेंट्स में सुझाएं.
#1. कार्बन (2017)

डिस्टोपियन जॉनर में सबसे ताजा ये फिल्म है जिसमें 2067 का भविष्य बताया गया है जब धरती पर औऱ वायुमंडल में कार्बन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है. ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है. उसे खरीदना पड़ता है. वो ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बन चुकी है. अब अपराध की दुनिया और माफिया इसी के लिए लूट और हत्याएं करते हैं. फिल्म में जैकी भगनानी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, प्राची देसाई और यशपाल शर्मा लीड रोल में नजर आते हैं. अभी इस शॉर्ट फिल्म का ट्रेलर आया है, पूरी फिल्म जल्द ही रिलीज होगी.
#2. मातृभूमिः अ नेशन विदाउट वीमन (2003)
फिल्म के एक दृश्य में ट्यूलिप जोशी.
फिल्म के एक दृश्य में ट्यूलिप जोशी.

बिहार के एक छोटे से गांव की ये कहानी है जो एक काल्पनिक भविष्य में घटती है. दिखाया जाता है कि कैसे बेटी को पैदा होते ही मार देने के चलन के बाद एक समय ऐसा आता है जब लड़कियों की भारी कमी हो जाती है. ऐसे में इस गांव के पुरुष कभी लौंडा नाच से, कभी पॉर्न फिल्मों की सामूहिक स्क्रीनिंग करके और कभी जानवर के साथ भी सेक्स करके अपनी बेचैनी दूर करते हैं. फिर गांव का एक धनी आदमी दूर गांव से एक लड़की को एक तरह से खरीदकर लाता है और पांचों बेटों से ब्याह देता है. हर रात अब उस लड़की को एक-एक के साथ सोना पड़ता है. ससुर के साथ भी. इस कहानी का अंत ख़ून-खराबे पर जाकर होता है.
#3. लव स्टोरी 2050 (2008)
फिल्म में हरमन बवेजा.
फिल्म में हरमन बवेजा.

प्रियंका चोपड़ा स्टारर इस फिल्म से प्रोड्यूसर-डायरेक्टर हैरी बवेजा के बेटे हरमन ने डेब्यू किया था. ये फिल्म 2050 के मुंबई की कल्पना करती है. कहानी रईस पिता के बेटे करण मल्होत्रा से शुरू होती है जो सना से प्यार करने लगता है. करण के पिता की कंपनी में काम करने वाले साइंटिस्ट खन्ना टाइम मशीन बना रहे हैं. वो एक दिन सना को ये मशीन दिखाता है. वो इसमें बैठकर 2050 के मुंबई जाने की इच्छा जताती है. लेकिन उसका एक्सीडेंट हो जाता है और सना करण की बाहों में दम तोड़ देती है. वो टूट जाता है. एक दिन वो मशीन काम करने लगती है और करण भविष्य में जाता है. वहां उसे सना दिखती है जिसका पुर्नजन्म हुआ है और बड़ी स्टार है. करण को अब उसे यकीन दिलाना है कि उन दोनों का रिश्ता क्या है.
#4. नालैया मनिथन (1989)
फिल्म के दृश्य.
फिल्म के दृश्य.

ये तमिल हॉरर-थ्रिरल 1989 में रिलीज हुई थी और इसकी कहानी बीस साल बाद के भविष्य यानी साल 2008 में स्थित थी. इसमें कुछ डॉक्टर ऐसी दवा बनाते हैं जो मरे हुए आदमी को भी जिंदा कर देती है. इसका एक्सपेरिमेंट वो एक आदमी की लाश पर करते हैं. वो जिंदा तो हो जाता है लेकिन उसके साइड इफेक्ट्स होते हैं. वो चेन्नई में घूम-घूम कर ख़ून करता है. एक पुलिसवाला इन हत्याओं की जांच करता है और उसे पता चल जाता है. वो इस ख़ूनी के पीछे पड़ जाता है लेकिन उसे मार पाना असंभव है.
#5. बार बार देखो (2016)
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा.
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा.

सिद्धार्थ मल्होत्रा और कटरीना कैफ स्टारर ये फिल्म 2016 में शुरू होती है और 2034 से भी आगे तक जाती है. कहानी जय वर्मा की है जो दिया का बचपन का दोस्त है. जवान होने पर दीया शादी करना चाहती है. जय शादी करीब आती देख असुरक्षित होता है क्योंकि उसे कैंब्रिज जाकर मैथ्स में फैलोशिप करनी है. उसका क्रेज़ यही है. वो इस पैशन के चक्कर में प्यार को हमेशा इग्नोर करता है. लेकिन फिर शादी से पहले कुछ ऐसा होता है कि वो रोज सुबह उठता है तो बहुत बरस आगे जा चुका होता है. कुछ ही दिनों में वो 30 से 60 की उम्र तक पहुंच जाता है. अपनी इसी जर्नी में वो सीखता है कि प्यार और परिवार कितने ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं और क्यों हमें भविष्य पर टालने के बजाय हर एक चीज 'आज' ही से ठीक करनी शुरू कर देनी चाहिए.
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