होली का दिन था. सब खुश थे. दिल्ली में रहने वाले 43 साल के इंद्रजीत भी अपनेपरिवार के साथ खुशी खुशी होली मना रहे थे. फिर मन किया कि दोस्तों से मिल आऊं.प्रेम नगर की बात है. लेकिन इंद्रजीत जहां गए, वहां पहले से काफी भी़ड़ थी. पुलिसने भीड़ कम करने के लिए लाठी चला दी. बताते हैं कि पुलिस की लाठीचार्ज में इंद्रजीतकी एक आंख निकलकर बाहर आ गई. अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.इंद्रजीत की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई. इन्द्रजीत ऑटो चलाते हैं. प्रेमनगर में अपने परिवार के साथ रहते हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इन्द्रजीतहोली वाले दिन अपने दोस्तों के साथ रंग-गुलाल खेलने गया था. मौज-मस्ती कर वापस लौटरहा था तभी चार पुलिस वाले आ कर लोगों को भगाने लगे. और कहने लगे कि तुम लोग बिनापरमिशन के ऐसे जमावड़ा नहीं लगा सकते. इतना कहने के बाद पुलिस ने भीड़ पर डंडेबरसाना शुरू कर दिया. इन्द्रजीत लाइन में लगने जा ही रहा था कि एक पुलिसवाले नेउसकी आंख पर डंडे से मारा. वो जमीन पर खून से सना हुआ गिर पड़ा. उसकी आंखें बाहर आगई. उतने के बाद भी उस पुलिसवाले ने इन्द्रजीत की पीठ पर लाठियां बरसाते रहा.इन्द्रजीत की चीख सुनकर उसकी पत्नी कुसुमलता घटनास्थल पर पहुंची. साथ में आस-पास केलोगों को भी इकठ्ठा कर लाईं. पुलिस स्टेशन गई केस दर्ज कराने तो पुलिस ने मना केसदर्ज करने से मना कर दिया. कुसुमलता ने पुलिसवालों को धमकी दे डाली कि केस दर्जनहीं करोगे तो वो बड़े अधिकारियों के पास जाएगी. कुसुमलता ने आरोप लगाया किपुलिसवालों ने मुंह बंद करने के लिए पैसों का लालच भी दिया. पुलिसवाले इन्द्रजीत कोलेकर प्राइवेट अस्पताल गए, पर कुसुमलता ने पुलिसवाले को सरकारी अस्पताल ले जाने कोकहा. उस पुलिसवाले ने इन्द्रजीत और उसकी पत्नी को संजय गांधी अस्पताल के बाहर छोड़वहां से चला गया. फिलहाल इन्द्रजीत गुरुनानक आई सेंटर में भर्ती है.