गगनयान और चंद्रयान-3 को लेकर ISRO ने बड़े ऐलान किये हैं
इसी महीने शुरू हो जाएगी अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग.
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2022 में गगनयान अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. ये भारत का पहला मानव मिशन होगा. फोटो- इंडिया टुडे मैग्ज़ीन
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गगनयान. अंतरिक्ष में भारत का पहला मानव मिशन. इसे लेकर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं. IRSO चीफ के सिवन ने 1 जनवरी को बताया कि गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन कर लिया गया है. उनकी ट्रेनिंग जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हो जाएगी. रूस में.
गगनयान मिशन की घोषणा 2018 में पीएम मोदी ने की थी. 15 अगस्त के मौके पर. इस मिशन के लिए एक कैप्सूलनुमा अंतरिक्षयान तैयार किया गया है, जिसमें सवार होकर तीन एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में जाएंगे. वो सात दिन तक वहीं रहेंगे. यह मिशन सफल रहा तो भारत अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा. इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन इंसान को अंतरिक्ष भेज चुके हैं. वायुसेना के पूर्व पायलट राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले और इकलौते भारतीय नागरिक हैं.
2018 में सरकार ने बताया था कि गगनयान मिशन में 100 अरब रुपये से कम खर्च आएगा. सिवन ने बताया कि गगनयान के सिस्टम्स की टेस्टिंग जारी है. उन्होंने बताया कि एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग इस साल बड़ी एक्टिविटी होगी. 2022 में इस मिशन को लॉन्च किया जाएगा.
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चंद्रयान 3 पर क्या कहा?
के सिवन ने बताया कि भारत के अगले मून मिशन चंद्रयान 3 को भी अप्रूवल मिल गया है. उन्होंने कहा कि यह मिशन 2021 में लॉन्च किया जाएगा. चंद्रयान 2 की तरह ही चंद्रयान 3 में एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल रहेगा. उन्होंने बताया कि चंद्रयान 3 मिशन 250 करोड़ रुपये में पूरा हो जाएगा. इस दौरान सिवन ने चंद्रयान 2 पर भी बात की. जो लगभग सफल रहा लेकिन विक्रम की क्रैश लैंडिंग की वजह से पूरी तरह सफल नहीं हो सका. सिवन ने चेन्नई के टेकी शनमुगा सुब्रमण्यम को विक्रम लैंडर की जगह ढूंढ़ने के लिए भी बधाई दी. उन्होंने बताया कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर अच्छे से काम कर रहा है और वह अगले सात साल तक हमें चांद का डेटा देता रहेगा.Indian Space Research Organisation Chief K Sivan: Government has approved Chandrayan-3, the project is ongoing. pic.twitter.com/KcJVQ1KHG7
— ANI (@ANI) January 1, 2020
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